पचमढ़ी में कांग्रेस का बड़ा प्रशिक्षण शिविर: जिला अध्यक्षों के लिए ‘पाठशाला’ आज से शुरू
मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थल पचमढ़ी में आज से मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) द्वारा आयोजित दस-दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हो रहा है, जिसमें प्रदेश के सभी जिलों के अध्यक्ष तथा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे। इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस वार्ता में सरकार पर तीखे हमला किया है।
संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का अभियान
जीतू पटवारी ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। उन्होंने कहा कि जिला अध्यक्षों को कांग्रेस की विचारधारा, संगठनात्मक ढांचा और कार्यशैली की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में संगठन सृजन अभियान की समीक्षा होगी और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी।
उनका कहना था:
“हम इस शिविर के माध्यम से पार्टी को जिला-स्तर से सुदृढ़ बनाने जा रहे हैं।”
नव-नियुक्त जिलाध्यक्षों को मिलेगा विशिष्ट प्रशिक्षण
शिविर में नए जिलाध्यक्षों को यह विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा:
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कांग्रेस की विचारधारा और मूल मूल्यों की समझ
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संगठनात्मक ढाँचा, जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली
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धरना-प्रदर्शन, जनसंवाद और रणनीतिक अभियानों पर प्रशिक्षण
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मीडिया, संवाद कौशल और सामाजिक न्याय से जुड़ी कार्यशैली
पटवारी ने कहा कि प्रशिक्षित नेतृत्व प्रेरित कर पाएगा और संगठनात्मक मजबूती में योगदान देगा। उन्होंने यह भी बताया कि शिविर स्थल में आवास व्यवस्था, कॉन्फ्रेंस हॉल और अन्य सुविधाएँ पूरी तरह तैयार हैं।
सरकार पर जमकर बरसे पटवारी
इस अवसर पर जीतू पटवारी ने वर्तमान प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेतृत्व वाली सरकार ने न केवल युवाओं को शराब-नशे की ओर धकेला है बल्कि राज्य को ऋणग्रस्त और असुरक्षित भी बना दिया है।
शराबबंदी-योजना के बहाने युवाओं की बर्बादी
पटवारी ने शराबबंदी के मुद्दे को उठाते हुए दावा किया कि सरकार ने अगले वर्ष के लिए 17 हजार करोड़ रुपये का शराबराजस्व लक्ष्य रखा है, जो युवाओं को नशे की लत में धकेलने जैसा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य युवाओं को शराब-नशे से दूर रखना और उन्हें रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ाना है।
कर्ज, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर कटाक्ष
पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश आज लगभग पाँच लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा है, कानून-व्यवस्था पूर्णतः ध्वस्त हो चुकी है, और भाजपा सांसद-विधायकों द्वारा जनता से दुर्व्यवहार आम हो गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सतना में एक भाजपा सांसद ने एक नागरिक को थप्पड़ मारा, यही उनकी “संस्कृति” है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 50 % कमीशन-प्रधान बन चुकी है, किसानों को परेशान किया जा रहा है, ओबीसी आरक्षण रोका गया है, 27 विभागों के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है, जबकि मुख्यमंत्री नया विमान 200 करोड़ रुपये का खरीदने में व्यस्त हैं और उसके रख-रखाव पर प्रतिदिन 25 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं।
सामाजिक न्याय पर भी हमला
पटवारी ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार खुद को भीमराव आंबेडकर के विचारों से दूर कर रही है। उन्होंने कहा कि हाई-कोर्ट परिसर में बाबासाहेब की प्रतिमा नहीं लगाने के पीछे भाजपा सरकार की मंशा है, जो सामाजिक न्याय और संविधान की भावना के खिलाफ है।
कांग्रेस के शासनकाल की याद दिलाई
अपने पूर्वांचल शासनकाल की ओर संकेत करते हुए पटवारी ने कहा:
“कांग्रेस की 55 साल की सरकार में न कमीशन-खोरी थी, न जनता पर अत्याचार, न घर-घर शराब पहुंचाई गई, न किसानों को यातनाएँ दी गईं।”
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस आने वाले समय में जनता के हक-अधिकार के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
निष्कर्ष
पचमढ़ी में आज से शुरू हो रहे इस प्रशिक्षण शिविर को कांग्रेस संगठनात्मक पुनर्स्थापन और आगामी लोकसभा-विधानसभा चुनावों की तैयारी के रूप में देख रही है। इस दौरान जीतू पटवारी ने सरकार द्वारा युवाओं, किसानों, सामाजिक न्याय तथा राज्य-वित्तीय स्थिति को लेकर उठाए गए आरोपों को गूंजाया है।
इस तरह यह शिविर सिर्फ संगठन निर्माण का मंच नहीं, बल्कि प्रदेश की सरकार एवं राजनीति पर कटाक्ष का अवसर भी है।
