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	<title>Revenue Department &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Revenue Department &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>बछोड़िया में सरकारी जमीन पर पक्के निर्माण का आरोप, नायब तहसीलदार के कथित जवाब से ग्रामीणों में नाराजगी — दैनिक स्वराज वाणी</title>
		<link>https://swarajvani.com/alleged-construction-on-government-land-in-bachhodia-sparks-anger-among-villagers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Oct 2026 07:30:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[RATLAM]]></category>
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					<description><![CDATA[बछोड़िया में सरकारी जमीन पर पक्के निर्माण का आरोप, नायब तहसीलदार के कथित जवाब से ग्रामीणों में नाराजगी — दैनिक स्वराज वाणी संवाददाता:  अर्जुन कुमावत  रतलाम जिले की पिपलोदा तहसील ... <a title="बछोड़िया में सरकारी जमीन पर पक्के निर्माण का आरोप, नायब तहसीलदार के कथित जवाब से ग्रामीणों में नाराजगी — दैनिक स्वराज वाणी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/alleged-construction-on-government-land-in-bachhodia-sparks-anger-among-villagers/" aria-label="Read more about बछोड़िया में सरकारी जमीन पर पक्के निर्माण का आरोप, नायब तहसीलदार के कथित जवाब से ग्रामीणों में नाराजगी — दैनिक स्वराज वाणी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>बछोड़िया में सरकारी जमीन पर पक्के निर्माण का आरोप, नायब तहसीलदार के कथित जवाब से ग्रामीणों में नाराजगी — दैनिक स्वराज वाणी</strong></h1>
<p><strong>संवाददाता:  अर्जुन कुमावत</p>
<p></strong> रतलाम जिले की पिपलोदा तहसील के टप्पा कालूखेड़ा क्षेत्र स्थित ग्राम बछोड़िया में सरकारी जमीन पर पक्के निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों और शिकायतकर्ता पत्रकार अर्जुन कुमावत का आरोप है कि मांडवी रोड पर सार्वजनिक हैंडपंप और कचरा निस्तारण स्थल के पास शासकीय भूमि पर निर्माण किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में करीब छह महीने से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अब तक मौके पर निर्माण रोकने या भूमि की सीमांकन कार्रवाई नहीं हुई है।</p>
<h2><strong>नायब तहसीलदार के कथित जवाब पर आपत्ति</strong></h2>
<p>शिकायतकर्ता के मुताबिक, जब टप्पा नायब तहसीलदार से निर्माण पर कार्रवाई की मांग की गई तो उन्होंने कथित तौर पर कहा, “गांव में अन्य लोगों ने भी कब्जे कर रखे हैं, अगर एक का निर्माण हटाया जाएगा तो सबका हटाना पड़ेगा।” ग्रामीणों का कहना है कि इस जवाब से उनकी नाराजगी बढ़ी है। उनका आरोप है कि पुराने निर्माणों का हवाला देकर हाल में किए जा रहे निर्माण पर कार्रवाई टाली जा रही है।</p>
<p>शिकायतकर्ता का दावा है कि आसपास के कुछ मकान 20 वर्ष से अधिक पुराने हैं और पंचायत रिकॉर्ड में दर्ज अपने निर्धारित रकबे में बने हुए हैं। इसके विपरीत, संबंधित व्यक्ति पर पिछले छह महीने के भीतर सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर कब्जा कर निर्माण करने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों की मांग है कि पुराने निर्माणों और नए निर्माण की स्थिति को अलग-अलग देखकर रिकॉर्ड के आधार पर निर्णय लिया जाए।</p>
<h2><strong>पट्टे और पीएम आवास योजना की आड़ में सीमा से अधिक कब्जे का आरोप</strong></h2>
<p>ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण स्थल मांडवी रोड पर हैंडपंप और कचरा निस्तारण स्थल के पास है। उनका आरोप है कि पट्टे और प्रधानमंत्री आवास योजना का हवाला देकर निर्धारित सीमा से अधिक सरकारी भूमि पर निर्माण किया जा रहा है। इस दावे की पुष्टि राजस्व रिकॉर्ड, पट्टे के दस्तावेज और मौके के सीमांकन से की जा सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जांच कराने की मांग की है।</p>
<p>शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कचरा निस्तारण स्थल के पास निर्माण जारी रहने से गांव की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उनका यह भी कहना है कि हैंडपंप के आसपास जगह कम होने और निर्माण आगे बढ़ने से लोगों के आवागमन तथा पेयजल लेने में भविष्य में परेशानी हो सकती है। ग्रामीण चाहते हैं कि काम पूरा होने से पहले राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर सरकारी भूमि की सीमा तय करे और सार्वजनिक उपयोग की जगह को सुरक्षित रखे।</p>
<h2><strong>छह महीने से शिकायत, सीमांकन और कार्रवाई की मांग</strong></h2>
<p>अर्जुन कुमावत के अनुसार, इस मामले में सीएम हेल्पलाइन और टप्पा कालूखेड़ा नायब तहसीलदार कार्यालय में शिकायतें की गई हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि अब तक उन्हें ऐसी ठोस कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है जिससे निर्माण रुकने या भूमि के सीमांकन की पुष्टि हो। ग्रामीणों ने मांग की है कि राजस्व अमला मौके का निरीक्षण करे, उपलब्ध रिकॉर्ड का मिलान करे और जांच के निष्कर्ष के आधार पर कार्रवाई करे।</p>
<p>ऐसे मामलों में पट्टे की सीमा, भूमि का खसरा और पंचायत के रिकॉर्ड का मिलान महत्वपूर्ण होता है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन यदि मौके पर सीमांकन कराए तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण निजी पट्टे की जमीन पर है या शासकीय भूमि में बढ़ाया गया है। उनका आग्रह है कि जांच निष्पक्ष हो और सार्वजनिक कचरा निस्तारण स्थल तथा हैंडपंप तक लोगों की पहुंच बनी रहे।</p>
<h2><strong>कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी</strong></h2>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="wp-image-367492 alignright" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/dddddddddddddddd-1-300x239.gif" alt="dddddddddddddddd 1" width="346" height="276" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/dddddddddddddddd-1-300x239.gif 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/dddddddddddddddd-1-768x612.gif 768w" sizes="(max-width: 346px) 100vw, 346px" /><span style="font-size: inherit;">ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण नहीं रुकवाया गया और जमीन की जांच नहीं हुई तो वे मामला कलेक्टर रतलाम और संभागायुक्त के समक्ष उठाएंगे। शिकायतकर्ताओं ने आगे आंदोलन करने की भी बात कही है। उनका कहना है कि वे पहले प्रशासनिक स्तर पर समाधान चाहते हैं, लेकिन शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो विरोध तेज किया जाएगा।</span></p>
<p>इस मामले में सरकारी भूमि पर कब्जे, पट्टे की सीमा और नायब तहसीलदार के कथित बयान से जुड़े आरोप ग्रामीणों और शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। प्रकाशन के समय संबंधित व्यक्ति और राजस्व अधिकारियों का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका। जमीन की वास्तविक स्थिति आधिकारिक सीमांकन और राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>CG पटवारी हड़ताल: PV ऐप के विरोध में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू, राजस्व सेवाओं पर पड़ सकता है असर</title>
		<link>https://swarajvani.com/chhattisgarh-patwari-strike-begins-over-pv-app-revenue-services-may-be/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Oct 2026 06:38:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Chhattisgarh News]]></category>
		<category><![CDATA[Chhattisgarh news]]></category>
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					<description><![CDATA[CG पटवारी हड़ताल: PV ऐप के विरोध में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू, राजस्व सेवाओं पर पड़ सकता है असर रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारी संघ के आह्वान पर पटवारियों ने मंगलवार, ... <a title="CG पटवारी हड़ताल: PV ऐप के विरोध में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू, राजस्व सेवाओं पर पड़ सकता है असर" class="read-more" href="https://swarajvani.com/chhattisgarh-patwari-strike-begins-over-pv-app-revenue-services-may-be/" aria-label="Read more about CG पटवारी हड़ताल: PV ऐप के विरोध में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू, राजस्व सेवाओं पर पड़ सकता है असर">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>CG पटवारी हड़ताल: PV ऐप के विरोध में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू, राजस्व सेवाओं पर पड़ सकता है असर</strong></h1>
<p><strong>रायपुर।</strong> छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारी संघ के आह्वान पर पटवारियों ने मंगलवार, 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। संघ PV ऐप के जरिए फसलों के भौतिक सत्यापन में आ रही तकनीकी और मैदानी दिक्कतों का समाधान नहीं होने से नाराज है। पटवारियों का कहना है कि ऐप से काम करने में आ रही समस्याओं की जानकारी शासन और विभाग को पहले भी दी गई, लेकिन उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं हुई। हड़ताल से राजस्व विभाग के कामकाज के साथ आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र जैसे कामों में देरी की आशंका है।</p>
<h2><strong>PV ऐप से फसल सत्यापन पर विवाद</strong></h2>
<p>पटवारियों को PV ऐप के माध्यम से खेतों और फसलों का भौतिक सत्यापन करने की जिम्मेदारी दी गई है। संघ का आरोप है कि ऐप और सत्यापन की मौजूदा प्रक्रिया में मैदानी परिस्थितियों के अनुरूप कई व्यावहारिक दिक्कतें हैं। पटवारियों के अनुसार, खेतों तक पहुंच, फसल की स्थिति दर्ज करना और डिजिटल माध्यम से जानकारी भेजना हर जगह एक जैसी आसानी से संभव नहीं है। इन दिक्कतों के बीच समय-सीमा में काम पूरा करने का दबाव भी है।</p>
