Pooja Jain ऑनलाइन फाइन आर्ट्स शिक्षा के क्षेत्र में भारत की अग्रणी हस्ती हैं। इंटरनेशनल फाइन आर्ट एकेडमी (IIFA) की स्थापना कर उन्होंने देश का पहला ऑनलाइन फाइन आर्ट्स शिक्षा पोर्टल विकसित किया, जिसे स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने सम्मानित किया।
Pooja Jain ऑनलाइन फाइन आर्ट्स शिक्षा: भारत के प्रथम ऑनलाइन फाइन आर्ट्स शिक्षा पोर्टल की स्थापना कर बनाया नया इतिहास
इंदौर | संवाददाता
भारत में कला शिक्षा को डिजिटल माध्यम से नई पहचान दिलाने वाली पूजा जैन ऑनलाइन फाइन आर्ट्स शिक्षा की अग्रणी हस्तियों में शामिल हो गई हैं। उन्होंने इंटरनेशनल फाइन आर्ट एकेडमी (आईफा) की स्थापना कर देश में ऑनलाइन फाइन आर्ट्स शिक्षा का मार्ग प्रशस्त किया है। यह संस्थान आज भारत ही नहीं बल्कि विश्व के विभिन्न देशों के विद्यार्थियों को भी कला शिक्षा प्रदान कर रहा है।
Pooja Jain की ऐतिहासिक उपलब्धि
Pooja Jain ऑनलाइन फाइन आर्ट्स शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐसा नाम बन चुकी हैं जिन्होंने भारत में कला शिक्षण को डिजिटल माध्यम से नई दिशा प्रदान की है। कला शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, उत्कृष्टता और तकनीक आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उन्होंने इंटरनेशनल फाइन आर्ट एकेडमी (आईफा) की स्थापना की।
उनके इस प्रयास ने कला सीखने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए भौगोलिक सीमाओं को समाप्त कर दिया है। आज हजारों विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से कला की बारीकियां सीख रहे हैं।
इंटरनेशनल फाइन आर्ट एकेडमी (IIFA) की स्थापना
आईफा की स्थापना का मुख्य उद्देश्य कला प्रतिभाओं को गुणवत्तापूर्ण, लचीली और तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है। संस्थान के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक और पारंपरिक दोनों प्रकार की कला शिक्षा प्रदान की जा रही है।संस्थान के ऑनलाइन परिसर में निम्न विषयों के पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं—
- रेखांकन (Drawing)
- चित्रकला (Painting)
- रंग सिद्धांत (Color Theory)
- डिज़ाइन
- व्यक्तिचित्र (Portrait)
- प्राकृतिक दृश्य चित्रण
- छपाई कला (Printmaking)
- डिजिटल डिज़ाइन
- भारतीय पारंपरिक कला
आज भारत के अलावा अमेरिका, कनाडा, यूके, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों के विद्यार्थी भी संस्थान से जुड़कर कला शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय अनुभव
पूजा जैन ने कला शिक्षा के क्षेत्र में उच्च अध्ययन किया है।
अंतरराष्ट्रीय डिग्री
उन्होंने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित Academy of Art University से फाइन आर्ट्स में एमएफए (Master of Fine Arts) की उपाधि प्राप्त की।
भारतीय शिक्षा
इसके साथ ही उन्होंने भारत के Indira Kala Sangeet Vishwavidyalaya से बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स (BFA) की डिग्री प्राप्त की।कला और तकनीक के समन्वय में उनकी विशेष रुचि ने उन्हें भारत में डिजिटल कला शिक्षा की अग्रणी विशेषज्ञों में स्थापित किया है।
ऑनलाइन कला शिक्षा की नई दिशा
Pooja Jain ऑनलाइन फाइन आर्ट्स शिक्षा मॉडल का उद्देश्य कला सीखने की प्रक्रिया को अधिक सुलभ, सुविधाजनक और प्रभावी बनाना है।डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विद्यार्थी—
- घर बैठे कला सीख सकते हैं।
- विशेषज्ञ शिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
- लाइव और रिकॉर्डेड क्लासेस का लाभ उठा सकते हैं।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर की कला शिक्षा तक पहुंच बना सकते हैं।
यह मॉडल नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रहा है।
देश-विदेश में कला प्रदर्शनियां
पूजा जैन की कलाकृतियों का प्रदर्शन भारत, इटली और अमेरिका में आयोजित विभिन्न एकल एवं सामूहिक कला प्रदर्शनियों में हो चुका है।उनकी कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त हुई है। कला के प्रति उनकी समर्पित सोच और नवीन प्रयोगों ने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई है।
इटली में मिली छात्रवृत्ति
वर्ष 2010 में Academy of Art University द्वारा पूजा जैन को इटली में अध्ययन के लिए विशेष छात्रवृत्ति प्रदान की गई थी।यह उपलब्धि उनके कलात्मक कौशल और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण मानी जाती है।
स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स का सम्मान
स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा जारी प्रशस्ति-पत्र में उल्लेख किया गया है कि पूजा जैन ऑनलाइन फाइन आर्ट्स शिक्षा की अवधारणा को भारत में स्थापित करने वाली अग्रणी व्यक्तित्व हैं।
रिकॉर्ड्स संस्था के अनुसार उन्होंने—
- भारत में ऑनलाइन फाइन आर्ट्स शिक्षा की शुरुआत की।
- डिजिटल माध्यम से कला शिक्षण को नई पहचान दी।
- विश्वभर के विद्यार्थियों के लिए कला शिक्षा को सुलभ बनाया।
- कला और तकनीक के सफल समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत किया।
कला और तकनीक का अनूठा संगम
पूजा जैन का मानना है कि भविष्य की शिक्षा डिजिटल माध्यमों पर आधारित होगी। इसी सोच के साथ उन्होंने कला शिक्षा को तकनीकी प्लेटफॉर्म से जोड़ा।उनका यह प्रयास आज हजारों विद्यार्थियों को लाभ पहुंचा रहा है और भारतीय कला शिक्षा को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिला रहा है।
स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने दी बधाई
इस अवसर पर स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के संस्थापक वीरेन्द्रकुमार जैन एवं डायरेक्टर रेखा जैन ने पूजा जैन को बधाई देते हुए कहा कि उनका योगदान भारत में कला शिक्षा के डिजिटलीकरण का एक ऐतिहासिक अध्याय है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।
निष्कर्ष
Pooja Jain ऑनलाइन फाइन आर्ट्स शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी नाम बन चुकी हैं। इंटरनेशनल फाइन आर्ट एकेडमी की स्थापना के माध्यम से उन्होंने कला शिक्षा को नई दिशा दी है। उनका यह प्रयास न केवल भारत बल्कि विश्वभर के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कला शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

