गोशाला दान के तहत Nagda के कांकरिया परिवार ने अपने दिवंगत पुत्र की पुण्यतिथि पर भीलसूडा गोशाला में ₹25 हजार की सहयोग राशि भेंट की। परिवार वर्षों से जीवदया और समाजसेवा के कार्यों में योगदान देता आ रहा है।
गोशाला दान: कांकरिया परिवार ने पुत्र की पुण्यतिथि पर दी ₹25 हजार की प्रेरणादायक सहयोग राशि
Nagda| दैनिक स्वराज वाणी
गोशाला दान की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नागदा के प्रतिष्ठित कांकरिया परिवार ने अपने दिवंगत पुत्र की स्मृति में भीलसूडा स्थित गोशाला के विकास हेतु 25 हजार रुपये की सहयोग राशि भेंट की। यह योगदान न केवल गौसेवा के प्रति परिवार की आस्था को दर्शाता है, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है।
आज के दौर में जहां लोग अपनों की यादों को विभिन्न माध्यमों से जीवित रखते हैं, वहीं कांकरिया परिवार ने सेवा, जीवदया और गौसंरक्षण को अपने पुत्र की स्मृति से जोड़कर समाज के सामने एक अनुकरणीय मिसाल कायम की है।
गोशाला दान की प्रेरणादायक पहल
गोशाला दान भारतीय संस्कृति में सदियों से पुण्य और सेवा का प्रतीक माना जाता है। नागदा के कांकरिया परिवार ने इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अपने दिवंगत पुत्र की पुण्यतिथि पर गोशाला के विकास के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया।
परिवार द्वारा दी गई 25 हजार रुपये की राशि का उपयोग भीलसूडा स्थित गोशाला में गौवंश के संरक्षण, देखभाल और आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए किया जाएगा।
11 वर्ष पहले खोया था होनहार पुत्र
जानकारी के अनुसार कांकरिया परिवार ने लगभग 11 वर्ष पूर्व अपने होनहार पुत्र को असमय खो दिया था। इस अपूरणीय क्षति के बावजूद परिवार ने दुख को समाजसेवा की शक्ति में परिवर्तित किया।
परिवार का मानना है कि किसी भी प्रियजन की स्मृति को जीवित रखने का सबसे श्रेष्ठ माध्यम सेवा और परोपकार है। इसी सोच के साथ प्रत्येक वर्ष उनकी पुण्यतिथि पर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक कार्यों में सहयोग दिया जाता है।
जीवदया और समाजसेवा से जुड़ी स्मृतियां
कांकरिया परिवार वर्षों से जीवदया, गौसेवा और अन्य सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से सहयोग करता रहा है।
परिवार द्वारा समय-समय पर जरूरतमंदों की सहायता, धार्मिक संस्थाओं को सहयोग और जीवों की रक्षा के लिए योगदान दिया जाता रहा है।इस वर्ष गोशाला दान के माध्यम से परिवार ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सच्ची श्रद्धांजलि वही है जो समाज और जीवों के कल्याण के लिए समर्पित हो।
भीलसूडा गोशाला को मिली सहयोग राशि
भीलसूडा स्थित गोशाला क्षेत्र में गौसेवा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में गौवंश का संरक्षण और पालन-पोषण किया जाता है।
कांकरिया परिवार द्वारा प्रदान की गई ₹25 हजार की सहयोग राशि गोशाला के विकास कार्यों में उपयोग की जाएगी। इस राशि से पशुओं के चारे, चिकित्सा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे गणमान्यजन
इस अवसर पर अनेक सामाजिक, धार्मिक और जैन समाज के प्रमुख लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित लोगों में—
- हेमंत कांकरिया
- सुरेंद्र कांकरिया
- सूजय कांकरिया
- गोशाला अध्यक्ष शरद जैन
- उपाध्यक्ष शरद जैन
- श्री संघ अध्यक्ष मनीष सालेचा
- व्होरा सचिव हर्षित नागदा
- महावीर इंटरनेशनल के संस्थापक अध्यक्ष राजेश गेलड़ा
- मुकेश धोका
- मुकेश पोरवाल
- उमेश जगताप
- कमलनयन चपलोत
सहित अनेक समाजजन मौजूद रहे।सभी उपस्थितजनों ने कांकरिया परिवार की इस सेवा भावना की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
गौसेवा का सामाजिक महत्व
भारतीय संस्कृति में गौसेवा को विशेष महत्व दिया गया है। गोशालाएं केवल पशुओं के संरक्षण का केंद्र नहीं हैं बल्कि समाज में करुणा, सेवा और सह-अस्तित्व की भावना को भी मजबूत करती हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि समाज के सक्षम लोगों द्वारा समय-समय पर गोशाला दान करने से गौवंश संरक्षण को नई ऊर्जा मिलती है और गोशालाओं का संचालन बेहतर ढंग से हो पाता है।
समाज के लिए प्रेरणा बना कांकरिया परिवार
कांकरिया परिवार का यह प्रयास बताता है कि व्यक्तिगत दुख को भी समाजहित में बदला जा सकता है।अपने पुत्र की स्मृति में हर वर्ष सेवा कार्यों को आगे बढ़ाकर परिवार ने यह सिद्ध किया है कि सच्ची श्रद्धांजलि केवल शब्दों से नहीं बल्कि कर्मों से दी जाती है।उनकी यह पहल समाज के अन्य लोगों को भी गौसेवा, जीवदया और जनकल्याण के कार्यों से जुड़ने की प्रेरणा देती है।
निष्कर्ष
Nagda के कांकरिया परिवार द्वारा किया गया गोशाला दान केवल आर्थिक सहयोग नहीं बल्कि संवेदनाओं, संस्कारों और सेवा भावना का प्रतीक है। अपने दिवंगत पुत्र की पुण्यतिथि पर भीलसूडा गोशाला को ₹25 हजार की सहयोग राशि भेंट कर परिवार ने समाज के सामने एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।गौसेवा और जीवदया के प्रति उनकी यह निष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
रिपोर्ट: जीवनलाल जैन, Nagda| मो. 9179662633


