श्री नेमि गिरनार धर्मयात्रा को लेकर Ujjain जैन समाज ने बड़ा संकल्प लिया है। 5100 किलोमीटर लंबी इस धर्मयात्रा के इंदौर-उज्जैन संभाग में प्रवेश पर भव्य स्वागत और सम्मान किया जाएगा। 20 जुलाई को सैकड़ों नेमिभक्त गिरनार पहुंचेंगे।
श्री नेमि गिरनार धर्मयात्रा को लेकर Ujjain जैन समाज का बड़ा संकल्प, इंदौर-उज्जैन संभाग में होगा भव्य सम्मान
राजेश जैन दद्दू
इंदौर/उज्जैन।
श्री नेमि गिरनार धर्मयात्रा को लेकर मालवा अंचल के जैन समाज में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। दिल्ली से तीर्थराज गिरनार जी तक आयोजित होने वाली 5100 किलोमीटर लंबी इस भव्य धर्मयात्रा के स्वागत और सम्मान को लेकर उज्जैन जैन समाज ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया हैश्री आचार्य विद्यासागर अतिथि भवन, फ्रीगंज उज्जैन में आयोजित सकल जैन समाज की विशेष बैठक में यह संकल्प लिया गया कि जब श्री नेमि गिरनार धर्मयात्रा इंदौर-उज्जैन संभाग में प्रवेश करेगी, तब समाज द्वारा इसका भव्य स्वागत एवं ऐतिहासिक सम्मान किया जाएगा।धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि तीर्थराज गिरनार के संरक्षण, संवर्धन और गौरव को जन-जन तक पहुंचाने का राष्ट्रीय अभियान है।
श्री नेमि गिरनार धर्मयात्रा का महत्व
जैन धर्म में तीर्थराज गिरनार का विशेष महत्व माना जाता है। यह वही पावन भूमि है जहां भगवान नेमिनाथ ने मोक्षमार्ग का अनुसरण करते हुए तप और त्याग का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया था। इसी कारण गिरनार जैन समाज की आस्था का केंद्र माना जाता है।श्री नेमि गिरनार धर्मयात्रा का उद्देश्य देशभर के श्रद्धालुओं को गिरनार तीर्थ के महत्व से जोड़ना और इसके संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
उज्जैन से उठी समर्पण की आवाज
बैठक के दौरान उपस्थित समाजजनों ने तीर्थराज गिरनार के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि गिरनार केवल एक तीर्थ नहीं बल्कि जैन संस्कृति, तप और त्याग की जीवंत धरोहर है।उज्जैन की धरती से गिरनार जी की सुरक्षा, संरक्षण और धर्म प्रभावना के लिए पूर्ण समर्पण की भावना व्यक्त की गई।
जय नेमी, जय गिरनार से गूंजा सभागार
बैठक में उपस्थित समाजजन लगातार “जय नेमी, जय गिरनार” के जयकारे लगाते रहे। पूरा सभागार धार्मिक ऊर्जा और उत्साह से भर गया।समाजजनों ने संकल्प लिया कि तीर्थराज गिरनार की महिमा और गौरव को बनाए रखने के लिए उज्जैन का प्रत्येक परिवार सक्रिय भूमिका निभाएगा।
राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के राष्ट्रीय संवाहक एवं विश्व जैन संगठन मध्यप्रदेश के संयोजक मयंक जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे।इसके अलावा संवाहक एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र जैन भैयन (शिवपुरी) तथा चक्रेश जैन सिंघई भी कार्यक्रम में शामिल हुए।बैठक का सफल संचालन विश्व हिंदू परिषद के अनिल कासलीवाल, पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर फ्रीगंज के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सेठी तथा जैन संसद के महामंत्री सुनील जैन ट्रांसपोर्ट वाले ने किया।
ये प्रमुख समाजजन रहे उपस्थित
बैठक में श्री प्रदीप जैन झांझरी, श्री गौरव जैन लुहाड़िया, श्री प्रसन्न जैन बिलाला, श्री राहुल जैन, श्री जीवंधर जैन, श्री कमल जैन बड़जात्या, श्री इंदरमल जैन, श्री धर्मेंद्र जैन (ठेकेदार), श्री सुनील जैन (पत्रकार अक्षर विश्व), श्री वीरेंद्र जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
5100 किलोमीटर की ऐतिहासिक यात्रा
श्री नेमि गिरनार धर्मयात्रा 25 जून को दिल्ली से प्रारंभ होगी। यह यात्रा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के विभिन्न शहरों से होकर गुजरेगी।लगभग 5100 किलोमीटर की यह यात्रा देशभर के जैन समाज को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य करेगी।
8 जुलाई उज्जैन और 9 जुलाई इंदौर में भव्य स्वागत
यात्रा के दौरान 8 जुलाई को उज्जैन में समाज द्वारा भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को इंदौर में ऐतिहासिक स्वागत कार्यक्रम होगा।समाजजन इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए व्यापक तैयारियों में जुट गए हैं।
20 जुलाई को सैकड़ों नेमिभक्त पहुंचेंगे गिरनार
यात्रा 19 जुलाई को तीर्थराज गिरनार पहुंचेगी। इसके उपरांत 20 जुलाई को देशभर से पहुंचे सैकड़ों नेमिभक्त गिरनार पर्वत पर धर्म वंदना और तीर्थ आराधना करेंगे।आयोजकों का दावा है कि इस अवसर पर देशभर से लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज होगी।
जैन समाज का संकल्प
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि तीर्थराज गिरनार की महिमा, सुरक्षा और धार्मिक गौरव के लिए समाज निरंतर कार्य करेगा।उज्जैन जैन समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि श्री नेमि गिरनार धर्मयात्रा केवल एक यात्रा नहीं बल्कि धर्म, संस्कृति और आस्था को जोड़ने वाला राष्ट्रीय अभियान है।
