Nagda जान से मारने की धमकी मामला सामने आया है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष यशपाल सिंह सिसोदिया ने लक्ष्मण सिंह शेखावत और जगदीश सिंह शेखावत के खिलाफ बिरलाग्राम थाने में शिकायत देकर जान से मारने की धमकी, रास्ता विवाद और धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं।
Nagda जान से मारने की धमकी मामला: रास्ता विवाद में यशपाल सिंह सिसोदिया ने पुलिस से लगाई सुरक्षा की गुहार
Nagdaजान से मारने की धमकी मामला: क्या है पूरा विवाद?
Nagda शहर में रास्ते को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के मध्यप्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष यशपाल सिंह सिसोदिया ने बिरलाग्राम थाने में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।
यशपाल सिंह सिसोदिया के अनुसार उन्होंने वर्ष 2016 में उप-पंजीयक कार्यालय नागदा से विधिवत पंजीकृत विक्रय पत्र के माध्यम से एक प्लॉट खरीदा था, जिस पर वर्तमान में उनका मकान निर्मित है। इसी संपत्ति से जुड़े रास्ते को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है।
यशपाल सिंह सिसोदिया ने क्या आरोप लगाए?
यशपाल सिंह सिसोदिया ने अपनी शिकायत में कहा है कि जगदीश सिंह शेखावत और उनके भाई लक्ष्मण सिंह शेखावत द्वारा रास्ते को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि लक्ष्मण सिंह शेखावत बार-बार फोन कर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।सिसोदिया का कहना है कि आरोपियों द्वारा रास्ता बेचने की साजिश, पंजीकृत विक्रय पत्र की शर्तों का उल्लंघन और धोखाधड़ी जैसे गंभीर कृत्य किए गए हैं।
रास्ते को लेकर कैसे शुरू हुआ विवाद?
शिकायत के अनुसार यशपाल सिंह सिसोदिया ने दिनांक 13 जुलाई 2016 को उप-पंजीयक कार्यालय नागदा से पंजीकृत विक्रय पत्र क्रमांक MP43172016/1410624 के माध्यम से भूमि सर्वे नंबर 1112/मीन/4 स्थित प्लॉट खरीदा था।यह प्लॉट नगर पालिका सीमा नागदा के वार्ड क्रमांक 15 स्थित आदिनाथ कॉलोनी क्षेत्र में स्थित है।रजिस्ट्री में प्लॉट की उत्तर दिशा में 12 फीट चौड़ा रास्ता दर्ज है, जिसका उपयोग सिसोदिया वर्ष 2016-17 से लगातार करते आ रहे हैं।
मकान की गैलरी और पाइपलाइन भी विवाद का कारण
यशपाल सिंह सिसोदिया ने बताया कि उनके मकान की लगभग 3 फीट की गैलरी और पानी निकासी की पाइपलाइन इसी रास्ते की ओर स्थित है।उन्होंने विवाद समाप्त करने की मंशा से स्वयं गैलरी हटाने की सहमति भी दी थी, लेकिन वर्तमान में वर्षा ऋतु होने के कारण तत्काल तोड़फोड़ संभव नहीं है।सिसोदिया के अनुसार यदि पानी की पाइपलाइन घर के अंदर से निकाली जाती है तो मकान का फर्श भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाएगा।इसी कारण उन्होंने कहा कि यदि संरचनात्मक बदलाव किया जाता है तो उसका खर्च संबंधित पक्षों द्वारा वहन किया जाए।
फोन पर मिली जान से मारने की धमकी
बार-बार कॉल कर दी गई धमकियां
यशपाल सिंह सिसोदिया का आरोप है कि लक्ष्मण सिंह शेखावत लगातार फोन कर रहे हैं और उन्हें रास्ता तत्काल खाली करने के लिए दबाव बना रहे हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि फोन पर कहा गया कि यदि रास्ता खाली नहीं किया गया तो उन्हें और उनके परिवार को जान से खत्म कर दिया जाएगा।यह आरोप बेहद गंभीर है और इसी कारण उन्होंने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ऑडियो रिकॉर्डिंग को बनाया साक्ष्य
सिसोदिया ने बताया कि उनके पास धमकी भरे फोन कॉल्स की ऑडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित है।उन्होंने पुलिस को बताया कि आवश्यकता पड़ने पर यह रिकॉर्डिंग जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराई जा सकती है।इन रिकॉर्डिंग्स को शिकायत के समर्थन में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
परिवार में भय और मानसिक तनाव का माहौल
यशपाल सिंह सिसोदिया ने कहा कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण पूरा परिवार मानसिक तनाव और भय के माहौल में जी रहा है।उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।इसी कारण उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
बिरलाग्राम थाने में कार्रवाई की मांग
यशपाल सिंह सिसोदिया ने थाना प्रभारी, थाना बिरलाग्राम, नागदा जिला उज्जैन को लिखित आवेदन देकर मांग की है कि:
- मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
- धमकी देने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
- परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- भविष्य में किसी अप्रिय घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जाए।
भविष्य में होने वाली घटना की जिम्मेदारी तय करने की मांग
शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यदि भविष्य में यशपाल सिंह सिसोदिया या उनके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है अथवा जान-माल का नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी लक्ष्मण सिंह शेखावत पर तय की जाए।
निष्कर्ष
Nagda जान से मारने की धमकी मामला अब पुलिस जांच का विषय बन गया है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष यशपाल सिंह सिसोदिया द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद बिरलाग्राम थाना पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है। अब देखना होगा कि जांच के बाद पुलिस क्या कदम उठाती है और मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
यशपालसिंह सिसोदिया
म.प्र. कार्यकारी अध्यक्ष
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा
मो. नं. 98934 18319