<p>संघ का कहना है कि समस्याओं को लेकर शासन और विभाग को पहले ज्ञापन दिए गए थे। इसके बावजूद ऐप की तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी दिक्कतों का समाधान नहीं किया गया। इसी मुद्दे को लेकर पटवारियों ने PV ऐप से फसल सत्यापन का विरोध किया है।</p>
<h2><strong>कार्रवाई और तबादलों का भी विरोध</strong></h2>
<p>संघ ने PV ऐप के विरोध के दौरान पटवारियों के खिलाफ हुई प्रशासनिक कार्रवाइयों पर भी आपत्ति जताई है। संघ के मुताबिक, बलौदाबाजार जिले में कुछ पदाधिकारियों और पटवारियों के तबादले किए गए तथा कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। महासमुंद जिले में निलंबन की कार्रवाई को लेकर भी संघ ने विरोध दर्ज कराया है। पटवारी संघ इन कार्रवाइयों को वापस लेने की मांग कर रहा है।</p>
<p>इन मामलों में विभागीय कार्रवाई के कारणों को लेकर अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं। इसलिए संघ के आरोपों को उसकी मांग और पक्ष के रूप में देखा जाना चाहिए। पटवारी संघ का कहना है कि ऐप की समस्याएं उठाने के बाद भी कर्मचारियों पर कार्रवाई होने से असंतोष बढ़ा है।</p>
<h2><strong>वेतन विसंगति और पदोन्नति की मांग</strong></h2>
<p>PV ऐप और कार्रवाई के विरोध के साथ पटवारी संघ ने अपनी पुरानी मांगों को भी आंदोलन में शामिल किया है। इनमें वेतन विसंगति दूर करना और पदोन्नति से जुड़े मामलों का निराकरण शामिल है। संघ का कहना है कि इन मांगों पर लंबे समय से निर्णय लंबित हैं। संगठन ने शासन से बातचीत कर समस्याओं का समाधान करने और कर्मचारियों से जुड़ी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।</p>
<h2><strong>कई विभागीय कामों पर निर्भर रहते हैं पटवारी</strong></h2>
<p>पटवारी केवल फसल गिरदावरी ही नहीं, बल्कि राजस्व और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े कई काम भी करते हैं। इनमें किसान पंजीयन, डिजिटल फसल सर्वेक्षण, एग्रीस्टैक पंजीयन, आय-जाति-निवास प्रमाणपत्रों से जुड़ी प्रक्रिया, स्वामित्व योजना और अलग-अलग सर्वेक्षण शामिल हैं। संघ के अनुसार, पटवारियों पर पहले से कई जिम्मेदारियां हैं और ऐसे में तकनीकी कठिनाइयों के बीच अतिरिक्त काम का दबाव बढ़ रहा है।</p>
<p>यदि हड़ताल लंबी चलती है, तो इन सेवाओं के लिए पटवारियों पर निर्भर लोगों को इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, हर जिले और तहसील में काम पर असर कितना होगा, यह स्थानीय प्रशासन की व्यवस्था और हड़ताल में कर्मचारियों की भागीदारी पर निर्भर करेगा</p>
<h2><strong>आम लोगों को किन कामों में हो सकती है परेशानी</strong></h2>
<p>हड़ताल के दौरान भूमि और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े कामों में देरी की आशंका है। नामांतरण, सीमांकन, फसल संबंधी जानकारी और प्रमाणपत्रों के सत्यापन जैसे कामों के लिए लोगों को संबंधित कार्यालयों से संपर्क करना पड़ सकता है। किसान पंजीयन और फसल सत्यापन में देरी होने पर किसानों को भी परेशानी हो सकती है।</p>
<p>लोगों को सलाह है कि किसी जरूरी आवेदन या प्रमाणपत्र के लिए तहसील या संबंधित कार्यालय से पहले जानकारी ले लें। आवेदन की रसीद और जरूरी दस्तावेज संभालकर रखें, ताकि सेवा फिर शुरू होने पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। कामकाज की स्थिति जिले के अनुसार अलग हो सकती है।</p>
<h2><strong>समाधान तक हड़ताल जारी रखने की बात</strong></h2>
<p>राजस्व पटवारी संघ ने PV ऐप की दिक्कतों का समाधान, पटवारियों पर की गई कार्रवाइयों की समीक्षा और लंबित मांगों पर बातचीत की मांग रखी है। संघ की ओर से हड़ताल को अनिश्चितकालीन बताया गया है। अब आंदोलन समाप्त करने का रास्ता शासन और संघ के बीच बातचीत तथा मांगों पर होने वाली कार्रवाई से तय होगा। इस बीच राजस्व सेवाओं के लिए लोगों को अपने क्षेत्र के तहसील कार्यालय से ताजा जानकारी लेते रहना चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सरकारी कामों में लापरवाही पर कार्रवाई, बुरहानपुर में 10 पटवारियों की सेवा समाप्त; 5 निलंबित</title>
		<link>https://swarajvani.com/burhanpur-collector-terminates-services-of-10-patwaris-suspends-five-for/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 10 Oct 2026 10:59:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[khandwa]]></category>
		<category><![CDATA[Burhanpur Collector]]></category>
		<category><![CDATA[Government Employees]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
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					<description><![CDATA[सरकारी कामों में लापरवाही पर कार्रवाई, बुरहानपुर में 10 पटवारियों की सेवा समाप्त; 5 निलंबित बुरहानपुर। शासकीय कार्यों में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना पर बुरहानपुर कलेक्टर ... <a title="सरकारी कामों में लापरवाही पर कार्रवाई, बुरहानपुर में 10 पटवारियों की सेवा समाप्त; 5 निलंबित" class="read-more" href="https://swarajvani.com/burhanpur-collector-terminates-services-of-10-patwaris-suspends-five-for/" aria-label="Read more about सरकारी कामों में लापरवाही पर कार्रवाई, बुरहानपुर में 10 पटवारियों की सेवा समाप्त; 5 निलंबित">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>सरकारी कामों में लापरवाही पर कार्रवाई, बुरहानपुर में 10 पटवारियों की सेवा समाप्त; 5 निलंबित</strong></h1>
<p><strong>बुरहानपुर।</strong> शासकीय कार्यों में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना पर बुरहानपुर कलेक्टर हर्ष सिंह ने कार्रवाई की है। कलेक्टर ने 10 परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं समाप्त कर दीं, जबकि पांच अन्य पटवारियों को निलंबित किया गया है। सरकारी कामों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर हुई इस कार्रवाई से जिले के राजस्व विभाग में हलचल है।</p>
<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित पटवारियों पर शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने और शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में तय प्रगति हासिल नहीं करने का आरोप है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं किए जाने को भी कार्रवाई का आधार बताया गया है। कलेक्टर ने मामले की समीक्षा के बाद सेवा समाप्ति और निलंबन के आदेश जारी किए।</p>
<h2><strong>10 परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवा समाप्त</strong></h2>
<p>कार्रवाई के तहत जिन 10 पटवारियों की सेवा समाप्त की गई है, वे परिवीक्षाधीन अवधि में कार्यरत थे। परिवीक्षा अवधि के दौरान कर्मचारी के कामकाज, जिम्मेदारी निभाने और विभागीय निर्देशों के पालन का आकलन किया जाता है। अधिकारियों की समीक्षा में इनके काम में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने के बाद सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया गया।</p>
<p>इसके अलावा पांच पटवारियों को निलंबित किया गया है। निलंबन के दौरान विभागीय प्रक्रिया के अनुसार मामले की जांच और आगे की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन पटवारियों के नाम, उनके विरुद्ध अलग-अलग आरोपों और जांच की अवधि का विवरण नहीं दिया गया है।</p>
<h2><strong>नेपानगर और बुरहानपुर तहसील में हलचल</strong></h2>
<p>इस कार्रवाई का असर नेपानगर और बुरहानपुर तहसील में देखा जा रहा है। पटवारी राजस्व विभाग के मैदानी कामों से जुड़े रहते हैं और अपने क्षेत्र में विभिन्न शासकीय कार्यों का दायित्व संभालते हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में कर्मचारियों पर कार्रवाई के बाद तहसील स्तर पर विभागीय कामकाज और जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण को लेकर चर्चा है।</p>
<p>कलेक्टर की कार्रवाई को प्रशासनिक कामों में जवाबदेही तय करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है। शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में तय समय पर प्रगति और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है। अधिकारियों की ओर से काम की समीक्षा के बाद लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।</p>
<h2><strong>आदेशों में क्या है?</strong></h2>
<p>उपलब्ध विवरण के मुताबिक, सेवा समाप्ति और निलंबन की कार्रवाई का कारण शासकीय दायित्वों में लापरवाही, निर्देशों की अवहेलना और प्राथमिकता वाले कार्यों में अपेक्षित प्रगति का अभाव बताया गया है। किन विशिष्ट कामों में देरी हुई या किस पटवारी की जिम्मेदारी में कौन-सी कमी पाई गई, इसका विस्तृत ब्योरा फिलहाल सामने नहीं आया है।</p>
<p>प्रशासनिक कार्रवाई के बाद संबंधित आदेशों और विभागीय प्रक्रिया से जुड़े आगे के विवरण की प्रतीक्षा है। कर्मचारियों के नाम और उनके विरुद्ध अलग-अलग आरोपों की पुष्टि होने पर मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि कलेक्टर ने कुल 15 पटवारियों पर कार्रवाई की है—10 की सेवा समाप्त की गई है और पांच को निलंबित किया गया है।</p>
<p><strong>English Tags:</strong> Burhanpur News, Burhanpur Collector, Patwari Action, Patwari Suspended, Services Terminated, Madhya Pradesh News, Revenue Department, Government Employees, Negligence in Government Work</p>
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			</item>
		<item>
		<title>पटवारियों पर गंभीर आरोप, लहार अभिभाषक संघ ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन</title>
