इंदौर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: 1 करोड़ की ‘MD’ Drugs के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार
इंदौर क्राइम ब्रांच ने मध्यप्रदेश सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। 15 जनवरी 2026 को पुलिस ने तीन अंतर्राज्यीय ड्रग तस्करों को दबोचा, जिनके पास से लगभग 513 ग्राम MD Drugs बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश में नशे के विरुद्ध चल रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अपराधियों को सातत्य से निगरानी और घेराबंदी के बाद पकड़ने में सफलता पाई। तस्करों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें मौके पर ही धर दबोचा। यह गिरफ्तारी इंदौर पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखी जा रही है, क्योंकि इससे न केवल अवैध मादक पदार्थों की खेप जब्त हुई, बल्कि तस्करों के नेटवर्क की भी जानकारी मिल रही है।
घेराबंदी के दौरान फिल्मी अंदाज में भागने की कोशिश
घटना एम.आर. 4 रोड पर हुई, जब क्राइम ब्रांच की टीम संदिग्धों की तलाश कर रही थी। सिद्धेश्वर जालंधर नाथ महादेव मंदिर के पास बाइक सवार तीन युवक पुलिस की गाड़ी देखकर घबरा गए। उन्होंने मोटरसाइकिल मोड़कर भागने का प्रयास किया, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वे किसी फिल्मी सीन की तरह फरार होने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया, और इस तरह उनकी योजना असफल रही।
इस कार्रवाई से यह साबित होता है कि इंदौर पुलिस ने सक्रिय निगरानी और रणनीति के माध्यम से तस्करों के भागने के रास्ते बंद कर दिए। पुलिस टीम की तत्परता और कुशल कार्रवाई ने इस सफलता को संभव बनाया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार की है:
- निकल निदवानिया (निवासी: मंदसौर) – इसके खिलाफ पहले भी मंदसौर में तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- मुकेश धनगर उर्फ बबलू (निवासी: मंदसौर)
- कमलेश गायरी (निवासी: राजस्थान)
पुलिस पूछताछ में पता चला कि ये आरोपी ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं। उनकी शिक्षा 10वीं से 12वीं तक है, और ये दिहाड़ी पर रिपेयरिंग का काम करते हैं। कम समय में ज्यादा पैसा कमाने की लालच ने इन्हें ड्रग तस्करी की दुनिया में खींच लिया। यह भी सामने आया कि वे अपने नेटवर्क के माध्यम से बाहरी क्षेत्रों से सस्ते दाम पर MD Drugs खरीदकर इंदौर में ऊंचे दामों पर बेचते थे।
जब्त किए गए सामान का ब्यौरा
पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया:
- MD Drugs : 513.48 ग्राम
- वाहन: एक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल
- अन्य: 3 मोबाइल फोन
इन मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, यह खेप बड़ी मात्रा में शहर में बिक्री के लिए लाई गई थी।
तस्करी का तरीका और नेटवर्क
आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि वे बाहरी राज्यों से सस्ते दाम पर ड्रग्स खरीदते थे और इंदौर शहर के नशेड़ियों को ऊंचे दामों पर बेचते थे। पुलिस का मानना है कि यह केवल तिनका गिरोह नहीं है, बल्कि इसका बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। इसके चलते पुलिस पूरे नेटवर्क और मुख्य सप्लायर की तलाश में जुट गई है।
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई न केवल अवैध मादक पदार्थों की बिक्री रोकने में मदद करेगी, बल्कि युवाओं को नशे की लत से बचाने में भी प्रभावी साबित होगी।
कानूनी कार्रवाई और रिमांड
अधिकारियों ने आरोपियों के विरुद्ध थाना अपराध शाखा में अपराध क्रमांक 07/2026, धारा 8/22 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ करेगी, ताकि बड़े ड्रग गिरोह का पर्दाफाश हो सके।
पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से पूरे मध्यप्रदेश में नशे के खिलाफ संदेश जाएगा कि सरकार और पुलिस इस पर शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) के साथ नजर रखे हुए हैं।
मध्यप्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान
मध्यप्रदेश में सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘Zero Tolerance Campaign’ के तहत राज्यभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इंदौर क्राइम ब्रांच की यह सफलता इस अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल अवैध ड्रग्स की आपूर्ति को रोका जा सकेगा, बल्कि आम जनता और युवाओं को नशे से दूर रखने में भी मदद मिलेगी।
निष्कर्ष
इंदौर क्राइम ब्रांच की यह कार्रवाई साबित करती है कि पुलिस सक्रिय निगरानी, तत्परता और घेराबंदी रणनीति के साथ तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इस सफलता से यह भी संदेश गया कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ सरकार और पुलिस का दृष्टिकोण सख्त और निर्णायक है।
आगे की कार्रवाई में पुलिस पूरे नेटवर्क और मुख्य सप्लायर तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इसके परिणामस्वरूप, भविष्य में नशे की तस्करी और वितरण पर कड़ा नियंत्रण संभव हो सकेगा।

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