JCI शाहीबाग और जेसीआई एलुमनी क्लब अहमदाबाद रीजन द्वारा IKDRC-ITS अस्पताल को वॉटर डिस्पेंसर भेंट
अहमदाबाद में मानव सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल
अहमदाबाद, 1 जून 2026: शहर की अग्रणी सामाजिक संस्था JCI शाहीबाग और जेसीआई एलुमनी क्लब अहमदाबाद रीजन ने मानव सेवा और समाज कल्याण की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाते हुए श्रीमती जी.आर. दोशी और श्रीमती के.एम. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजीज एंड रिसर्च सेंटर (IKDRC) तथा डॉ. एच.एल. त्रिवेदी इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसप्लांटेशन साइंसेज (ITS) को दो प्रीमियम वॉटर डिस्पेंसर भेंट किए।
यह पहल अस्पताल में आने वाले हजारों मरीजों और उनके परिजनों को शुद्ध एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। गर्मी के मौसम और लगातार बढ़ते मरीजों के दबाव को देखते हुए यह योगदान अत्यंत उपयोगी माना जा रहा है।
अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या और जरूरतों को देखते हुए पहल
संस्था के पूर्व अध्यक्ष मुकेश आर. चौपड़ा ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि IKDRC-ITS राज्य का एक प्रमुख राजकीय अस्पताल है, जहां गुजरात ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में किडनी और लीवर रोगी उपचार के लिए आते हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में प्रतिदिन भारी भीड़ रहती है और गर्मी के मौसम में मरीजों तथा उनके परिजनों को शुद्ध और ठंडे पानी की गंभीर आवश्यकता महसूस होती है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जेसीआई शाहीबाग और जेसीआई एलुमनी क्लब ने संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया कि अस्पताल परिसर में दो उच्च गुणवत्ता वाले वॉटर डिस्पेंसर स्थापित किए जाएं।
यह कदम केवल एक भौतिक दान नहीं बल्कि मरीजों की दैनिक कठिनाइयों को कम करने की दिशा में एक मानवीय प्रयास है।
वॉटर डिस्पेंसर भेंट कार्यक्रम का आयोजन
वॉटर डिस्पेंसर भेंट करने का कार्यक्रम अस्पताल परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें दोनों संस्थाओं के पदाधिकारी, अस्पताल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सा स्टाफ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में वॉटर डिस्पेंसर औपचारिक रूप से अस्पताल प्रशासन को सौंपे गए। इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
JCI शाहीबाग और एलुमनी क्लब की संयुक्त भागीदारी
इस कार्यक्रम में जेसीआई शाहीबाग और जेसीआई एलुमनी क्लब अहमदाबाद रीजन ने संयुक्त रूप से भाग लिया। दोनों संस्थाओं ने यह स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल एक बार का दान नहीं है, बल्कि वे स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में निरंतर सहयोग जारी रखना चाहते हैं।
जेसीआई शाहीबाग के 2026 अध्यक्ष जेसी सीए अनिल जीवावत, कोषाध्यक्ष जेसी अंकित कोठारी, और जेसीआई एलुमनी क्लब अहमदाबाद रीजन के निर्वाचित अध्यक्ष जेएफपी दिलीपजी गुलेच्छा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी इस अवसर पर मौजूद रहे।
इसके अलावा पूर्व अध्यक्ष जेसी राणमल तातेड़, जेसी दिनेश श्रीश्रीमाल और जेसी गौतम बागरेचा ने भी कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।