		<link>https://swarajvani.com/sociation-levels-serious-allegations-against-patwaris-submits-memorandum-seeking-probe/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 11 Sep 2026 12:21:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[bhind]]></category>
		<category><![CDATA[Bhind News]]></category>
		<category><![CDATA[Corruption Probe]]></category>
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		<category><![CDATA[Raun]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue Department]]></category>
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					<description><![CDATA[पटवारियों पर गंभीर आरोप, लहार अभिभाषक संघ ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन नामांतरण और सीमांकन में लापरवाही से किसान परेशान, एसडीएम पर लगाए आरोपों को बताया गलत; कथित भ्रष्टाचार ... <a title="पटवारियों पर गंभीर आरोप, लहार अभिभाषक संघ ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन" class="read-more" href="https://swarajvani.com/sociation-levels-serious-allegations-against-patwaris-submits-memorandum-seeking-probe/" aria-label="Read more about पटवारियों पर गंभीर आरोप, लहार अभिभाषक संघ ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>पटवारियों पर गंभीर आरोप, लहार अभिभाषक संघ ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन</strong></h1>
<h2><strong>नामांतरण और सीमांकन में लापरवाही से किसान परेशान, एसडीएम पर लगाए आरोपों को बताया गलत; कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग</strong></h2>
<p><strong>रिपोर्टर: अभिषेक शर्मा</p>
<p>दैनिक स्वराज वाणी | लहार।</strong> तहसील क्षेत्र में पटवारियों की कार्यप्रणाली को लेकर अभिभाषक संघ लहार ने विरोध जताया है। संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने शुक्रवार को एसडीएम लहार के माध्यम से भिंड कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें पटवारियों पर काम में लापरवाही बरतने, अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने और राजस्व प्रकरणों में कथित अनियमितताएं करने के आरोप लगाए गए हैं।</p>
<p>अभिभाषक संघ ने ज्ञापन में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। संघ का कहना है कि राजस्व संबंधी काम समय पर नहीं होने के कारण किसानों और अन्य पक्षकारों को लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।</p>
<h3><strong>प्रकरणों में रिपोर्ट नहीं लगाने का आरोप</strong></h3>
<p>ज्ञापन में कहा गया है कि लहार क्षेत्र में धारा 115 से संबंधित प्रकरणों में पटवारियों द्वारा समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जा रही है। इसके अतिरिक्त नामांतरण, सीमांकन और अन्य राजस्व मामलों में भी निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई नहीं होने से प्रकरण लंबित हो रहे हैं।</p>
<p>अभिभाषक संघ के अनुसार राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े काम समय पर पूरे नहीं होने से किसानों और संपत्ति संबंधी मामलों के पक्षकारों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<h3><strong>एसडीएम के खिलाफ शिकायतों की जांच की मांग</strong></h3>
<p>अभिभाषक संघ ने पटवारियों द्वारा लहार एसडीएम पर लगाए गए अभद्रता और परेशान करने संबंधी आरोपों को गलत बताया है। संघ ने इस मामले की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।</p>
<p>ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ पटवारी एसडीएम के विरुद्ध शिकायतें करके प्रशासनिक दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। संघ ने कहा कि दोनों पक्षों के आरोपों और उपलब्ध तथ्यों की जांच होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।</p>
<h3><strong>नामांतरण और बंटवारे में कथित अनियमितता</strong></h3>
<p>संघ ने दबोह क्षेत्र में नामांतरण और बंटवारे से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया है। ज्ञापन में तहसीलदार दबोह-आलमपुर तथा संबंधित पटवारियों की कार्यप्रणाली की जांच कराने की मांग की गई है।</p>
<p>अभिभाषकों का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में भी शिकायतें प्रस्तुत की जा चुकी हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से समस्याएं बनी हुई हैं। संघ ने पूर्व शिकायतों और संबंधित राजस्व रिकॉर्ड की जांच कराने का अनुरोध किया है।</p>
<h3><strong>हल्का क्षेत्र में नहीं रहने का आरोप</strong></h3>
<p><img decoding="async" class="wp-image-356487 alignright" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/5464564567456767y5-134x300.jpeg" alt="5464564567456767y5" width="206" height="461" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/5464564567456767y5-134x300.jpeg 134w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/5464564567456767y5-458x1024.jpeg 458w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/5464564567456767y5-686x1536.jpeg 686w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/5464564567456767y5.jpeg 715w" sizes="(max-width: 206px) 100vw, 206px" /><span style="font-size: inherit;">ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कई पटवारी अपने निर्धारित हल्का क्षेत्र में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते और दूसरे स्थानों से आवागमन करते हैं। इससे किसानों को राजस्व रिकॉर्ड, नामांतरण, सीमांकन और अन्य कार्यों के लिए पटवारियों से संपर्क करने में कठिनाई होती है।</span></p>
<p>संघ ने प्रशासन से पटवारियों को उनके निर्धारित हल्का क्षेत्र में उपस्थित रहने के लिए निर्देशित करने तथा उनकी उपस्थिति और कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी करने की मांग की है।</p>
<h3><strong>अधिकारियों के आदेशों पर अमल नहीं होने का आरोप</strong></h3>
<p>अभिभाषक संघ ने आरोप लगाया कि तहसीलदार और एसडीएम द्वारा नामांतरण सहित विभिन्न मामलों में आदेश जारी किए जाने के बावजूद कई प्रकरणों में पटवारियों द्वारा उनका समय पर पालन नहीं किया जाता। इसके कारण राजस्व और न्यायालयीन प्रक्रिया प्रभावित होने का दावा किया गया है।</p>
<p>संघ ने लहार, दबोह, आलमपुर, मिहोना और रौन क्षेत्र में पटवारियों की कार्यप्रणाली तथा कथित भ्रष्टाचार की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। अभिभाषक संघ ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई और लंबित राजस्व मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Indore Encroachment Action: अतिक्रमण हटाने के दौरान एडिशनल डीसीपी को धक्का, जमीन पर गिरे; 6 युवक हिरासत में</title>
		<link>https://swarajvani.com/indore-encroachment-drive-additional-dcp-pushed-to-ground-during-action-six-youths-detained/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Sep 2026 10:55:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[Dai]]></category>
		<category><![CDATA[Illegal Construction Demolition]]></category>
		<category><![CDATA[Indore News]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Police]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
		<category><![CDATA[Municipal Corporation Action]]></category>
		<category><![CDATA[Police Officer Pushed]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue Department]]></category>
		<category><![CDATA[Six Youths Detained]]></category>
		<category><![CDATA[vernment Land Encroachment]]></category>
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					<description><![CDATA[Indore Encroachment Action: अतिक्रमण हटाने के दौरान एडिशनल डीसीपी को धक्का, जमीन पर गिरे; 6 युवक हिरासत में साउथ तोड़ा क्षेत्र में राजस्व विभाग, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त ... <a title="Indore Encroachment Action: अतिक्रमण हटाने के दौरान एडिशनल डीसीपी को धक्का, जमीन पर गिरे; 6 युवक हिरासत में" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indore-encroachment-drive-additional-dcp-pushed-to-ground-during-action-six-youths-detained/" aria-label="Read more about Indore Encroachment Action: अतिक्रमण हटाने के दौरान एडिशनल डीसीपी को धक्का, जमीन पर गिरे; 6 युवक हिरासत में">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Indore Encroachment Action: अतिक्रमण हटाने के दौरान एडिशनल डीसीपी को धक्का, जमीन पर गिरे; 6 युवक हिरासत में</strong></h1>
<h2><strong>साउथ तोड़ा क्षेत्र में राजस्व विभाग, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; 50 शेड और छह मकानों के अवैध हिस्से हटाए</strong></h2>
<p><strong>इंदौर।</strong> शहर के साउथ तोड़ा क्षेत्र में बुधवार को सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद भीड़ को पीछे हटाते समय एक युवक ने कथित रूप से एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल को धक्का दे दिया। इससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे जमीन पर गिर पड़े।</p>
<p>घटना के बाद पुलिस ने तत्काल स्थिति संभाली और मौके से छह युवकों को हिरासत में लिया। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से जानकारी जुटाकर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h2><strong>भारी अमले के साथ पहुंची थी टीम</strong></h2>
<p>चंद्रभागा स्थित विद्या गौड़ मंदिर से दौलतगंज की ओर जाने वाले मार्ग के दोनों तरफ किए गए अतिक्रमण हटाने के लिए बुधवार सुबह संयुक्त कार्रवाई शुरू की गई। टीम में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ नगर निगम का रिमूवल अमला और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी शामिल थे।</p>
