Indore Encroachment Action: अतिक्रमण हटाने के दौरान एडिशनल डीसीपी को धक्का, जमीन पर गिरे; 6 युवक हिरासत में
साउथ तोड़ा क्षेत्र में राजस्व विभाग, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; 50 शेड और छह मकानों के अवैध हिस्से हटाए
इंदौर। शहर के साउथ तोड़ा क्षेत्र में बुधवार को सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद भीड़ को पीछे हटाते समय एक युवक ने कथित रूप से एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल को धक्का दे दिया। इससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे जमीन पर गिर पड़े।
घटना के बाद पुलिस ने तत्काल स्थिति संभाली और मौके से छह युवकों को हिरासत में लिया। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से जानकारी जुटाकर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
भारी अमले के साथ पहुंची थी टीम
चंद्रभागा स्थित विद्या गौड़ मंदिर से दौलतगंज की ओर जाने वाले मार्ग के दोनों तरफ किए गए अतिक्रमण हटाने के लिए बुधवार सुबह संयुक्त कार्रवाई शुरू की गई। टीम में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ नगर निगम का रिमूवल अमला और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी शामिल थे।
नगर निगम की टीम 100 से अधिक कर्मचारियों, तीन पोकलेन मशीन और छह जेसीबी के साथ मौके पर पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 80 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए थे।
अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्र को सुरक्षित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रारंभ की। इस दौरान मार्ग पर आम लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया और लोगों को कार्रवाई वाले स्थान से दूर रहने की हिदायत दी गई।
सरकारी जमीन पर बने थे दुकान और गोदाम
प्रशासन के मुताबिक, साउथ तोड़ा क्षेत्र में करीब 0.400 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। जमीन के अलग-अलग हिस्सों पर दुकानें, गोदाम, शेड और मकानों के हिस्से बना लिए गए थे।
संबंधित विभागों द्वारा जमीन का सीमांकन और दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद अतिक्रमण चिह्नित किए गए। इसके बाद संयुक्त टीम को निर्माण हटाने के लिए मौके पर भेजा गया। कार्रवाई के दौरान मशीनों की सहायता से अवैध निर्माणों को तोड़ा गया।
नगर निगम के अनुसार, अभियान के दौरान करीब 50 शेड और छह मकानों के अवैध हिस्से हटाए गए। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराने के उद्देश्य से की गई।
कार्रवाई के दौरान जमा हो गई भीड़
नगर निगम द्वारा निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही वहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और प्रभावित परिवार एकत्रित हो गए। कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया और अधिकारियों से चर्चा करने की मांग की।
पुलिसकर्मियों ने भीड़ को मशीनों और कार्रवाई वाले हिस्से से पीछे हटाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने लोगों को समझाइश दी कि मशीनों के आसपास खड़े रहने से दुर्घटना हो सकती है। इसके बावजूद मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई।
भीड़ बढ़ने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं मोर्चा संभालने पहुंचे। एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल भी लोगों को कार्रवाई स्थल से पीछे हटाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे थे।
भीड़ में पीछे से मारा गया धक्का
पुलिस के अनुसार, भीड़ को पीछे करते समय वहां मौजूद एक युवक ने एडिशनल डीसीपी को पीछे से धक्का दे दिया। अचानक धक्का लगने के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वह जमीन पर गिर गए।
मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत संभाला। घटना के बाद पुलिस ने भीड़ को हटाया और धक्का देने तथा हंगामा करने के संदेह में छह युवकों को हिरासत में लिया।
अधिकारियों ने बताया कि घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। पुलिस फुटेज की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि धक्का किसने दिया और हंगामे में अन्य किन लोगों की भूमिका थी। जांच के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज किया जा सकता है।
छह युवकों से की जा रही पूछताछ
मौके से हिरासत में लिए गए छह युवकों को पुलिस थाने ले जाया गया, जहां उनसे घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि विरोध अचानक हुआ या लोगों को कार्रवाई रोकने के लिए पहले से एकत्रित किया गया था।
हिरासत में लिए जाने का अर्थ आरोप सिद्ध होना नहीं है। वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर तैनात अधिकारियों के बयानों के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका निर्धारित की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शासकीय कार्रवाई में बाधा पहुंचाने, पुलिस अधिकारी से धक्का-मुक्की करने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विरोध के बावजूद जारी रही कार्रवाई
घटना के बाद कुछ समय के लिए कार्रवाई प्रभावित हुई, लेकिन पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया। इसके बाद नगर निगम के अमले ने मशीनों की सहायता से चिह्नित अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रखा।
अधिकारियों ने टीम को सुरक्षा के बीच कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। नगर निगम कर्मचारियों ने सड़क के दोनों ओर बने शेड और अन्य अवैध हिस्सों को हटाया। कार्रवाई के बाद मलबे को हटाकर मार्ग को व्यवस्थित करने का काम भी शुरू किया गया।
नगर निगम ने दी सख्त चेतावनी
नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि शहर में सरकारी जमीन, सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। चिह्नित अतिक्रमणों को नियमानुसार हटाया जाएगा।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सरकारी अथवा सार्वजनिक भूमि पर किसी प्रकार का अवैध निर्माण नहीं करें। किसी संपत्ति या निर्माण से संबंधित दस्तावेज होने की स्थिति में उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
साउथ तोड़ा की कार्रवाई के दौरान एडिशनल डीसीपी को धक्का दिए जाने की घटना को अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। पुलिस अब फुटेज की जांच और हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