अस्पताल प्रशासन की उपस्थिति और सहयोग
अस्पताल प्रशासन की ओर से डीन डॉ. मनीषाबेन मोदी सहित वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त डॉ. गीताबेन पारिख, डॉ. कल्पनाबेन वोरा, डॉ. रजनीश नामा और डॉ. अमित प्रजापति (प्रोफेसर एवं प्रमुख, इम्यूनोहेमेटोलॉजी एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग) ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
डायरेक्टर की निजी सचिव नलिनीबेन पटेल ने भी इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
अस्पताल प्रशासन ने जेसीआई संस्थाओं के इस सहयोग की खुलकर सराहना की और कहा कि इस प्रकार की पहल मरीजों की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अस्पताल की आवश्यकता और सामाजिक संगठनों की भूमिका
डॉ. अमित प्रजापति ने अपने संबोधन में कहा कि IKDRC-ITS में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में गंभीर रोगी आते हैं। कई मरीजों को लंबे समय तक अस्पताल में रहना पड़ता है, ऐसे में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक हो जाती है।
उन्होंने कहा कि जेसीआई शाहीबाग और जेसीआई एलुमनी क्लब द्वारा दी गई यह सुविधा मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
जेसीआई शाहीबाग की सामाजिक गतिविधियाँ और इतिहास
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जेसीआई शाहीबाग इकाई की स्थापना वर्ष 2001 में जेसी अशोक बाफना द्वारा की गई थी। स्थापना के बाद से ही यह संस्था लगातार समाज सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रही है।
संस्था के मार्गदर्शन और सभी पूर्व अध्यक्षों, पदाधिकारियों तथा सदस्यों के सहयोग से कई सामाजिक कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहे हैं।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- राहत दर पर नोटबुक वितरण
- महावीर जन्म कल्याणक पर सामूहिक सामायिक
- शाहीबाग तेरापंथ भवन के समीप शीतल जल वाटिका
- निःशुल्क छाछ और भोजन वितरण
- युवाओं के लिए विभिन्न विषयों पर कार्यशालाएं
यह सभी गतिविधियाँ समाज में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करती हैं।

मरीजों के कल्याण के लिए निरंतर सहयोग का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान दोनों संस्थाओं ने यह संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी अस्पताल और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में लगातार सहयोग करते रहेंगे।
विशेष रूप से जेसीआई शाहीबाग और जेसीआई एलुमनी क्लब ने यह घोषणा की कि वे केवल उपकरण दान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्वास्थ्य केंद्रित सामाजिक अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
रक्तदान शिविर आयोजित करने की अपील
कार्यक्रम में डॉ. अमित प्रजापति ने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि अस्पताल में किडनी और लीवर के मरीजों की भारी संख्या को देखते हुए रक्त की निरंतर आवश्यकता बनी रहती है।
उन्होंने जेसीआई समुदाय से अपील की कि वे भविष्य में एक संयुक्त रक्तदान शिविर आयोजित करें, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।
यह अपील पूरे कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही और इसे सभी उपस्थित सदस्यों ने गंभीरता से स्वीकार किया।
जेसीआई संस्थाओं की सकारात्मक प्रतिक्रिया
डॉ. प्रजापति की इस अपील को स्वीकार करते हुए जेसीआई शाहीबाग और जेसीआई एलुमनी क्लब अहमदाबाद रीजन ने आश्वासन दिया कि वे निकट भविष्य में रक्तदान शिविर और स्वास्थ्य सेवा आधारित कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि संस्था के सदस्य व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से समाज सेवा के लिए सदैव तैयार रहते हैं।
समाज सेवा के प्रति समर्पण और प्रेरणा
दोनों संस्थाओं ने नागरिकों से भी अपील की कि वे अपने विशेष अवसरों को समाज सेवा से जोड़ें और जरूरतमंद लोगों की मदद करें।
संस्था का मानना है कि छोटे-छोटे योगदान मिलकर बड़े सामाजिक परिवर्तन ला सकते हैं।
कार्यक्रम का समापन और संवाद सत्र
कार्यक्रम का समापन एक संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसमें अस्पताल के मेडिकल स्टाफ और जेसीआई प्रतिनिधियों ने आपस में विचार साझा किए।
इस दौरान ऑपरेशन थिएटर प्रभारी ज्योत्सनाबेन डाभी और अनामिकाबेन, इंचार्ज सिस्टर लक्ष्मीन तथा ओटी स्टाफ अजय सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे।
सभी ने इस पहल की सराहना की और इसे मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

निष्कर्ष: मानव सेवा की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम
जेसीआई शाहीबाग और जेसीआई एलुमनी क्लब अहमदाबाद रीजन द्वारा किया गया यह प्रयास केवल एक दान कार्यक्रम नहीं बल्कि मानवता और सेवा भावना का प्रतीक है।
IKDRC-ITS जैसे बड़े अस्पताल में वॉटर डिस्पेंसर की स्थापना से हजारों मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिलेगी।
यह पहल यह भी दर्शाती है कि सामाजिक संगठन यदि चाहें तो स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
आने वाले समय में यदि ऐसे प्रयास लगातार होते रहें, तो यह निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेंगे और मरीजों के जीवन को अधिक सहज और सम्मानजनक बनाएंगे।
