Maheshwar में खुलेगा पर्यटन का नया रास्ता: ओंकारेश्वर–महेश्वर–धामनोद फोरलेन सड़क से बदलेंगे मालवा–निमाड़ के पर्यटन की तस्वीर
Omkareshwar – Maheshwar –Dharmnod फोरलेन से होगी यात्रा आसान
मध्य प्रदेश के मालवा–निमाड़ क्षेत्र में पर्यटन और कनेक्टिविटी को नई दिशा देने के लिए सरकार ने Omkareshwar से Maheshwar होते हुए Dhamnod तक फोरलेन सड़क बनाने का निर्णय लिया है। यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के धार्मिक, ऐतिहासिक और ग्रामीण विकास को नई गति देने वाली मानी जा रही है।
अब तक ओंकारेश्वर और महेश्वर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में यात्रियों को समय और परेशानी दोनों झेलनी पड़ती थी। सड़क संकरी होने और ट्रैफिक जाम की वजह से यात्रा थकानपूर्ण होती थी। फोरलेन सड़क बनने के बाद न केवल यात्रा तेज और सुरक्षित होगी, बल्कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक दिन में दोनों स्थलों के दर्शन का लाभ भी मिलेगा।
टूरिस्ट सर्किट को मिलेगा नया आकार
मालवा–निमाड़ क्षेत्र धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक दृष्टि से बेहद समृद्ध है। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, Maheshwar का किला और अहिल्याबाई होल्कर की विरासत, साथ ही मांडू का ऐतिहासिक वैभव इस क्षेत्र को पर्यटकों के लिए विशेष बनाता है।
फोरलेन सड़क के बनने से यह टूरिस्ट सर्किट मजबूत होगा। इंदौर-उज्जैन और इंदौर-खंडवा मार्ग को पहले ही सिक्स लेन और फोरलेन में बदला जा चुका है। अब बड़वाह से धामनोद तक 62 किलोमीटर लंबी सड़क बनाकर ओंकारेश्वर, महेश्वर और मांडू के बीच यात्रा सहज होगी। परियोजना पर लगभग 2500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। यह सड़क पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी।
दूरी और यात्रा समय में होगी कमी
वर्तमान में ओंकारेश्वर से महेश्वर पहुँचने में यात्रियों को डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है। बड़वाह से महेश्वर के बीच लगभग 10 किलोमीटर का मार्ग संकरा है, जहां वाहनों की गति 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं हो पाती।
फोरलेन सड़क बनने के बाद यही दूरी एक घंटे से भी कम समय में पूरी की जा सकेगी, और वाहन 80–100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे। इससे विशेष रूप से इंदौर और आसपास के जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को फायदा होगा। अब वे ओंकारेश्वर और महेश्वर दोनों स्थानों के दर्शन एक ही दिन में कर सकेंगे।
Maheshwar पर्यटन और स्थानीय व्यापार को मिलेगा सीधा लाभ
Maheshwar अपने ऐतिहासिक किले, नर्मदा घाट, हैंडलूम साड़ियों और अहिल्याबाई होल्कर की विरासत के लिए जाना जाता है। कमजोर सड़क कनेक्टिविटी के कारण कई पर्यटक महेश्वर तक नहीं पहुँच पाते थे।
फोरलेन सड़क बनने के बाद महेश्वर पर्यटन में वृद्धि होगी। होटल, धर्मशाला, गाइड, नाविक, हस्तशिल्प विक्रेता और स्थानीय दुकानदारों की आय में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा हाथकरघा उद्योग और लोक हस्तशिल्प व्यवसाय को भी नया बाजार मिलेगा। सड़क पर्यटन के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार के अवसर मजबूत होंगे।
ग्रामीण विकास और नई संभावनाएं
बड़वाह से धामनोद तक बनने वाली यह फोरलेन सड़क 100 से अधिक गांवों को सीधे जोड़ती है। नांद्रा, कतरगांव, धरगांव, छोटी खरगोन, जलूद और मंडलेश्वर जैसे कई गांव इस मार्ग पर स्थित हैं।
सड़क चौड़ीकरण के लिए किसानों की जमीनों का अधिग्रहण किया जाएगा, और सरकार ने इसके लिए भू-अर्जन का बजट भी स्वीकृत कर दिया है। यदि यह प्रक्रिया पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से पूरी होती है, तो क्षेत्र में नए बाजार, बसाहट, स्कूल, अस्पताल और छोटे उद्योग विकसित होंगे। सड़क के बनने से गांवों में आधारभूत संरचना मजबूत होगी, जमीनों के मूल्य बढ़ेंगे और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