<p>नगर निगम की टीम 100 से अधिक कर्मचारियों, तीन पोकलेन मशीन और छह जेसीबी के साथ मौके पर पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 80 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए थे।</p>
<p>अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्र को सुरक्षित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रारंभ की। इस दौरान मार्ग पर आम लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया और लोगों को कार्रवाई वाले स्थान से दूर रहने की हिदायत दी गई।</p>
<h2><strong>सरकारी जमीन पर बने थे दुकान और गोदाम</strong></h2>
<p>प्रशासन के मुताबिक, साउथ तोड़ा क्षेत्र में करीब 0.400 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। जमीन के अलग-अलग हिस्सों पर दुकानें, गोदाम, शेड और मकानों के हिस्से बना लिए गए थे।</p>
<p>संबंधित विभागों द्वारा जमीन का सीमांकन और दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद अतिक्रमण चिह्नित किए गए। इसके बाद संयुक्त टीम को निर्माण हटाने के लिए मौके पर भेजा गया। कार्रवाई के दौरान मशीनों की सहायता से अवैध निर्माणों को तोड़ा गया।</p>
<p>नगर निगम के अनुसार, अभियान के दौरान करीब 50 शेड और छह मकानों के अवैध हिस्से हटाए गए। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराने के उद्देश्य से की गई।</p>
<h2><strong>कार्रवाई के दौरान जमा हो गई भीड़</strong></h2>
<p>नगर निगम द्वारा निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही वहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और प्रभावित परिवार एकत्रित हो गए। कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया और अधिकारियों से चर्चा करने की मांग की।</p>
<p>पुलिसकर्मियों ने भीड़ को मशीनों और कार्रवाई वाले हिस्से से पीछे हटाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने लोगों को समझाइश दी कि मशीनों के आसपास खड़े रहने से दुर्घटना हो सकती है। इसके बावजूद मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई।</p>
<p>भीड़ बढ़ने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं मोर्चा संभालने पहुंचे। एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल भी लोगों को कार्रवाई स्थल से पीछे हटाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे थे।</p>
<h2><strong>भीड़ में पीछे से मारा गया धक्का</strong></h2>
<p>पुलिस के अनुसार, भीड़ को पीछे करते समय वहां मौजूद एक युवक ने एडिशनल डीसीपी को पीछे से धक्का दे दिया। अचानक धक्का लगने के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वह जमीन पर गिर गए।</p>
<p>मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत संभाला। घटना के बाद पुलिस ने भीड़ को हटाया और धक्का देने तथा हंगामा करने के संदेह में छह युवकों को हिरासत में लिया।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। पुलिस फुटेज की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि धक्का किसने दिया और हंगामे में अन्य किन लोगों की भूमिका थी। जांच के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज किया जा सकता है।</p>
<h2><strong>छह युवकों से की जा रही पूछताछ</strong></h2>
<p>मौके से हिरासत में लिए गए छह युवकों को पुलिस थाने ले जाया गया, जहां उनसे घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि विरोध अचानक हुआ या लोगों को कार्रवाई रोकने के लिए पहले से एकत्रित किया गया था।</p>
<p>हिरासत में लिए जाने का अर्थ आरोप सिद्ध होना नहीं है। वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर तैनात अधिकारियों के बयानों के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका निर्धारित की जाएगी।</p>
<p>पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शासकीय कार्रवाई में बाधा पहुंचाने, पुलिस अधिकारी से धक्का-मुक्की करने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h2><strong>विरोध के बावजूद जारी रही कार्रवाई</strong></h2>
<p>घटना के बाद कुछ समय के लिए कार्रवाई प्रभावित हुई, लेकिन पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया। इसके बाद नगर निगम के अमले ने मशीनों की सहायता से चिह्नित अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रखा।</p>
<p>अधिकारियों ने टीम को सुरक्षा के बीच कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। नगर निगम कर्मचारियों ने सड़क के दोनों ओर बने शेड और अन्य अवैध हिस्सों को हटाया। कार्रवाई के बाद मलबे को हटाकर मार्ग को व्यवस्थित करने का काम भी शुरू किया गया।</p>
<h2><strong>नगर निगम ने दी सख्त चेतावनी</strong></h2>
<p>नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि शहर में सरकारी जमीन, सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। चिह्नित अतिक्रमणों को नियमानुसार हटाया जाएगा।</p>
<p>प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सरकारी अथवा सार्वजनिक भूमि पर किसी प्रकार का अवैध निर्माण नहीं करें। किसी संपत्ति या निर्माण से संबंधित दस्तावेज होने की स्थिति में उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए।</p>
<p>साउथ तोड़ा की कार्रवाई के दौरान एडिशनल डीसीपी को धक्का दिए जाने की घटना को अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। पुलिस अब फुटेज की जांच और हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>सारंगपुर में 8 किलो संदिग्ध घी जब्त कर कराया नष्ट, दूध का भी लिया सैंपल</title>
		<link>https://swarajvani.com/suspected-ghee-seized-and-destroyed-in-sarangpur-milk-samples-collected-for-quality-testing/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 12:08:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Sarangpur]]></category>
		<category><![CDATA[Bheru Darwaza]]></category>
		<category><![CDATA[Food Adulteration]]></category>
		<category><![CDATA[Food Department Action]]></category>
		<category><![CDATA[Food Quality Check]]></category>
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		<category><![CDATA[Ghee Sample Testing]]></category>
		<category><![CDATA[Girish Mishra Collector]]></category>
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		<category><![CDATA[Pushpad Milk Dairy]]></category>
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					<description><![CDATA[सारंगपुर में 8 किलो संदिग्ध घी जब्त कर कराया नष्ट, दूध का भी लिया सैंपल राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने भेरू दरवाजा क्षेत्र में की कार्रवाई, घी ... <a title="सारंगपुर में 8 किलो संदिग्ध घी जब्त कर कराया नष्ट, दूध का भी लिया सैंपल" class="read-more" href="https://swarajvani.com/suspected-ghee-seized-and-destroyed-in-sarangpur-milk-samples-collected-for-quality-testing/" aria-label="Read more about सारंगपुर में 8 किलो संदिग्ध घी जब्त कर कराया नष्ट, दूध का भी लिया सैंपल">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>सारंगपुर में 8 किलो संदिग्ध घी जब्त कर कराया नष्ट, दूध का भी लिया सैंपल</strong></h1>
<h2><strong>राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने भेरू दरवाजा क्षेत्र में की कार्रवाई, घी और दूध के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे; रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई</strong></h2>
<p><strong>संवाददाता: मनोज कुमार पुष्पद</p>
<p>सारंगपुर।</strong> खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने सारंगपुर में बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर डॉ. गिरीश मिश्रा के निर्देश पर राजस्व एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने बुधवार को भेरू दरवाजा क्षेत्र में दुकानों और डेयरी की जांच की। इस दौरान एक दुकान से करीब <strong>8 किलो संदिग्ध घी जब्त</strong> किया गया। घी का नमूना लेने के बाद शेष संदिग्ध घी को नियमानुसार नष्ट कराया गया। वहीं एक दूध डेयरी से दूध का सैंपल भी जांच के लिए लिया गया।</p>
<p>प्रशासन की अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के खाद्य कारोबारियों में खलबली मची रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।</p>
<h2><strong>एसडीएम जय सोलंकी के नेतृत्व में पहुंची टीम</strong></h2>
<p>जानकारी के अनुसार एसडीएम जय सोलंकी के नेतृत्व में खाद्य अधिकारी सुरेंद्र खत्री, नायब तहसीलदार रणधीर सिंह मीणा, कस्बा पटवारी शहजाद मंसूरी, आशीष पांडे और अंकित चौहान की संयुक्त टीम ने भेरू दरवाजा क्षेत्र में जांच अभियान चलाया।</p>
<p>टीम सबसे पहले राघव राठौर की दुकान पर पहुंची और वहां रखे घी की जांच की। प्रारंभिक जांच में घी संदिग्ध पाए जाने पर अधिकारियों ने करीब आठ किलो घी जब्त कर लिया।</p>
<h2><strong>सैंपल सुरक्षित रखकर शेष घी कराया नष्ट</strong></h2>
<p>अधिकारियों ने संदिग्ध घी का नमूना लेकर जांच के लिए सुरक्षित किया। इसके बाद शेष घी को नियमानुसार नष्ट करवाया गया। हालांकि घी में वास्तव में मिलावट थी या वह खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं था, इसका अंतिम निर्णय प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।</p>
<p>सैंपल को जांच के लिए भेजा जाएगा और रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।</p>
<h2><strong>पुष्पद दूध डेयरी से लिया दूध का सैंपल</strong></h2>
