अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर ब्रह्माकुमारीज इंदौर में भव्य आयोजन हुआ। हेमलता दीदी ने योग के साथ राजयोग अपनाने का संदेश दिया। सैकड़ों लोगों ने स्वस्थ, सुखी और नशामुक्त जीवन का संकल्प लिया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर ब्रह्माकुमारीज इंदौर में गूंजा संदेश – “योग के साथ राजयोग अपनाकर करें सर्वांगीण विकास”
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के क्षेत्रीय मुख्यालय न्यू पलासिया स्थित ज्ञान शिखर परिसर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। सफेद वस्त्रधारी सैकड़ों भाई-बहनों ने योगाचार्य बहन ममता गर्गव के मार्गदर्शन में योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। साथ ही राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से विश्व शांति एवं सद्भावना के संकल्प लिए गए।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का महत्व
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 पूरी दुनिया में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। भारत की प्राचीन योग परंपरा आज वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का स्वरूप ले चुकी है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक संतुलन का माध्यम भी है।इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए इंदौर स्थित ब्रह्माकुमारीज संस्थान ने योग और राजयोग के समन्वय का विशेष संदेश दिया।
ब्रह्माकुमारीज इंदौर में भव्य आयोजन
न्यू पलासिया स्थित ओमप्रकाश भाईजी सभागृह, ज्ञान शिखर में सुबह 7 बजे से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। योगाचार्य बहन ममता गर्गव के निर्देशन में उपस्थित भाई-बहनों ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास किया।
कार्यक्रम के दौरान राजयोग मेडिटेशन द्वारा विश्व शांति, प्रेम और भाईचारे के सकारात्मक संकल्पों का संचार किया गया।
योग और राजयोग का समन्वय
कार्यक्रम में “योग द्वारा स्वस्थ तन, शांत मन और दिव्य जीवन” विषय पर विशेष परिचर्चा आयोजित की गई।
हेमलता दीदी ने दिया विशेष संदेश
इंदौर जोन की क्षेत्रीय निर्देशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने कहा कि नियमित योग से शरीर स्वस्थ रहता है, लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव और चिंता भी बड़ी समस्या बन चुके हैं।उन्होंने कहा—
“योग शरीर को स्वस्थ बनाता है, जबकि राजयोग आत्मा को शक्ति देता है। परमात्मा से जुड़कर मन में शांति, संतोष और सकारात्मकता का विकास होता है।”
अष्टांग योग और भारतीय संस्कृति
विशिष्ट अतिथि शुभदीप आयुर्वेदिक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जयशंकर प्रसाद ने कहा कि योग भारत की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है।उन्होंने महर्षि पतंजलि के अष्टांग योग की विस्तृत व्याख्या करते हुए बताया कि—
- यम
- नियम
- आसन
- प्राणायाम
- प्रत्याहार
- धारणा
- ध्यान
- समाधि
मानव जीवन को संतुलित और सफल बनाने के महत्वपूर्ण आधार हैं।
राजयोग से मानसिक स्वास्थ्य को मजबूती
ब्रह्माकुमारी विमला दीदी का उद्बोधन
जबलपुर से पधारी वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी विमला दीदी ने कहा कि आज मानसिक रोग तेजी से बढ़ रहे हैं।उन्होंने कहा कि अस्पताल शारीरिक रोगों का उपचार कर सकते हैं, लेकिन मन की शांति के लिए राजयोग एक प्रभावी औषधि है।राजयोग से—
- तनाव कम होता है
- आत्मविश्वास बढ़ता है
- सकारात्मक सोच विकसित होती है
- सामाजिक संबंध बेहतर होते हैं
- आध्यात्मिक उन्नति होती है
आयुष विभाग ने भी दिया स्वास्थ्य संदेश
आयुष विभाग से उपस्थित डॉ. शीतल सोलंकी ने कहा कि योग केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं होना चाहिए।उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति नियमित योग करे तो कई बीमारियों की उत्पत्ति ही नहीं होगी। योग हर आयु वर्ग के लोगों के लिए लाभकारी है और स्वस्थ समाज निर्माण का आधार बन सकता है।
राजयोग की गहन अनुभूति
शक्ति निकेतन की संचालिका करुणा दीदी ने उपस्थित जनसमूह को राजयोग का वास्तविक अर्थ समझाते हुए ध्यान की विशेष अनुभूति कराई।उन्होंने बताया कि राजयोग आत्मा और परमात्मा के मिलन की प्रक्रिया है जो व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।
योगा डांस ने बांधा समां
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।इस अवसर पर शक्ति निकेतन की कुमारियों ने देशभक्ति गीतों पर आकर्षक योगा डांस प्रस्तुत किया। योग और संस्कृति के इस अनूठे संगम ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।
10 लाख लोगों ने लिया स्वस्थ जीवन का संकल्प
कार्यक्रम का संचालन प्रेमनगर क्षेत्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी शशि दीदी ने किया।ब्रह्माकुमारी संस्थान के अनुसार पूरे देश में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 10 लाख लोगों ने स्वस्थ, सुखी और नशामुक्त जीवन अपनाने का संकल्प लिया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का संदेश
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का मुख्य संदेश यही रहा कि केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही पर्याप्त नहीं है। मानसिक शांति, आध्यात्मिक जागरूकता और सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण भी उतने ही आवश्यक हैं।योग और राजयोग का संयुक्त अभ्यास व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में संतुलन और सफलता प्रदान कर सकता है।




