नगर परिषद की कार्यशैली से नाराज वार्ड पार्षद ने CM संग सहायक आयुक्त को लिखा पत्र
थांदला नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 9 के पार्षद राजू धानक ने नगर परिषद की कार्यशैली से नाराज होकर CM डॉ. मोहन यादव और सहायक आयुक्त भोपाल को पत्र लिखकर नगर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। मामला अमृत योजना 2.0 के तहत निर्माणाधीन पानी टंकी के स्थान परिवर्तन से संबंधित है। पार्षद ने पत्र में कहा कि नगर परिषद की कार्यशैली में पारदर्शिता का अभाव है और प्रशासनिक कर्मचारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों को जानकारी न देना भ्रष्टाचार और लापरवाही की ओर इशारा करता है।
धानक ने बताया कि थांदला नगर परिषद के अधिकांश पार्षद और उपाध्यक्ष भी नगर परिषद की गतिविधियों से अनभिज्ञ हैं और उन्हें जानकारी पाने के लिए मुख्यमंत्री के माध्यम से पत्र लिखना पड़ रहा है। इससे नगर विकास की दयनीय स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। पिछले तीन वर्षों से नगर परिषद नई विकास परियोजनाओं की दिशा में कदम नहीं बढ़ा पा रही है और शहर की स्वच्छता पर भी परिषद ध्यान देने में विफल रही है।
अमृत 2.0 योजना और पानी टंकी का विवाद
संपर्क सूत्रों के अनुसार, अमृत 2.0 योजना के तहत वार्ड क्रमांक 9 में चयनित सुतरेटि चौराहा पर ओवर हेड टंकी का निर्माण होना था। लेकिन नगर परिषद ने इसे वार्ड क्रमांक 15 में पहले से बनी दो टंकी के समीप स्थानांतरित करने का निर्णय लिया। इस निर्णय को लेकर वार्ड पार्षद राजू धानक ने आपत्ति जताई और पत्र के माध्यम से इसे पूर्ववत स्थान पर बनाने की मांग की।
धानक ने कहा कि सर्वेक्षण के दौरान चयनित स्थान सही था, अतः स्थान परिवर्तन के लिए पार्षदों को अवगत करवाया जाना चाहिए था। इसके बावजूद यह प्रक्रिया पारदर्शिता के बिना पूरी की गई, जिससे जनता और वार्ड प्रतिनिधियों में नाराजगी पैदा हुई। उन्होंने यह भी बताया कि उनके वार्ड और आस-पास के वार्डों में पानी की गंभीर समस्या है, जिसे नए स्थान पर टंकी बनाने से और बढ़ा सकती है।

पारदर्शिता और जिम्मेदारी का सवाल
धानक ने कहा कि नगर परिषद के कार्यों की जानकारी जनप्रतिनिधियों को देना न केवल जरूरी है, बल्कि आम नागरिकों का भी यह अधिकार है। जब तक पारदर्शिता नहीं होगी, जनता का परिषद पर भरोसा नहीं बन सकता। उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि योजना की जानकारी देना जरूरी नहीं है, तो यह गैर जिम्मेदाराना रवैया है।
धनक ने पत्र के माध्यम से टंकी निर्माण पर रोक लगाने और वार्ड क्रमांक 9 तथा आसपास के वार्डों और कालोनियों में पानी की समस्या को देखते हुए पूर्ववत स्थान पर ही टंकी निर्माण करने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले नगर परिषद उपाध्यक्ष और अन्य 8 पार्षद भी इसी विषय पर सीएमओ को पत्र दे चुके हैं।
सीएमओ कमलेश जायसवाल का बयान
इस मामले में नगर निगम के सीएमओ कमलेश जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार की यह योजना अन्य स्थानों पर भी चल रही है और इसके लिए केवल तय की गई कमेटी को ही जानकारी होती है। सभी पार्षदों को योजनाओं से अवगत करवाना आवश्यक नहीं है, चाहे वे अध्यक्ष या उपाध्यक्ष हों। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई पार्षद या नागरिक संबंधित जानकारी चाहता है तो उसे देने में किसी प्रकार की एतराज नहीं है।
निष्कर्ष
वार्ड पार्षद राजू धानक का यह कदम नगर परिषद की पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल उठाता है। अमृत 2.0 योजना के तहत नगर क्षेत्रों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति और टंकी निर्माण का कार्य समय पर और सही स्थान पर होना आवश्यक है। पारदर्शिता और जानकारी की कमी से न केवल जनप्रतिनिधियों का विश्वास कमजोर होता है, बल्कि आम नागरिकों में भी नाराजगी बढ़ती है।
यह मामला नगर प्रशासन और नागरिकों के बीच सकारात्मक संवाद और पारदर्शिता की आवश्यकता को रेखांकित करता है। अगर प्रशासन समय पर जानकारी साझा करता और वार्ड प्रतिनिधियों को शामिल करता, तो यह विवाद उत्पन्न नहीं होता। राजू धानक के पत्र के माध्यम से यह स्पष्ट हो गया है कि स्थानीय प्रशासन को नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया पर ध्यान देना चाहिए और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लानी होगी।