<p>घी की जांच के बाद संयुक्त टीम भेरू दरवाजा क्षेत्र स्थित <strong>पुष्पद दूध डेयरी</strong> पहुंची। यहां अधिकारियों ने दूध की गुणवत्ता की जांच के उद्देश्य से नमूना लिया।</p>
<p>दूध के सैंपल को भी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट में यदि निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h2><strong>अचानक कार्रवाई से कारोबारियों में खलबली</strong></h2>
<p>राजस्व एवं खाद्य विभाग की टीम के अचानक क्षेत्र में पहुंचने से आसपास के दुकानदारों और खाद्य कारोबारियों में खलबली मची रही। टीम ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर जांच की और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की।</p>
<p>प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों को गुणवत्ता और स्वच्छता के मानकों का पालन करने का संदेश दिया है। अधिकारियों के अनुसार लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।</p>
<h2><strong>जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई</strong></h2>
<p>फिलहाल घी और दूध दोनों के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नमूने निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।</p>
<p>अधिकारियों ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आलीराजपुर में पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू, लंबित मांगों को लेकर शासन के खिलाफ मोर्चा; तहसीलों में जमा किए बस्ते</title>
		<link>https://swarajvani.com/alirajpur-patwaris-begin-indefinite-pen-down-strike-over-long-pending-demands/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Aug 2026 12:32:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[AlirajPur]]></category>
		<category><![CDATA[Kalamband Hartal]]></category>
		<category><![CDATA[MP Revenue Department]]></category>
		<category><![CDATA[Nitesh Alawa]]></category>
		<category><![CDATA[Patwari Indefinite Strike]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue Department]]></category>
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					<description><![CDATA[आलीराजपुर में पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू, लंबित मांगों को लेकर शासन के खिलाफ मोर्चा; तहसीलों में जमा किए बस्ते संवाददाता: खलील मंसूरी स्थान: आलीराजपुर  मध्यप्रदेश पटवारी संघ के ... <a title="आलीराजपुर में पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू, लंबित मांगों को लेकर शासन के खिलाफ मोर्चा; तहसीलों में जमा किए बस्ते" class="read-more" href="https://swarajvani.com/alirajpur-patwaris-begin-indefinite-pen-down-strike-over-long-pending-demands/" aria-label="Read more about आलीराजपुर में पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू, लंबित मांगों को लेकर शासन के खिलाफ मोर्चा; तहसीलों में जमा किए बस्ते">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>आलीराजपुर में पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू, लंबित मांगों को लेकर शासन के खिलाफ मोर्चा; तहसीलों में जमा किए बस्ते</strong></h1>
<p><strong>संवाददाता: खलील मंसूरी</strong><br />
<strong>स्थान: आलीराजपुर </strong></p>
<p>मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिला आलीराजपुर के सभी पटवारियों ने मंगलवार से <strong>अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल</strong> शुरू कर दी है। वर्षों से लंबित सेवा संबंधी मांगों के समाधान की मांग को लेकर जिले के सभी तहसीलों में पदस्थ पटवारियों ने एकजुट होकर अपने-अपने <strong>बस्ते तहसील कार्यालयों में जमा किए</strong> और आंदोलन की औपचारिक शुरुआत की।</p>
<p>पटवारी संघ का कहना है कि चरणबद्ध आंदोलन, ज्ञापन और कई स्तरों पर शासन-प्रशासन से संवाद के बावजूद उनकी न्यायोचित मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर अब आंदोलन को अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल का रूप दिया गया है।</p>
<p>संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को आगामी चरणों में और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।</p>
<h2><strong>प्रांतीय आह्वान पर जिले के सभी पटवारी आंदोलन में शामिल</strong></h2>
<p>मध्यप्रदेश पटवारी संघ लंबे समय से अपनी विभिन्न सेवा संबंधी मांगों को लेकर आंदोलनरत है। संघ द्वारा पहले चरणबद्ध आंदोलन, विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से शासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया था। हालांकि इन प्रयासों के बावजूद कोई ठोस समाधान सामने नहीं आने पर अब प्रांतीय नेतृत्व ने अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल का निर्णय लिया है।</p>
<p>आलीराजपुर जिले में भी इस निर्णय का व्यापक असर देखने को मिला। जिले की सभी तहसीलों के पटवारी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तहसील कार्यालय पहुंचे और अपने-अपने बस्ते जमा कर आंदोलन की शुरुआत की। इसके बाद सभी पटवारी एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए।</p>
<h2><strong>तहसील कार्यालयों में जमा किए बस्ते</strong></h2>
<p>हड़ताल के पहले दिन जिले के सभी तहसील मुख्यालयों पर पटवारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए सरकारी रिकॉर्ड और कार्य संबंधी बस्ते तहसील कार्यालय में जमा कर दिए।</p>
<p>यह प्रतीकात्मक कदम इस बात का संकेत है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक वे नियमित राजस्व कार्यों का संचालन नहीं करेंगे।</p>
<p>संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि सभी पटवारी प्रांतीय संगठन के निर्देशों का पालन करते हुए पूरी अनुशासन और एकजुटता के साथ आंदोलन में भाग ले रहे हैं।</p>
<h2><strong>क्यों शुरू हुई कलमबंद हड़ताल?</strong></h2>
<p><img decoding="async" class="alignnone wp-image-342808" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/ertree3-169x300.jpeg" alt="ertree3" width="224" height="398" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/ertree3-169x300.jpeg 169w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/ertree3-576x1024.jpeg 576w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/ertree3.jpeg 720w" sizes="(max-width: 224px) 100vw, 224px" /><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-342809" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/egrter-225x300.jpeg" alt="egrter" width="298" height="397" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/egrter-225x300.jpeg 225w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/egrter-768x1024.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/egrter-1152x1536.jpeg 1152w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/egrter.jpeg 1200w" sizes="auto, (max-width: 298px) 100vw, 298px" /><br />
पटवारी संघ का कहना है कि लंबे समय से सेवा संबंधी अनेक महत्वपूर्ण मांगें शासन के समक्ष लंबित हैं।</p>
<p>कई बार ज्ञापन सौंपे गए, विभिन्न स्तरों पर चर्चा हुई और चरणबद्ध आंदोलन भी किए गए, लेकिन अब तक किसी भी प्रमुख मांग पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया। इससे प्रदेशभर के पटवारियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा था।</p>
<p>इसी असंतोष के चलते अब प्रदेश स्तर पर अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल का निर्णय लिया गया है।</p>
<h2><strong>पटवारी संघ की प्रमुख मांगें</strong></h2>
<p>मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने अपनी मांगों को एक बार फिर स्पष्ट करते हुए शासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—</p>
<h3><strong>1. कैडर रिव्यू किया जाए</strong></h3>
<p>संघ की सबसे प्रमुख मांग है कि पटवारियों का <strong>कैडर रिव्यू</strong> किया जाए ताकि उन्हें समयबद्ध पदोन्नति के अवसर मिल सकें।</p>
<p>संघ का कहना है कि लंबे समय से पदोन्नति की व्यवस्था प्रभावित होने से कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हो रहा है।</p>
<h3><strong>2. जज प्रोटेक्शन और कार्यस्थल पर सुरक्षा</strong></h3>
<p>पटवारियों ने मांग की है कि कार्य के दौरान उन्हें <strong>न्यायिक संरक्षण (Judge Protection)</strong> उपलब्ध कराया जाए।</p>
<p>राजस्व संबंधी विवादों और संवेदनशील मामलों में कार्य करते समय कई बार कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों और दबावों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।</p>
<h3><strong>3. नायब तहसीलदार विभागीय परीक्षा नियमित हो</strong></h3>
<p>संघ का कहना है कि <strong>नायब तहसीलदार विभागीय परीक्षा</strong> नियमित और समयबद्ध रूप से आयोजित की जाए ताकि योग्य पटवारियों को पदोन्नति का अवसर समय पर मिल सके।</p>
<p>वर्षों तक परीक्षा आयोजित नहीं होने से कर्मचारियों के कैरियर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।</p>
<h3><strong>4. समयमान वेतनमान और देय लाभ</strong></h3>
<p>पटवारियों ने समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति और सेवा संबंधी अन्य सभी देय लाभों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।</p>
<p>संघ का कहना है कि कई मामलों में कर्मचारियों को समय पर वित्तीय लाभ नहीं मिल पाते, जिससे आर्थिक परेशानियां उत्पन्न होती हैं।</p>
<h3><strong>5. सेवा संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान</strong></h3>
<p>संघ ने शासन से मांग की है कि पटवारियों की वर्षों से लंबित सेवा संबंधी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए ताकि राजस्व विभाग को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।</p>
