“ज्ञानशिखर त्याग, तपस्या और सेवा का मंदिर है” — ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी
Indore ,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, Indore जोन के न्यू पलासिया स्थित क्षेत्रीय मुख्यालय ज्ञानशिखर भवन का 10वां वार्षिक उत्सव अत्यंत हर्षोल्लास और आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर इंदौर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों भाई-बहन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए और “ओमप्रकाश भाईजी” सभागृह में विश्व शांति के लिए विशेष राजयोग ध्यान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी वरिष्ठ ब्रह्माकुमारी बहनों ने इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं तथा केक काटकर आनंद और उत्सव की भावना व्यक्त की। पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति से परिपूर्ण रहा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी आकांक्षा बहन ने ज्ञानशिखर की महिमा पर आधारित सुंदर भजन प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया। वहीं शक्ति निकेतन की कुमारियों ने वर्तमान सामाजिक चुनौतियों पर आधारित एक प्रेरणादायक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने सराहा।
इन प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि आध्यात्मिकता केवल ध्यान तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन के हर पहलू में संतुलन और सकारात्मकता लाने का माध्यम भी है।

हेमलता दीदी का प्रेरणादायक संदेश
इंदौर जोन की क्षेत्रीय निर्देशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने अपने संदेश में कहा कि यह ज्ञानशिखर केवल ईंट-पत्थर का भवन नहीं है, बल्कि यह त्याग, तपस्या और सेवा का जीवंत मंदिर है।
उन्होंने कहा कि यह स्थान आत्माओं को अज्ञान के अंधकार से निकालकर सत्य ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाता है। यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन की सही दिशा प्राप्त करता है और आत्मिक शांति का अनुभव करता है।
उन्होंने यह भी बताया कि यह भवन इंदौर जोन के संस्थापक ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी के दिव्य संकल्पों का साकार रूप है, जो आज हजारों आत्माओं के जीवन में प्रकाश फैला रहा है।
शक्ति निकेतन की भूमिका और संदेश
शक्ति निकेतन की संचालिका ब्रह्माकुमारी करुणा दीदी ने कहा कि ज्ञानशिखर का पवित्र वातावरण हर आगंतुक के जीवन में शांति, शक्ति और सकारात्मक परिवर्तन लाता है।
उन्होंने कहा कि यहां आने से मन की नकारात्मक भावनाएं समाप्त होती हैं और व्यक्ति पुण्य की ओर अग्रसर होता है। यह स्थान आत्मा को उसके वास्तविक स्वरूप का दर्शन कराता है और जीवन को नई दिशा प्रदान करता है।
सांस्कृतिक प्रस्तुति और संदेश
शक्ति निकेतन की कन्याओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य-नाटिका ने यह संदेश दिया कि ज्ञानशिखर केवल ध्यान और साधना का केंद्र नहीं, बल्कि जीवन की सभी मनोकामनाओं को सकारात्मक दिशा देने वाला आध्यात्मिक केंद्र है।
उनकी प्रस्तुति ने यह भी दर्शाया कि कैसे आध्यात्मिकता और आधुनिक जीवन एक साथ संतुलित रूप से आगे बढ़ सकते हैं।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
इस अवसर पर कई वरिष्ठ ब्रह्माकुमारी बहनों ने अपनी शुभकामनाएं दीं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल रहीं—
- ब्रह्माकुमारी जयंती दीदी (कालानी नगर)
- ब्रह्माकुमारी शशि दीदी (प्रेमनगर)
- ब्रह्माकुमारी छाया दीदी (रामबाग)
- ब्रह्माकुमारी मधु दीदी (छावनी)
- ब्रह्माकुमारी अंबिका दीदी (साकेत)
- ब्रह्माकुमारी उषा दीदी (ओमशांति भवन, वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका)
- ब्रह्माकुमारी विनीता दीदी (गोवा)
इन सभी ने ज्ञानशिखर के 10 वर्षों की यात्रा को सेवा, साधना और सफलता का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम संचालन
निष्कर्ष
ज्ञानशिखर भवन का यह 10वां वार्षिक उत्सव आध्यात्मिक चेतना, सेवा भावना और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत संगम रहा। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि सच्चा ज्ञान वही है जो जीवन को शांति, शक्ति और सही दिशा प्रदान करे।
यह भवन न केवल एक संस्था का केंद्र है, बल्कि आत्मिक जागरण और विश्व शांति का प्रेरणा स्रोत भी है।
