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जयस छात्रों का Collector कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन, भर्ती और परीक्षा प्रक्रियाओं में गड़बड़ी पर नाराजगी

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Published On: 18 March 2026
JAS Students Protest at Collector Office Over Recruitment and Exam Irregularities
— JAS Students Protest at Collector Office Over Recruitment and Exam Irregularities

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जयस छात्र संगठन का Collector कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

मध्यप्रदेश के जयस छात्र संगठन के छात्रों ने मंगलवार को अपने विभिन्न मांगों को लेकर Collector कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। छात्र टंट्या भील चौराहा से पैदल मार्च करते हुए कार्यालय पहुंचे।

छात्रों का कहना था कि मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा आयोजित भर्ती और परीक्षा प्रक्रियाओं में कई गड़बड़ियां हैं। परीक्षा प्रणाली में बार-बार बदलाव, ऋणात्मक मूल्यांकन (नेगेटिव मार्किंग), अत्यंत कम पदों पर भर्ती, बढ़ती परीक्षा फीस और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी जैसी समस्याएं युवाओं के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

छात्रों की जिद: Collector से मुलाकात

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने हाथों में तख्तियां और बैनर उठाए रखे। कड़ी धूप में वे कार्यालय के बाहर बैठे और कलेक्टर से मिलने का इंतजार करते रहे।

काफी देर तक जब कलेक्टर उनसे मिलने नहीं आए, तो छात्रों का धैर्य टूट गया। उन्होंने कलेक्टर ऑफिस में घुसने की कोशिश की और बैरिकेडिंग हटाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिससे दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ समय तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

छात्रों ने यह स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल अपनी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचाना है, लेकिन उनकी मांगों को अनदेखा करना युवाओं में नाराजगी बढ़ा रहा है।

प्रमुख शिकायतें और मांगें

छात्र संगठन ने अपनी मांगों में मुख्य रूप से निम्न मुद्दे उठाए:

  1. परीक्षा और भर्ती में गड़बड़ी – बार-बार नियमों में बदलाव और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी।
  2. नेगेटिव मार्किंग (ऋणात्मक मूल्यांकन) – परीक्षा प्रणाली को न्यायसंगत बनाने की मांग।
  3. कम पदों पर भर्ती – युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने की आवश्यकता।
  4. बढ़ती परीक्षा फीस – आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर बोझ।
  5. भ्रष्टाचार रोकने की मांग – चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करना।
  6. बेरोजगारी – राज्य में युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग।

छात्रों का कहना था कि लगातार छात्रों के साथ अन्याय और शोषण हो रहा है। उनका मानना है कि अगर ये समस्याएं तुरंत हल नहीं की गईं, तो युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा।

प्रदर्शन का स्वरूप

प्रदर्शन शुरू होने से पहले छात्र टंट्या भील चौराहा से पैदल मार्च करते हुए कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नारेबाजी की और हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों को व्यक्त किया।

कड़ी धूप और तनावपूर्ण माहौल के बावजूद छात्रों ने शांति बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन जब लंबे समय तक उनकी बात नहीं सुनी गई, तो कुछ छात्रों ने कलेक्टर कार्यालय में घुसने का प्रयास किया।

पुलिस ने इस दौरान उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिससे छोटे-मोटे धक्कामुक्की की स्थिति पैदा हुई। हालांकि, किसी प्रकार की बड़ी हिंसा की घटना नहीं हुई।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

काफी देर बाद एडीएम रोशन राय मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्र नेताओं से बातचीत की और छात्रों की समस्याओं और मांगों को सुना।

छात्रों ने ज्ञापन सौंपा, जिसमें सभी मुद्दों और मांगों का विस्तार से उल्लेख था। एडीएम ने आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद छात्र संगठन ने प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त किया और अपने-अपने स्थानों पर लौट गए।

भ्रष्टाचार और बेरोजगारी पर फोकस

छात्रों ने केवल भर्ती प्रक्रिया पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को भी प्रमुख रूप से उठाया।

वे कहते हैं कि राज्य में युवाओं को नौकरी पाने के लिए उचित अवसर नहीं मिल रहे हैं, और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के कारण सही उम्मीदवारों का चयन नहीं हो पाता।

संगठन का मानना है कि यदि इन मुद्दों को समय पर हल नहीं किया गया, तो राज्य के युवाओं का भविष्य गंभीर रूप से प्रभावित होगा।

परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग

छात्र संगठन ने मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल से स्पष्ट रूप से कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और स्थिरता लाना आवश्यक है।

उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करना।
  • परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग को संशोधित करना।
  • पदों की संख्या बढ़ाना, ताकि अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके।
  • परीक्षा फीस कम करना, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्र भी अवसर पा सकें।

निष्कर्ष

मध्यप्रदेश में युवाओं के सामने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं की गड़बड़ी जैसे गंभीर मुद्दे हैं। जयस छात्र संगठन का यह प्रदर्शन इस बात का प्रतीक है कि युवा अपनी आवाज उठाने के लिए तैयार हैं।

प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा, लेकिन भविष्य में ऐसे प्रदर्शन युवाओं की नाराजगी और दबाव का संकेत भी हैं।

यह घटना राज्य सरकार के लिए यह संदेश है कि यदि पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित नहीं किया गया, तो युवा आंदोलनों का दायरा और भी व्यापक हो सकता है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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