—Advertisement—

भव्य उपलब्धि: उज्जैन विक्रमादित्य विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में सीएम का बड़ा ऐलान, 51 लाख सहायता और कृषि केंद्र का लोकार्पण

Author Picture
Published On: 17 March 2026
उज्जैन विक्रमादित्य विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह, CM मोहन यादव, कृषि अध्ययन केंद्र
— उज्जैन विक्रमादित्य विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह, CM मोहन यादव, कृषि अध्ययन केंद्र

—Advertisement—

उज्जैन विक्रमादित्य विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में सीएम मोहन यादव ने 51 लाख की घोषणा की और कृषि अध्ययन केंद्र का लोकार्पण किया।

उज्जैन विक्रमादित्य विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह

https://media.assettype.com/freepressjournal/2026-03-17/abufy51c/090dcdbf-6410-494b-866d-78f3ab2801e2.jpg
परिचय

उज्जैन विक्रमादित्य विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह इस वर्ष एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक आयोजन के रूप में सामने आया। यह केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि शिक्षा, संस्कृति और विकास का संगम भी था। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगूभाई पटेल की उपस्थिति ने समारोह को और अधिक गौरवशाली बना दिया।यह आयोजन विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों के भविष्य, शिक्षा की दिशा और प्रदेश के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए गए।

दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन

उज्जैन में आयोजित उज्जैन विक्रमादित्य विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह अत्यंत भव्य और सुव्यवस्थित रहा। समारोह की शुरुआत सरस्वती पूजा और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसने भारतीय संस्कृति की गरिमा को दर्शाया।इस अवसर पर कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें सांसद, विधायक, संत और शिक्षाविद शामिल थे। समारोह में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान

इस समारोह का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ऐलान रहा। उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास के लिए 51 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राशि केवल आर्थिक सहयोग नहीं बल्कि शिक्षा के स्तर को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय को रोजगारपरक शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

कृषि अध्ययन केंद्र का लोकार्पण

https://agricollegebaramati.in/assets/img/hero-carousel/hero-carousel-4.jpg
दीक्षांत समारोह के दौरान कृषि अध्ययन केंद्र का लोकार्पण भी किया गया, जिसकी लागत लगभग 17 करोड़ रुपये है। यह केंद्र विशेष रूप से कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।इस पहल से ग्रामीण और कृषि आधारित छात्रों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती की जानकारी मिलेगी। इससे न केवल शिक्षा मजबूत होगी बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

छात्रों को मिला सम्मान

इस उज्जैन विक्रमादित्य विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।

  • 103 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल
  • 74 विद्यार्थियों को पीएचडी उपाधि
  • 1 विद्यार्थी को डी-लिट सम्मान

यह सम्मान छात्रों के परिश्रम और समर्पण का प्रतीक है। इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

उज्जैन का बढ़ता महत्व

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उज्जैन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उज्जैन केवल धार्मिक नगरी ही नहीं बल्कि शिक्षा और संस्कृति का भी केंद्र बनता जा रहा है।महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में पर्यटन तेजी से बढ़ा है। यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु आते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

सिंहस्थ 2028 की तैयारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। क्षिप्रा नदी के घाटों का विस्तार किया जा रहा है और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।उन्होंने कहा कि इस बार श्रद्धालुओं को क्षिप्रा के जल से स्नान और आचमन का अवसर मिलेगा, जो लंबे समय बाद संभव होगा।

राज्यपाल का प्रेरणादायक संदेश

राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने अपने संबोधन में छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं बल्कि अच्छा नागरिक बनना भी है।उन्होंने कहा कि यदि एक छात्र मुख्यमंत्री बन सकता है, तो अन्य छात्र भी बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।

शिक्षा और रोजगार का नया दृष्टिकोण

इस उज्जैन विक्रमादित्य विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में शिक्षा को रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि शिक्षा को व्यावहारिक और कौशल आधारित बनाया जाए। कृषि, तकनीक और उद्योग से जुड़े पाठ्यक्रम छात्रों को आत्मनिर्भर बनाएंगे।

निष्कर्ष

उज्जैन विक्रमादित्य विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह केवल एक शैक्षणिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह शिक्षा, विकास और संस्कृति का संगम था। मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं और नई योजनाएं यह दर्शाती हैं कि मध्यप्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।यह समारोह छात्रों के लिए प्रेरणा, समाज के लिए संदेश और राज्य के लिए विकास का प्रतीक बन गया है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp