🔴 बिहार चुनाव 2025 अपडेट: लालू पर जेडीयू का हमला, आरजेडी ने चुनाव आयोग को दी चेतावनी — पढ़ें, बिहार सियासत की दिनभर की बड़ी खबरें
पटना, 7 अक्टूबर 2025:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और सूबे की सियासत अब पूरी तरह चुनावी मोड में है।
एनडीए (NDA) और महागठबंधन (Mahagathbandhan) — दोनों गठबंधन में सीट बंटवारे पर गहमागहमी तेज है।
दिल्ली से लेकर पटना तक लगातार बैठकों का दौर जारी है, लेकिन सीट शेयरिंग पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया है।
🟠 दिल्ली से पटना तक सियासी हलचल — NDA और महागठबंधन में मंथन जारी
बुधवार को दिल्ली में भाजपा (BJP) नेता धर्मेंद्र प्रधान ने चिराग पासवान से उनके आवास पर मुलाकात की।
उधर पटना में तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन के दलों की अहम बैठक चली।
इन बैठकों के बावजूद न तो एनडीए की ओर से सीट बंटवारे का फाइनल फॉर्मूला सामने आया,
और न ही महागठबंधन की ओर से।
दोनों खेमों की ओर से यही कहा जा रहा है कि अगले एक-दो दिनों में तस्वीर साफ हो जाएगी।
राज्य में राजनीतिक बयानबाज़ी भी अपने चरम पर है।
जेडीयू (JDU) ने लालू प्रसाद यादव पर तीखा निशाना साधा है,
वहीं आरजेडी (RJD) ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अधिकारियों के मनमाने तबादलों पर आपत्ति जताई है।
इसके अलावा प्रशांत किशोर, कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बयानों से बिहार की सियासत और गरमाई हुई है।
🟢 “मुंगेरी लाल की तरह सपने देख रहे लालू” — JDU का बड़ा बयान
जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने मंगलवार को लालू परिवार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि “राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव मुंगेरी लाल की तरह हसीन सपने देख रहे हैं,
जो कभी हकीकत में नहीं बदल सकते।”
कुशवाहा ने आरोप लगाया कि लालू-राबड़ी राज में बिहार को विनाश के गड्ढे में धकेल दिया गया था।
परिवारवाद और भ्रष्टाचार चरम पर था, अपराधियों को खुली छूट मिली हुई थी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में आज बिहार ने विकास की नई ऊँचाइयां हासिल की हैं
और राज्य अब फिर से अराजकता के दौर में लौटना नहीं चाहता।
उन्होंने आगे कहा —
“लालू परिवार की बेचैनी बढ़ना स्वाभाविक है क्योंकि बिहार की जनता अब विकास को वोट दे रही है,
जात-पात और परिवारवाद को नहीं।”
🟣 दो चरणों में चुनाव कराने के EC फैसले पर JDU का समर्थन
जेडीयू प्रवक्ता हिमराज राम और परिमल कुमार ने चुनाव आयोग द्वारा
दो चरणों में विधानसभा चुनाव कराने के निर्णय को उचित और पारदर्शी बताया।
दोनों प्रवक्ताओं ने कहा कि यह फैसला बिहार की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है,
जिससे मतदाताओं को अधिक सुविधा और सुरक्षा मिलेगी।
उन्होंने दावा किया कि
“बिहार की जनता एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में
एनडीए सरकार बनाने को तैयार है।”
दोनों नेताओं ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में बिहार को
अंधकार से विकास की रोशनी की ओर ले जाने का श्रेय एनडीए की सरकार को जाता है।
🔴 आरजेडी ने चुनाव आयोग को किया आगाह — “अधिकारियों के तबादले में राजनीतिक दबाव”
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर
राज्य सरकार पर मनमाने तबादलों का आरोप लगाया है।
पार्टी का कहना है कि बिहार में कई अधिकारियों को केवल 45 दिन पदभार संभालने के बाद ही हटा दिया गया,
जो नियमों के विपरीत है।
आरजेडी ने दावा किया कि यह तबादले
राजनीतिक दबाव और सत्ता के दुरुपयोग के तहत किए गए हैं,
जिससे प्रशासनिक सेवाओं की स्वतंत्रता पर असर पड़ेगा।
पार्टी ने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि
पिपरा, मधुबन और चिरैया विधानसभा क्षेत्रों में
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए तत्काल संज्ञान लिया जाए।
आरजेडी प्रवक्ताओं का कहना है —
“तबादलों का यह सिलसिला बिहार विधानसभा चुनाव की अधिसूचना से ठीक पहले
सत्ता पक्ष द्वारा चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप की सुनियोजित कोशिश है।”
🔵 लोकसेवा में नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष — BJP ने मनाया “सफलता का पर्व”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा —
“साल 2001 में जब नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री के रूप में लोकसेवा में कदम रखा,
तब से आज तक उन्होंने देश और दुनिया में सुशासन का आदर्श मॉडल स्थापित किया है।”
विजय सिन्हा ने कहा कि
पीएम मोदी के 11 साल के प्रधानमंत्री कार्यकाल में
भारत ने ‘अच्छी नीति पर आधारित राजनीति’ का नया युग देखा है।
उनकी कार्यशैली ने शासन-प्रशासन में जनविश्वास को मजबूत किया है,
और यही कारण है कि आज वे दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेताओं में शामिल हैं।
🟡 CJI पर हमले की कोशिश से राजनीति गरमाई — कांग्रेस ने कहा “संविधान पर हमला”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने
मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की कोशिश की घटना को
संविधान पर सीधा हमला बताया।
उन्होंने कहा —
“यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि भारत के संविधान, उसकी आत्मा और
सामाजिक न्याय के मूल्यों पर प्रहार है।”
राजेश राम भावुक होते हुए बोले कि
आज जब एक दलित अपने परिश्रम और योग्यता से
देश की सर्वोच्च न्यायिक कुर्सी पर पहुंचा है,
तो कुछ विचारधाराओं को यह स्वीकार नहीं हो रहा।
उन्होंने कहा कि
“यह वही भारत है जहाँ बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने
संविधान के माध्यम से हर व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान का हक दिया।”
कांग्रेस ने मांग की है कि
इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
🔰 बिहार की राजनीति में बढ़ी बयानबाज़ी, प्रशांत किशोर ने भी साधा निशाना
राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) लगातार
जेडीयू और आरजेडी दोनों पर हमलावर हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति “विकास बनाम वंशवाद” की लड़ाई में उलझी हुई है
और जनता अब विकल्प खोज रही है।
PK ने यह भी कहा कि
“बिहार को नई सोच और नई पीढ़ी के नेतृत्व की जरूरत है,
जो पुराने राजनीतिक समीकरणों से ऊपर उठकर काम करे।”
📰 निष्कर्ष: बिहार चुनाव की जंग अब तेज़ मोड़ पर
बिहार की राजनीति में इस वक्त तीन बड़े मुद्दे सुर्खियों में हैं —
1️⃣ सीट बंटवारे पर गठबंधनों में मंथन,
2️⃣ तबादलों पर आरजेडी का EC को अलर्ट,
3️⃣ और लालू पर जेडीयू का सीधा हमला।
राज्य में हर दिन नए बयान, नई रणनीतियाँ और नए गठजोड़ बन रहे हैं।
ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि
बिहार चुनाव 2025 अब सियासी युद्ध का रूप ले चुका है।

