स्मृति नगर संत सदन लोकार्पण समारोह Indore में पूज्य मुनि श्री विमल सागर जी एवं मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के करकमलों से हुए शिलान्यास का सपना साकार हुआ। जानें समारोह की पूरी रिपोर्ट।
स्मृति नगर संत सदन लोकार्पण: पूज्य मुनि श्री विमल सागर जी के सानिध्य में साकार हुआ आचार्य विद्यासागर जी का स्वप्न
रिपोर्ट: सतीश जैन (इला बैंक), प्रचार प्रमुख, दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद, Indore
Indore। स्मृति नगर दिगंबर जैन समाज के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण रहा, जब समाज की श्रद्धा, सेवा और सामूहिक समर्पण से निर्मित नवीन संत सदन का भव्य लोकार्पण पूज्य मुनि श्री विमल सागर जी महाराज एवं मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ। यह वही भवन है जिसका शिलान्यास समाधिस्थ संत आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के करकमलों से हुआ था और जिसे लेकर उन्होंने भविष्य में संतों के निवास एवं चातुर्मास की आवश्यकता पर विशेष बल दिया था।
स्मृति नगर संत सदन लोकार्पण का ऐतिहासिक महत्व
स्मृति नगर संत सदन लोकार्पण केवल एक भवन का उद्घाटन नहीं बल्कि वर्षों पुरानी एक आध्यात्मिक भावना का साकार रूप है। दिगंबर जैन समाज स्मृति नगर ने संतों के निवास, चातुर्मास और धर्म प्रभावना को ध्यान में रखते हुए इस संत सदन का निर्माण कराया है।
समाज के पदाधिकारियों के अनुसार यह भवन आने वाले समय में साधु-संतों के प्रवास, धार्मिक गतिविधियों तथा समाज के आध्यात्मिक उत्थान का प्रमुख केंद्र बनेगा।
आचार्य विद्यासागर जी की प्रेरणा से हुआ निर्माण
कार्यक्रम में अपने उद्बोधन के दौरान पूज्य मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ने कहा कि जब आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चरण स्मृति नगर में पड़े थे, तभी इस भवन का शिलान्यास उनके करकमलों से हुआ था।
मुनिश्री ने बताया कि आचार्य श्री कहा करते थे कि मंदिर निर्माण जितना आवश्यक है, उतना ही आवश्यक संतों के लिए उचित निवास स्थान का निर्माण भी है। यदि संतों के लिए धाम नहीं होगा तो उनके प्रवास और चातुर्मास की व्यवस्था कैसे होगी।
इसी भावना को ध्यान में रखते हुए स्मृति नगर दिगंबर जैन समाज ने वर्षों पहले संत सदन निर्माण का संकल्प लिया था, जो आज पूर्ण होकर समाज को समर्पित हुआ है।
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ भव्य लोकार्पण
लोकार्पण समारोह के अवसर पर प्रातः 6 बजे से विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
प्रमुख धार्मिक आयोजन
- जाप्यानुष्ठान
- श्रीजी का अभिषेक
- शांतिधारा
- संगीतमय पूजन
- शांति विधान
- संत सदन लोकार्पण समारोह
- धर्मसभा एवं प्रवचन
धार्मिक वातावरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्यार्जन किया।
समाज के सहयोग से साकार हुआ संत सदन
दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के प्रचार प्रमुख सतीश जैन ने बताया कि इस भव्य परियोजना को अनेक परिवारों के सहयोग और समर्पण से पूर्ण किया गया।
प्रमुख सहयोगी परिवार
लोकार्पणकर्ता
- भरत मोदी – कुसुम मोदी परिवार
सहयोगी परिवार
- संजय पाटोदी – श्रीमती अर्चना पाटोदी परिवार
शिखर पूंज
- मनोज बाकलीवाल परिवार
महामहिम परिवार
- सिंपल जी – अंकिता जी जैन परिवार
इन सभी परिवारों का समाज द्वारा सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया गया।
निर्माणाधीन श्वेत पाषाण जिनालय का भी किया अवलोकन
स्मृति नगर जैन समाज के अध्यक्ष स्वर्ण जैन ने जानकारी दी कि परिसर में निर्मित हो रहा भव्य श्वेत पाषाण जिनालय तेजी से आकार ले रहा है।
लोकार्पण समारोह में उपस्थित संतों, समाज श्रेष्ठियों और श्रद्धालुओं ने निर्माणाधीन जिनालय का अवलोकन किया तथा इसके शीघ्र पूर्ण होने की मंगलकामना की।यह जिनालय भविष्य में क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में शामिल होगा।
विधानाचार्यों ने संपन्न कराए धार्मिक कार्यक्रम
समारोह के विधानाचार्य बाल ब्रह्मचारी सुनील भैया जी रहे।वहीं उनके सहयोगी के रूप में श्री पारस जी शास्त्री ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।दोनों के मार्गदर्शन में सभी धार्मिक कार्यक्रम विधि-विधान एवं आध्यात्मिक गरिमा के साथ संपन्न हुए।
समाज और जनप्रतिनिधियों का मिला विशेष सहयोग
कार्यक्रम की सफलता में स्मृति नगर जैन समाज के पदाधिकारियों एवं समाजजनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
प्रमुख सहयोगी
- सुनील जैन (उपाध्यक्ष)
- सत्येंद्र जैन
- पारस जैन
- संजय जैन
साथ ही वार्ड पार्षद श्रीमती सोनाली धारकर का भी विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
बड़ी संख्या में समाजश्रेष्ठियों की रही उपस्थिति
इस ऐतिहासिक अवसर पर शहरभर के समाजश्रेष्ठी, समाजसेवी एवं जैन समाज के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
प्रमुख उपस्थितजन
- सचिन जैन
- राहुल जैन स्पोर्ट्स
- आनंद गोधा
- सतीश डबढेरा
- विशाल जैन
- कमल अग्रवाल
- अनिल रावत
- चंद्रेश जैन
इसके अतिरिक्त दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद एवं रेवती रेंज के अनेक पदाधिकारी एवं समाजजन कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
स्मृति नगर संत सदन लोकार्पण से जैन समाज को मिलेगी नई दिशा
धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से यह संत सदन जैन समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संत निवास केंद्र न केवल साधु-संतों के प्रवास को सुगम बनाते हैं, बल्कि समाज में धार्मिक चेतना, संस्कार और आध्यात्मिक जागरण को भी बढ़ावा देते हैं।
स्मृति नगर में निर्मित यह संत सदन आने वाले वर्षों में चातुर्मास, धर्मसभाओं, प्रवचनों एवं आध्यात्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है।
निष्कर्ष
स्मृति नगर संत सदन लोकार्पण समारोह ने यह सिद्ध कर दिया कि समाज की सामूहिक भावना, सेवा और समर्पण से बड़े से बड़ा सपना साकार किया जा सकता है। समाधिस्थ संत आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज द्वारा देखे गए इस स्वप्न को समाज ने पूर्ण कर एक नई धार्मिक धरोहर का निर्माण किया है।पूज्य मुनि श्री विमल सागर जी महाराज एवं मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज के सानिध्य में संपन्न यह आयोजन न केवल स्मृति नगर बल्कि पूरे indore जैन समाज के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायक बन गया।



