इंदौर में Voter List का पुनरीक्षण: ड्राफ्ट सूची आज से प्रकाशित
इंदौर जिले में मतदाता सूची (Voter List) के पुनरीक्षण (Revision) के दूसरे चरण की प्रक्रिया आज एक महत्वपूर्ण चरण पर पहुँच गई है। इस प्रक्रिया के तहत जिले के 1,32,675 मतदाताओं के नाम से नोटिस तैयार किए गए हैं, जिन्हें बीएलओ (Booth Level Officer) घर-घर जाकर वितरित करेंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा, सूची में सटीकता सुनिश्चित करना और मतदाता पहचान संबंधी त्रुटियों को सुधारना है।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन आज किया जाएगा और इसके एक सप्ताह के भीतर दावा-आपत्ति की सुनवाई शुरू होगी। इस दौरान प्रतिदिन लगभग 50 मतदाताओं की सुनवाई की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि सूची सभी मतदान केंद्रों पर चस्पा की जाएगी और संबंधित मतदाताओं को सूचना प्रदान की जाएगी।
पहले चरण में आई परेशानियाँ
Voter List के पहले चरण में कई मतदाताओं का सत्यापन नहीं हो पाया था। इस दौरान पता चला कि कुछ मतदाता अपने वर्तमान पते पर नहीं रह रहे थे, विवाह के बाद उनका स्थान बदल चुका था या मृत्यु के कारण फार्म जमा नहीं हो पाए थे। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, ऐसे मतदाताओं के नाम प्रारूप-8 के माध्यम से नए पते पर जोड़े जा रहे हैं।
साथ ही, विवाह के बाद अन्य स्थान से आई महिलाओं और 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं के नाम भी सूची में जोड़े जा रहे हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य सुनिश्चित करना है कि हर योग्य मतदाता का नाम सूची में दर्ज हो और वे अपने मतदान का अधिकार प्राप्त कर सकें। कलेक्टर ने कहा कि इस बार विशेष ध्यान रखा गया है कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर न रहे।
मतदाता संख्या में बदलाव और छंटनी
गहन पुनरीक्षण और घर-घर सत्यापन के बाद जिले में मतदाताओं की संख्या 28,67,268 से घटकर केवल 24,16,304 रह गई है। इसका मतलब है कि लगभग 4,51,218 मतदाता ऐसे हैं जिनका सत्यापन नहीं हो पाया और वे सूची से बाहर होने की स्थिति में हैं।
हालांकि, बड़ी राहत की खबर यह है कि दो बार बढ़ी तारीखों के कारण 75,467 मतदाताओं को फिर से मतदान का अधिकार मिला है। अब तक विभाग के अनुसार 84.26% वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है और शेष 15.74% मतदाता सूची से हटेंगे।
विशेष रूप से यह देखा गया कि इस चरण में 4.63% मतदाता ऐसे थे, जिनके फार्म भरे गए थे, लेकिन 2003 की सूची से मैपिंग नहीं हो सकी। इन मतदाताओं को ड्राफ्ट सूची में नाम जोड़ने के लिए बीएलओ नोटिस जारी करेंगे।
नोटिस वितरण और दस्तावेज़ प्रक्रिया
इस चरण में नोटिस वितरण की पूरी जिम्मेदारी BLO को सौंपी गई है। मतदाताओं को 11 प्रकार के दस्तावेज़ दिखाने होंगे, जिससे उनकी पहचान और पते की पुष्टि हो सके। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पंवार ने बताया कि जिले में मतदाताओं से फार्म प्राप्त करने का कार्य पूरी तरह से पूरा हो चुका है।
जिन मतदाताओं के फार्म पहले नहीं मिले थे, उनका दोबारा सत्यापन कराया गया। सूची सभी मतदान केंद्रों पर चस्पा की जाएगी और नोटिस वितरण के साथ-साथ मतदाताओं को व्यक्तिगत सूचना भी दी जाएगी।
इस दौरान यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी योग्य मतदाता अपने नाम के लिए शिकायत न करे। कलेक्टर ने कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शिता और सटीकता के साथ पूरी की जा रही है और हर जिले में ऐसा ही पालन किया जाएगा।
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इंदौर जिले के मतदाताओं का विवरण
इंदौर जिले की मतदाता सूची के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- कुल मतदाता (नवंबर 2025): 28,67,294
- सत्यापित मतदाता: 24,16,304
- मृतक: 43,468
- पते पर नहीं मिले: 1,81,633
- स्थायी रूप से स्थानांतरित: 1,97,758
- अन्य जिलों में नामांकित: 22,554
- फार्म लेने के बाद जमा नहीं किया: 8,577
ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद दावा-आपत्ति 22 जनवरी 2026 तक लिए जाएंगे। इसके बाद 21 फरवरी 2026 तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
आगे की प्रक्रिया और निष्कर्ष
ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही अब सभी मतदाताओं के नाम और दस्तावेज़ सत्यापन का काम तेजी से शुरू होगा। दावा-आपत्ति सुनवाई और अंतिम सूची की प्रकाशन प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि सभी योग्य मतदाता अपनी मतदान की योग्यता बनाए रखें।
यह पुनरीक्षण प्रक्रिया नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा, सूची में त्रुटियों को सुधारने और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप पारदर्शिता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। BLO और अधिकारियों की मेहनत से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इंदौर जिले के सभी योग्य मतदाता सूची में शामिल हों और मतदान के अधिकार का प्रयोग कर सकें।
कलेक्टर कार्यालय ने मतदाताओं से अपील की है कि वे नोटिस मिलने पर आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करें और किसी भी त्रुटि या संशोधन के लिए दावा-आपत्ति प्रक्रिया का पालन करें। इस तरह, इंदौर में मतदाता सूची का यह पुनरीक्षण प्रक्रिया सटीक, पारदर्शी और सभी के लिए न्यायसंगत साबित होगी।
