Indore Shishukunj School Food Poisoning मामले में इंदौर के प्रतिष्ठित शिशुकुंज स्कूल के 150 से अधिक बच्चे बीमार हो गए। खाद्य विभाग ने किचन सील कर 23 सैंपल जांच के लिए भेजे। एक्सपायरी मसाले और खराब आइसक्रीम मिलने से हड़कंप मच गया।
Indore Shishukunj School Food Poisoning: इंदौर के प्रतिष्ठित स्कूल में मचा हड़कंप
इंदौर शहर के प्रतिष्ठित शिशुकुंज स्कूल में बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी एक गंभीर घटना सामने आई है। Indore Shishukunj School Food Poisoning मामले में 150 से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश देखा गया।
जानकारी के अनुसार शनिवार को स्कूल की प्राइमरी विंग में बच्चों ने मेस का भोजन किया था। इसके कुछ घंटों बाद बड़ी संख्या में बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और कमजोरी की शिकायत होने लगी। कई बच्चों को चिकित्सकों के पास ले जाना पड़ा, जहां उन्हें गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डिहाइड्रेशन से पीड़ित पाया गया।
150 से अधिक बच्चों की बिगड़ी तबीयत
अभिभावकों के अनुसार चौथी कक्षा तक के अनेक बच्चों की तबीयत शनिवार शाम से बिगड़नी शुरू हो गई थी। रविवार और सोमवार तक भी कई बच्चों में उल्टी, पेट दर्द और दस्त जैसी शिकायतें बनी रहीं।
डॉक्टरों का कहना है कि बड़ी संख्या में बच्चों में समान लक्षण पाए जाने से खाद्य विषाक्तता (Food Poisoning) की आशंका मजबूत होती है।
आइसक्रीम पर सबसे ज्यादा संदेह
Indore Shishukunj School Food Poisoning मामले में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अभिभावकों से बातचीत की गई।जांच में यह बात सामने आई कि बीमार हुए अधिकांश बच्चों ने स्कूल द्वारा वितरित की गई आइसक्रीम खाई थी।
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल में लाई गई आइसक्रीम को निर्धारित तापमान पर फ्रीजर में सुरक्षित नहीं रखा गया। इसके कारण आइसक्रीम पिघल गई और उसमें बैक्टीरिया विकसित हो गए, जिससे बच्चों की तबीयत खराब हुई।हालांकि अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
सोमवार सुबह स्कूल में हुआ जमकर हंगामा
जब बच्चों की तबीयत बिगड़ने की शिकायतें बढ़ीं तो सोमवार सुबह बड़ी संख्या में अभिभावक शिशुकुंज स्कूल पहुंचे।अभिभावकों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना था कि घटना के बाद भी कोई वरिष्ठ अधिकारी उनसे चर्चा करने नहीं आया।
नाराज अभिभावकों ने स्कूल के प्रशासनिक ब्लॉक का घेराव किया और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
खाद्य विभाग की टीम ने की बड़ी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम स्कूल पहुंची।निरीक्षण के दौरान टीम ने स्कूल किचन की विस्तृत जांच की। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद किचन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जांच में मिली एक्सपायरी सामग्री
Indore Shishukunj School Food Poisoning मामले की जांच के दौरान किचन में कई खाद्य सामग्री एक्सपायरी डेट के बाद भी उपयोग में पाई गई।
निरीक्षण में मिले:
- एक्सपायरी मसालों के 10 पैकेट
- नमकीन के 2 पैकेट
- आचार मसाला
- सेव सहित अन्य खाद्य सामग्री
अधिकारियों के अनुसार इन वस्तुओं का उपयोग बच्चों के लिए भोजन तैयार करने में किया जा रहा था।यह लापरवाही बेहद गंभीर मानी जा रही है।
23 खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए
खाद्य विभाग ने कुल 23 नमूने एकत्र किए हैं।इनमें शामिल हैं:
- पनीर
- आइसक्रीम
- छह प्रकार के मसाले
- शरबत
- राजमा
- खाद्य तेल
- नमकीन
- चार प्रकार की दाल
- दूध
- तैयार दाल
- कोफ्ते
- कोफ्ते की सब्जी
- चावल
- रोटी
- पीने का पानी
सभी नमूनों को परीक्षण के लिए भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है।रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने जारी की अपील
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी स्कूल, हॉस्टल, मेस, कैंटीन या खाद्य प्रतिष्ठान में गंदगी, मिलावट, अस्वच्छता या खाद्य सुरक्षा संबंधी अनियमितताएं दिखाई दें तो तत्काल शिकायत करें।शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर:0731-181 पर संपर्क किया जा सकता है।
स्कूल प्रबंधन पर उठ रहे बड़े सवाल
इस घटना ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।मुख्य सवाल:
- एक्सपायरी सामग्री किचन में क्यों रखी गई?
- खाद्य पदार्थों की नियमित जांच क्यों नहीं हुई?
- आइसक्रीम को उचित तापमान पर क्यों नहीं रखा गया?
- बच्चों की शिकायतों के बाद तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
इन सवालों के जवाब अब जांच रिपोर्ट के बाद सामने आएंगे।
रिपोर्ट आने के बाद होगी अगली कार्रवाई
खाद्य विभाग द्वारा भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।यदि जांच में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।फिलहाल किचन सील कर दिया गया है और प्रशासन मामले की निगरानी कर रहा है।
निष्कर्ष
Indore Shishukunj School Food Poisoning मामला केवल एक स्कूल की लापरवाही नहीं बल्कि बच्चों की खाद्य सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गया है। 150 से अधिक बच्चों के बीमार होने की घटना ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें भोपाल लैब से आने वाली रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
