विश्व पर्यटन दिवस पर सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा संदेश, बोले – “नदियों के मायके में आपका अभिनंदन है”, मध्यप्रदेश बनेगा वैश्विक पर्यटन का नया गंतव्य
भोपाल।
हर साल 27 सितंबर को मनाया जाने वाला विश्व पर्यटन दिवस (World Tourism Day) इस बार मध्यप्रदेश के लिए बेहद खास रहा। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज पर्यटन प्रेमियों को शुभकामनाएं देते हुए देश-दुनिया के सैलानियों को ‘भारत के हृदयप्रदेश’ आने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि “पर्यटन केवल घूमने-फिरने का साधन नहीं, बल्कि संस्कृतियों को समझने, प्रकृति को सहेजने और मानवता को जोड़ने का माध्यम है। नदियों के मायके, इस अतुल्य धरा पर आपका अभिनंदन है।”
सीएम ने बताया कि मध्यप्रदेश न सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है, बल्कि यहां की जीवंत लोक संस्कृति, कला और परंपराएं भी पर्यटकों को गहरे अनुभव से जोड़ती हैं।
भोपाल में होगा बड़ा आयोजन – मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट
पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में राजधानी भोपाल में 11 से 13 अक्टूबर तक मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट आयोजित होगा। यह आयोजन राज्य को वैश्विक पर्यटन बाजार में अग्रणी गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा।
इस ट्रैवल मार्ट में देश-विदेश के टूर ऑपरेटर शामिल होंगे और उन्हें प्रदेश की विरासत, फिल्म पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन और साहसिक पर्यटन के अवसरों से परिचित कराया जाएगा।
मध्यप्रदेश: धरोहरों और संस्कृति का खजाना
पिछले कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश सरकार ने पर्यटन विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यही कारण है कि प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार भी मिले हैं।
यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स:
खजुराहो के मंदिर, साँची स्तूप और भीमबेटका की प्राचीन गुफाएं।
अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर:
भगोरिया आदिवासी नृत्य, गोंड चित्रकला और नर्मदा परिक्रमा।
यूनेस्को टेंटेटिव लिस्ट में शामिल 15 स्थान:
ग्वालियर किला, मांडू, ओरछा, चंदेरी, भेड़ाघाट-लमेटाघाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व सहित अन्य।
अन्य महत्वपूर्ण स्थल:
अशोक शिलालेख, चौसठ योगिनी मंदिर, गुप्तकालीन मंदिर और बुंदेलखंड के किले।
ये सभी स्थान प्रदेश की गौरवशाली विरासत, विविध संस्कृति और इतिहास को दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं।
पर्यटन का बढ़ता महत्व
संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) ने 1980 में विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत की थी। यह दिन हमें याद दिलाता है कि पर्यटन का महत्व केवल अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं है। यह सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी अहम है।
पर्यटन से न केवल रोजगार और विकास को बल मिलता है, बल्कि यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक एकता का सेतु भी बनता है।
मध्यप्रदेश की पहचान बनेगा पर्यटन
आज जब पूरी दुनिया सतत विकास और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ रही है, तब मध्यप्रदेश अपनी धरोहरों, प्राकृतिक सुंदरता और अनोखी संस्कृति के साथ एक ‘ग्लोबल टूरिज्म हब’ बनने की राह पर है।
सीएम मोहन यादव का यह निमंत्रण न सिर्फ भारतवासियों बल्कि दुनिया के हर पर्यटक के लिए है, जो प्रकृति और संस्कृति के संगम को करीब से देखना चाहते हैं।


