गायत्री जयंती पर्व Temariya: 25 लाख गायत्री मंत्र जप और यज्ञ से विश्व कल्याण की प्रार्थना
मनावर, जिला धार। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में गायत्री चेतना केंद्र द्वारा ग्राम टेमरिया में गायत्री जयंती पर्व Temariya श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मां गायत्री का विधिवत पूजन, 25 लाख गायत्री मंत्रों का अखंड जप एवं यज्ञ का आयोजन कर विश्व शांति और मानव कल्याण की प्रार्थना की गई।
गायत्री परिवार के कार्यकर्ता गिरधारी लाल मालवीय ने अपने उद्बोधन में कहा कि मां गंगा, गीता और गायत्री कलयुग में मोक्ष प्रदान करने वाली दिव्य शक्तियां हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को गंगा स्नान, श्रीमद्भगवद्गीता का अध्ययन तथा गायत्री मंत्र का नियमित जाप करना चाहिए। गायत्री मंत्र आज जन-जन का मंत्र बन चुका है और इसके माध्यम से जीवन की अनेक कठिनाइयों का समाधान संभव है।
उन्होंने बताया कि मां गायत्री को अमृत, पारस, कल्पवृक्ष, कामधेनु और ब्रह्मास्त्र की संज्ञा दी गई है। गायत्री चालीसा में भी मां गायत्री को सरस्वती, लक्ष्मी, काली और दुर्गा का स्वरूप बताया गया है। नियमित गायत्री मंत्र जप से व्यक्ति को ज्ञान, धन, शक्ति और सद्बुद्धि की प्राप्ति होती है।
विश्व कल्याण के लिए 25 लाख मंत्र जप
गायत्री जयंती पर् Temariya के दौरान गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं ने विश्व शांति और मानव कल्याण के उद्देश्य से 25 लाख गायत्री मंत्रों का अखंड जप किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण वैदिक मंत्रों और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।
यज्ञ में दी गई महामृत्युंजय मंत्र की आहुतियां
मंत्र जप के उपरांत सामूहिक यज्ञ का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने महामृत्युंजय मंत्र की आहुतियां देकर विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि एवं मानवता के मंगल की कामना की। गायत्री परिवार के सदस्यों ने बताया कि यज्ञ से वातावरण की शुद्धि होने के साथ-साथ सत्कर्मों की प्रेरणा भी प्राप्त होती है।
भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण
कार्यक्रम में बादल भालके एवं भुवान सिंह मुवेल ने प्रेरणादायक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भक्ति गीतों के साथ पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
इस अवसर पर आशीष जायसवाल, संजय जायसवाल, भारत वास्केल, भारत मंडलोई सहित ग्राम टेमरिया, देवरा, खंडलाई एवं सीतापुरी के गायत्री परिवार के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सफलता में सक्रिय सहभागिता निभाई।
गायत्री परिवार के पदाधिकारियों ने समाज में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना और सेवा भाव को बढ़ावा देने का संदेश देते हुए नियमित गायत्री मंत्र जप एवं यज्ञ को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
रिपोर्ट: पंडित कुशाग्र, मनावर जिला धार