<h2><strong>जिलाध्यक्ष नितेश अलावा ने क्या कहा?</strong></h2>
<p>मध्यप्रदेश पटवारी संघ, जिला आलीराजपुर के जिलाध्यक्ष <strong>नितेश अलावा</strong> ने कहा कि पटवारी शासन और आम नागरिकों के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि—</p>
<blockquote><p>&#8220;पटवारी को राजस्व व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। हम सदैव किसानों और आम नागरिकों के हित में पूरी निष्ठा के साथ कार्य करते आए हैं, लेकिन लंबे समय से हमारी न्यायोचित मांगों की लगातार उपेक्षा की जा रही है।&#8221;</p></blockquote>
<p>उन्होंने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर जिले के सभी पटवारियों ने पूर्ण एकजुटता के साथ अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है।</p>
<h2><strong>&#8220;हम विशेष सुविधा नहीं, अधिकार मांग रहे हैं&#8221;</strong></h2>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-342801" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-05-at-5.39.29-PM-225x300.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026 08 05 at 5.39.29 PM" width="294" height="392" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-05-at-5.39.29-PM-225x300.jpeg 225w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-05-at-5.39.29-PM-768x1024.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-05-at-5.39.29-PM.jpeg 960w" sizes="auto, (max-width: 294px) 100vw, 294px" /><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-342802" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/reftre-300x169.jpeg" alt="reftre" width="696" height="392" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/reftre-300x169.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/reftre-1024x576.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/reftre-768x432.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/reftre.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 696px) 100vw, 696px" /><br />
जिलाध्यक्ष नितेश अलावा ने कहा कि उनकी मांगें किसी अतिरिक्त सुविधा के लिए नहीं बल्कि वैधानिक और न्यायसंगत अधिकारों के लिए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि—</p>
<ul>
<li>कैडर रिव्यू</li>
<li>जज प्रोटेक्शन</li>
<li>नायब तहसीलदार विभागीय परीक्षा</li>
<li>समयमान वेतनमान</li>
<li>सेवा संबंधी देय लाभ</li>
</ul>
<p>ये सभी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और इन्हें शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए।</p>
<h2><strong>किसानों और आम नागरिकों को असुविधा नहीं पहुंचाना चाहते</strong></h2>
<p>संघ ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य आम जनता या किसानों को परेशानी पहुंचाना नहीं है।</p>
<p>पटवारी संघ का कहना है कि आंदोलन का मकसद केवल शासन का ध्यान अपनी लंबित मांगों की ओर आकर्षित करना है ताकि वर्षों से चली आ रही समस्याओं का समाधान हो सके।</p>
<h2><strong>राजस्व कार्यों पर पड़ सकता है असर</strong></h2>
<p>पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल का असर जिले के विभिन्न राजस्व कार्यों पर पड़ सकता है।</p>
<p>पटवारी राजस्व विभाग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माने जाते हैं। उनके माध्यम से भूमि अभिलेखों का संधारण, नामांतरण, सीमांकन, फसल गिरदावरी, आय एवं निवास प्रमाण-पत्र से जुड़े सत्यापन, भू-अभिलेख संबंधी कार्य तथा अन्य कई प्रशासनिक प्रक्रियाएं संचालित होती हैं।</p>
<p>ऐसे में हड़ताल लंबी चलने की स्थिति में इन सेवाओं की गति प्रभावित होने की संभावना है।</p>
<h2><strong>शासन से जल्द समाधान की अपील</strong></h2>
<div style="width: 464px;" class="wp-video"><video class="wp-video-shortcode" id="video-342794-1" width="464" height="832" preload="metadata" controls="controls"><source type="video/mp4" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/tre.mp4?_=1" /><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/tre.mp4">https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/tre.mp4</a></video></div>
<p>&nbsp;</p>
<p>पटवारी संघ ने एक बार फिर मध्यप्रदेश शासन से आग्रह किया है कि वर्षों से लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण किया जाए।</p>
<p>संघ का कहना है कि यदि समय रहते सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो आंदोलन समाप्त किया जा सकता है।</p>
<h2><strong>आंदोलन को और व्यापक बनाने की चेतावनी</strong></h2>
<p>संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन द्वारा जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार आंदोलन को अगले चरण में और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।</p>
<p>संघ का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा।</p>
<h2><strong>जिलेभर में दिखी एकजुटता</strong></h2>
<p>आलीराजपुर जिले की सभी तहसीलों में पटवारियों ने एक स्वर में आंदोलन का समर्थन किया। बड़ी संख्या में कर्मचारी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हड़ताल में शामिल हुए और संगठन की एकजुटता का प्रदर्शन किया।</p>
<p>संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक शासन उनकी न्यायोचित मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।</p>
<h2><strong>निष्कर्ष</strong></h2>
<p>मध्यप्रदेश पटवारी संघ द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल ने राजस्व विभाग की लंबित समस्याओं को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। पटवारियों का कहना है कि उनकी मांगें वर्षों से लंबित हैं और उन्हें केवल वैधानिक अधिकारों तथा सेवा संबंधी सुविधाओं की आवश्यकता है। अब सबकी नजर मध्यप्रदेश शासन पर है कि वह इन मांगों पर कब और क्या निर्णय लेता है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन के और व्यापक होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
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			</item>
		<item>
		<title>बछोड़िया में राजस्व विभाग की बड़ी लापरवाही: &#8216;2-3 दिन काम रोको, फिर चालू&#8217; के खेल में खड़ा हो गया पक्का मकान!</title>
		<link>https://swarajvani.com/permanent-house-on-government-land-in-bachhodiya/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Jul 2026 12:28:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Bachhodiya]]></category>
		<category><![CDATA[Government Land Encroachment]]></category>
		<category><![CDATA[Piplioda]]></category>
		<category><![CDATA[Ratlam]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue Department]]></category>
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					<description><![CDATA[बछोड़िया में राजस्व विभाग की बड़ी लापरवाही: &#8216;2-3 दिन काम रोको, फिर चालू&#8217; के खेल में खड़ा हो गया पक्का मकान! तहसील में केस चलने का दावा, पर धरातल पर ... <a title="बछोड़िया में राजस्व विभाग की बड़ी लापरवाही: &#8216;2-3 दिन काम रोको, फिर चालू&#8217; के खेल में खड़ा हो गया पक्का मकान!" class="read-more" href="https://swarajvani.com/permanent-house-on-government-land-in-bachhodiya/" aria-label="Read more about बछोड़िया में राजस्व विभाग की बड़ी लापरवाही: &#8216;2-3 दिन काम रोको, फिर चालू&#8217; के खेल में खड़ा हो गया पक्का मकान!">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>बछोड़िया में राजस्व विभाग की बड़ी लापरवाही: &#8216;2-3 दिन काम रोको, फिर चालू&#8217; के खेल में खड़ा हो गया पक्का मकान!</strong></h1>
<p><strong>तहसील में केस चलने का दावा, पर धरातल पर केवल राजस्व अमले का &#8216;फोन लगाओ-चौकीदार भेजो&#8217; का छलावा</strong></p>
<p><strong>कोई सुनने को तैयार नहीं: पटवारी के मौखिक आदेश पर दो दिन रुकता है काम, फिर शुरू हो जाता है अवैध निर्माण</strong></p>
<p><strong>शासकीय भूमि पर कब्जा होने से रास्तों और नालियों के पास कचरा फेंकने की मजबूरी, मूकदर्शक बना राजस्व प्रशासन</strong></p>
<p><em><strong>संवाददाता  : अर्जुन कुमावत</strong></em><br />
<span style="font-size: inherit;"><br />
बछोड़िया (पिपलोदा):</span>ग्राम बछोड़िया में शासकीय भूमि की सुरक्षा और राजस्व प्रशासन की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। तहसील में केस चलने और राजस्व फाइलों में प्रक्रिया जारी होने की बात कही जा रही है, लेकिन धरातल की हकीकत यह है कि कागजी प्रक्रिया की आड़ में शासकीय भूमि पर पक्का मकान बनकर पूरी तरह तैयार हो गया।</p>
<h2><strong>&#8216;2-3 दिन काम रोको, फिर चालू कर लो&#8217; – ऐसा चला राजस्व अमले का खेल</strong></h2>
<p>ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले में बार-बार शिकायत के बावजूद राजस्व विभाग का कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी ठोस कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। लगातार यही ढर्रा दोहराया जा रहा है:</p>
<p>1.फोन पर शिकायत: ग्रामीण जब भी शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण की सूचना पटवारी को फोन पर देते हैं, तो पटवारी स्वयं मौके पर जाने के बजाय केवल चौकीदार (कोटवार) को भिजवा देते हैं।</p>
<p>2. 2-3 दिन का दिखावा:चौकीदार के मौखिक संदेश देने पर निर्माणकर्ता 2 से 3 दिन के लिए काम बंद कर देता है।</p>
<p>3. फिर निर्माण शुरू:मामला शांत होते ही निर्माणकर्ता पुनः निर्माण कार्य चालू कर देता है।</p>
<p>4. वही कहानी दोबारा: ग्रामीण फिर परेशान होकर पटवारी को फोन करते हैं, फिर चौकीदार आता है, 2-3 दिन काम रुकता है और फिर चालू हो जाता है।<br />
&#8216;दो-तीन दिन काम बंद और फिर चालू&#8217; के इसी खेल का फायदा उठाकर अवैध निर्माणकर्ता ने देखते ही देखते पूरी पक्की इमारत तैयार कर ली।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-338452 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-24-at-5.20.51-AM-1-292x300.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026 07 24 at 5.20.51 AM 1" width="292" height="300" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-24-at-5.20.51-AM-1-292x300.jpeg 292w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-24-at-5.20.51-AM-1-998x1024.jpeg 998w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-24-at-5.20.51-AM-1-768x788.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-24-at-5.20.51-AM-1.jpeg 1247w" sizes="auto, (max-width: 292px) 100vw, 292px" /></p>
<h2><strong>कागजी केस और ज़मीनी ढिलाई</strong></h2>
<p>हैरानी की बात यह है कि लगातार मामला संज्ञान में होने और तहसील में प्रक्रिया चलने के बावजूद राजस्व अमले ने मौके पर पहुंचकर न तो निर्माण सामग्री जब्त की और न ही पुलिस बल की मदद से काम को स्थाई रूप से रुकवाया। केवल चौकीदार से मौखिक संदेश भिजवाकर औपचारिकता निभाई जाती रही, जिसकी आड़ में शासकीय भूमि पर कब्जा पक्का हो गया।</p>
<h2><strong>रास्तों और नालियों के पास कचरा फेंकने की मजबूरी</strong></h2>
<p>जिस शासकीय भूमि पर यह पक्का निर्माण हुआ है, वहां पूर्व में ग्रामीण कचरा डालते थे। अब वह जगह बंद हो जाने के कारण ग्रामीणों को विवश होकर आम रास्तों और नालियों के पास कचरा फेंकना पड़ रहा है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना और गांव की व्यवस्था दुरुस्त रखना पूर्णतः राजस्व व स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन उनकी इस अनदेखी का खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है।</p>
<p>&gt; **सीधा सवाल:** जब मामला तहसील में चल रहा है और बार-बार शिकायतें की जा रही हैं, तो राजस्व अमले ने मौके पर पहुंचकर जब्ती या कड़ाई से काम रुकवाने की ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या राजस्व विभाग की यह ढिलाई अवैध निर्माण को मौन सहमति दे रही है?</p>
<h2 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-section-id="754e5v" data-start="2593" data-end="2633"><span role="text"><strong data-start="2596" data-end="2633">ग्रामीणों ने उठाए प्रशासन से सवाल</strong></span></h2>
<p data-start="2635" data-end="2782">ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण हुआ है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।</p>
<p data-start="2784" data-end="2940">ग्रामीणों का सीधा सवाल है कि जब विभाग को लगातार जानकारी दी जा रही थी और मामला तहसील में लंबित था, तो निर्माण को रोकने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए?</p>
<p data-start="2942" data-end="3071" data-is-last-node="" data-is-only-node="">अब देखना होगा कि राजस्व विभाग इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है और क्या शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाता है या नहीं।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>झकनावदा उप तहसील को मिला अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी, Omprakash Goyal ने संभाला पदभार</title>
		<link>https://swarajvani.com/omprakash-goyal-takes-charge-as-naib-tehsildar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Jul 2026 11:30:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Administrative Officer]]></category>
		<category><![CDATA[Jhabua News]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
		<category><![CDATA[Public Service]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue Department]]></category>
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					<description><![CDATA[झकनावदा उप तहसील को मिला अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी, Omprakash Goyal ने संभाला पदभार नायब तहसीलदार के साथ कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की भी मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी झकनावदा (मनीष कुमट)। क्षेत्र की प्रशासनिक ... <a title="झकनावदा उप तहसील को मिला अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी, Omprakash Goyal ने संभाला पदभार" class="read-more" href="https://swarajvani.com/omprakash-goyal-takes-charge-as-naib-tehsildar/" aria-label="Read more about झकनावदा उप तहसील को मिला अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी, Omprakash Goyal ने संभाला पदभार">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-section-id="nvnhwp" data-start="0" data-end="87"><span role="text"><strong data-start="3" data-end="87">झकनावदा उप तहसील को मिला अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी, Omprakash Goyal ने संभाला पदभार</strong></span></h1>
<h3 data-section-id="mqsoz1" data-start="89" data-end="172"><span role="text"><strong data-start="93" data-end="172">नायब तहसीलदार के साथ कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की भी मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी</strong></span></h3>
<p data-start="174" data-end="630"><strong data-start="174" data-end="198">झकनावदा (मनीष कुमट)।</strong> क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शासन द्वारा झकनावदा उप तहसील में अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी Omprakash Goyal की पदस्थापना की गई है। उन्होंने विधिवत रूप से नायब तहसीलदार के पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके आने से क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि राजस्व संबंधी कार्यों, जनसुनवाई और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में तेजी आएगी तथा आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी।</p>
<p data-start="632" data-end="1026">शासन द्वारा आमजन की सुविधा और प्रशासन को लोगों के और अधिक करीब पहुंचाने के उद्देश्य से पेटलावद तहसील के अंतर्गत <strong data-start="744" data-end="778">सारंगी एवं झकनावदा को उप तहसील</strong> का दर्जा दिया गया है। उप तहसील बनने के बाद क्षेत्र के लोगों को राजस्व और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए दूर जाने की परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है। इसी व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है।</p>
<h2 data-section-id="eb7y7v" data-start="1028" data-end="1089"><span role="text"><strong data-start="1032" data-end="1089">एसडीएम और तहसीलदार से मुलाकात के बाद ग्रहण किया पदभार</strong></span></h2>
<p data-start="1091" data-end="1331">झकनावदा उप तहसील के नवागत नायब तहसीलदार ओमप्रकाश गोयल ने पदभार ग्रहण करने से पहले <strong data-start="1173" data-end="1196">एसडीएम तनुश्री मीणा</strong> एवं नवागत तहसीलदार <strong data-start="1216" data-end="1234">यशपाल मुजाल्दे</strong> से सौजन्य भेंट की। इसके बाद उन्होंने कार्यालय पहुंचकर औपचारिक रूप से अपनी जिम्मेदारियां संभालीं।</p>
<p data-start="1333" data-end="1605">पदभार ग्रहण करने के दौरान उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता को समय पर और पारदर्शी प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने राजस्व मामलों के शीघ्र निराकरण, जनसमस्याओं के समाधान और विभागीय कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने पर जोर दिया।</p>
<h2 data-section-id="ug8dlq" data-start="1607" data-end="1665"><span role="text"><strong data-start="1611" data-end="1665">प्रभारी तहसीलदार के स्थानांतरण के बाद हुई नियुक्ति</strong></span></h2>
<p data-start="1667" data-end="1924">गौरतलब है कि झकनावदा के प्रभारी तहसीलदार <strong data-start="1708" data-end="1726">विजेंद्र कटारे</strong> का हाल ही में जारी स्थानांतरण आदेश के तहत इंदौर तबादला हो गया था। उनके स्थानांतरण के बाद उप तहसील की प्रशासनिक जिम्मेदारियों को सुचारु रूप से चलाने के लिए नए अधिकारी की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।</p>
<p data-start="1926" data-end="2111">शासन द्वारा ओमप्रकाश गोयल को झकनावदा उप तहसील की जिम्मेदारी सौंपकर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया गया है। उनके अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।</p>
<h3 data-section-id="g8y7e9" data-start="2113" data-end="2165"><span role="text"><strong data-start="2117" data-end="2165">वर्ष 2014 में पेटलावद में दे चुके हैं सेवाएं</strong></span></h3>
<p data-start="2167" data-end="2421">ओमप्रकाश गोयल का झाबुआ जिले से पुराना जुड़ाव रहा है। वर्ष 2014 में वे <strong data-start="2237" data-end="2263">राजस्व निरीक्षक (आरआई)</strong> के पद पर पेटलावद में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उस दौरान उन्होंने क्षेत्र की राजस्व व्यवस्था, भूमि संबंधी मामलों और प्रशासनिक कार्यों का अनुभव प्राप्त किया था।</p>
<p data-start="2423" data-end="2702">इसके बाद उन्होंने धार जिले के <strong data-start="2453" data-end="2463">बदनावर</strong> सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रशासनिक सेवाएं प्रदान कीं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने जिम्मेदारी, कार्यकुशलता और बेहतर प्रशासनिक समन्वय का परिचय दिया। लंबे अनुभव और प्रशासनिक दक्षता के कारण उन्हें विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए।</p>
<p data-start="2704" data-end="2880">अब पुनः झाबुआ जिले में वापसी के साथ उन्हें झकनावदा उप तहसील की जिम्मेदारी मिली है। क्षेत्र के लोग उनके पूर्व अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए बेहतर प्रशासन की उम्मीद कर रहे हैं।</p>
<h3 data-section-id="1ufg2xy" data-start="2882" data-end="2942"><span role="text"><strong data-start="2886" data-end="2942">कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी मिली</strong></span></h3>
<p data-start="2944" data-end="3117">ओमप्रकाश गोयल के प्रशासनिक अनुभव को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर <strong data-start="3012" data-end="3038">डॉ. योगेश तुकाराम भरसट</strong> ने उन्हें नायब तहसीलदार के साथ-साथ अतिरिक्त महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंपी है।</p>
<p data-start="3119" data-end="3356">उन्हें <strong data-start="3126" data-end="3193">पेटलावद एवं रायपुरिया थाना क्षेत्र के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट</strong> नियुक्त किया गया है। यह जिम्मेदारी कानून व्यवस्था बनाए रखने, प्रशासनिक समन्वय स्थापित करने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।</p>
<p data-start="3358" data-end="3589">कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के रूप में वे प्रशासन और पुलिस विभाग के बीच बेहतर तालमेल बनाने में भी अहम भूमिका निभाएंगे। क्षेत्र में होने वाली विभिन्न प्रशासनिक गतिविधियों और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में उनका अनुभव उपयोगी साबित होगा।</p>
<h3 data-section-id="dreymm" data-start="3591" data-end="3636"><span role="text"><strong data-start="3595" data-end="3636">राजस्व कार्यों में तेजी आने की उम्मीद</strong></span></h3>
<p data-start="3638" data-end="3851">झकनावदा उप तहसील क्षेत्र में बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान निवास करते हैं। यहां भूमि संबंधी मामलों, नामांतरण, सीमांकन, प्रमाण पत्र सहित कई राजस्व कार्यों के लिए लोगों को प्रशासनिक कार्यालयों से जुड़ना पड़ता है।</p>
<p data-start="3853" data-end="4098">क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि अनुभवी अधिकारी के आने से इन कार्यों में तेजी आएगी और लोगों को समय पर सुविधाएं मिल सकेंगी। ग्रामीणों का कहना है कि उप तहसील स्तर पर अधिकारी की नियमित उपलब्धता से उनकी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही संभव होगा।</p>
<h3 data-section-id="15o5pyt" data-start="4100" data-end="4149"><span role="text"><strong data-start="4104" data-end="4149">जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता में</strong></span></h3>
<p data-start="4151" data-end="4389">ओमप्रकाश गोयल ने पदभार ग्रहण करने के बाद प्रशासनिक कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना और जनता की समस्याओं का समाधान करना प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी है।</p>
<p data-start="4391" data-end="4529">उन्होंने विभागीय कर्मचारियों से भी अपेक्षा की कि वे आमजन के साथ संवेदनशील व्यवहार करें और अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करें।</p>
<h3 data-section-id="1cj7oec" data-start="4531" data-end="4566"><span role="text"><strong data-start="4535" data-end="4566">क्षेत्र में सकारात्मक माहौल</strong></span></h3>
<p data-start="4568" data-end="4801">नवागत नायब तहसीलदार की नियुक्ति के बाद झकनावदा क्षेत्र में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि ओमप्रकाश गोयल के अनुभव से उप तहसील की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी।</p>
<p data-start="4803" data-end="4947">लोगों का मानना है कि प्रशासनिक अनुभव रखने वाले अधिकारी के नेतृत्व में राजस्व विभाग के कार्यों में पारदर्शिता आएगी और आम नागरिकों को राहत मिलेगी।</p>
<p data-start="4949" data-end="5171" data-is-last-node="" data-is-only-node="">झकनावदा उप तहसील के विकास और बेहतर प्रशासनिक सेवाओं की दिशा में ओमप्रकाश गोयल की नियुक्ति को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में उनके नेतृत्व में क्षेत्र में प्रशासनिक व्यवस्था को नई गति मिलने की संभावना है।</p>
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		<title>Jaora में नए तहसीलदार की एंट्री, पारदर्शी प्रशासन और जनसुनवाई को मिलेगी प्राथमिकता</title>
		<link>https://swarajvani.com/jaora-new-tehsildar-pankaj-pawaiya-promis/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Jul 2026 12:47:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[jaora]]></category>
		<category><![CDATA[Jaora]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
		<category><![CDATA[New Tehsildar Jaora]]></category>
		<category><![CDATA[Pankaj Pawaiya]]></category>
		<category><![CDATA[Ratlam News]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue Department]]></category>
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					<description><![CDATA[Jaora तहसील को मिला नया नेतृत्व, तहसीलदार पंकज पवैया ने संभाला पदभार संवाददाता : संदीप राका राजस्व प्रकरणों के समय-सीमा में निराकरण और पारदर्शी प्रशासन पर रहेगा विशेष जोर Jaora ... <a title="Jaora में नए तहसीलदार की एंट्री, पारदर्शी प्रशासन और जनसुनवाई को मिलेगी प्राथमिकता" class="read-more" href="https://swarajvani.com/jaora-new-tehsildar-pankaj-pawaiya-promis/" aria-label="Read more about Jaora में नए तहसीलदार की एंट्री, पारदर्शी प्रशासन और जनसुनवाई को मिलेगी प्राथमिकता">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Jaora तहसील को मिला नया नेतृत्व, तहसीलदार पंकज पवैया ने संभाला पदभार</strong></h1>
<p>संवाददाता : संदीप राका</p>
<h3>राजस्व प्रकरणों के समय-सीमा में निराकरण और पारदर्शी प्रशासन पर रहेगा विशेष जोर</h3>
<p><strong>Jaora ।</strong> रतलाम जिले की जावरा तहसील को नया नेतृत्व मिल गया है। नवागत तहसीलदार <strong>पंकज पवैया</strong> ने बुधवार को विधिवत रूप से अपना पदभार ग्रहण कर लिया। मध्यप्रदेश शासन द्वारा हाल ही में राजस्व विभाग में किए गए स्थानांतरण और प्रभार परिवर्तन के तहत उन्हें जावरा तहसील की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन के निर्देशों के बाद उन्होंने तत्काल कार्यभार संभालते हुए प्रशासनिक कार्यों की शुरुआत कर दी।</p>
<p>पदभार ग्रहण करने के बाद तहसीलदार पंकज पवैया ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता को बेहतर और समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग से जुड़े सभी प्रकरणों का तय समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने विशेष रूप से <strong>नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अन्य राजस्व मामलों</strong> में अनावश्यक देरी को रोकने के निर्देश दिए। तहसीलदार ने कहा कि सभी प्रकरणों में पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम नागरिकों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।</p>
<h3><strong>जन शिविरों के माध्यम से समस्याओं का होगा समाधान</strong></h3>
<p>तहसीलदार पंकज पवैया ने बताया कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए जन शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना होगा। उन्होंने कहा कि मौके पर ही समस्याओं को सुनकर उनके निराकरण का प्रयास किया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं और निर्देशों को भी प्राथमिकता के साथ लागू करने की बात कही। उनका कहना था कि प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ही प्रभावी व्यवस्था बनाई जा सकती है।</p>
<h3><strong>अधिकारियों-कर्मचारियों को दिए निर्देश</strong></h3>
<p>जावरा में कार्यभार संभालने के बाद तहसीलदार ने राजस्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और पटवारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि आमजन से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।</p>
<p>उन्होंने राजस्व व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया।</p>
<h3><strong>क्षेत्रवासियों में बेहतर प्रशासन की उम्मीद</strong></h3>
<p>जावरा में नई जिम्मेदारी संभालने के बाद तहसीलदार पंकज पवैया ने कहा कि यहां का वातावरण सकारात्मक है। कार्यालय का स्टाफ सहयोगी है और स्थानीय लोगों से भी अच्छा अनुभव मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासनिक टीम, कर्मचारियों और आम नागरिकों के सहयोग से जनहित में बेहतर कार्य किए जाएंगे।</p>
<p>नए तहसीलदार के पदभार ग्रहण करने के बाद क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित राजस्व मामलों में तेजी आएगी और नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा सहित अन्य कार्यों का समय पर समाधान हो सकेगा। इससे आम लोगों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं मिलने की संभावना है।</p>
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