—Advertisement—

लहार में जमीन विवाद पर एसडीएम का अंतरिम आदेश, धान की फसल काटने पर रोक

Author Picture
Published On: 27 October 2026
fffffffffffffffff 1

—Advertisement—

लहार में जमीन विवाद पर एसडीएम का अंतरिम आदेश, धान की फसल काटने पर रोक

श्यामपुरा की विवादित भूमि पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश; राजस्व निरीक्षक और थाना प्रभारी को सौंपी जिम्मेदारी

लहार। तहसील के ग्राम श्यामपुरा में कृषि भूमि के स्वामित्व और कब्जे को लेकर चल रहे विवाद के मामले में एसडीएम न्यायालय ने अंतरिम आदेश जारी किया है। आदेश के तहत विवादित भूमि पर धान की फसल काटने पर रोक लगाई गई है। राजस्व निरीक्षक और थाना प्रभारी लहार को मौके पर स्थिति पर नजर रखने तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम श्यामपुरा निवासी सरोज देवी अवधबिहारी और हेमंत कुमार अवधबिहारी ने एसडीएम न्यायालय में आवेदन देकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 के तहत कार्रवाई की मांग की थी। आवेदन में कहा गया कि कृषि भूमि के स्वामित्व और वास्तविक कब्जे को लेकर पक्षों के बीच विवाद है। आवेदकों ने आराजी सर्वे क्रमांक 175, 178, 180 और 182 की भूमि का उल्लेख किया है।

चार सर्वे नंबरों की भूमि को लेकर विवाद

आवेदन के अनुसार, सर्वे क्रमांक 175 की 0.02 हेक्टेयर, सर्वे क्रमांक 178 की 0.49 हेक्टेयर, सर्वे क्रमांक 180 की 0.21 हेक्टेयर और सर्वे क्रमांक 182 की 0.37 हेक्टेयर भूमि विवाद के दायरे में है। आवेदकों का आरोप है कि उनके हिस्से में आई भूमि पर दूसरे पक्ष की ओर से कृषि कार्य किया जा रहा है और धान की फसल काटने की तैयारी है।

आवेदकों ने न्यायालय को बताया कि फसल कटाई से पक्षों के बीच विवाद बढ़ सकता है और गांव में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप कर कटाई रुकवाने और मामले के निराकरण तक स्थिति बनाए रखने की मांग की थी। इन दावों पर अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है।

सुनवाई के बाद जारी हुआ अंतरिम आदेश

मामले में शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए एसडीएम न्यायालय ने आवेदन पर सुनवाई की और अंतरिम व्यवस्था के निर्देश दिए। आदेश के अनुसार, विवादित भूमि पर धान की फसल की कटाई नहीं की जानी है। संबंधित अधिकारियों को मौके की स्थिति देखने और आदेश का पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।

अंतरिम आदेश का उद्देश्य विवाद के दौरान किसी तनाव या अप्रिय स्थिति को रोकना है। इस आदेश को भूमि के स्वामित्व पर अंतिम निर्णय नहीं माना जाएगा। स्वामित्व और पक्षों के दावों का निराकरण नियमानुसार आगे की न्यायालयीन प्रक्रिया में होगा।

राजस्व निरीक्षक और थाना प्रभारी को निर्देश

एसडीएम न्यायालय ने राजस्व निरीक्षक और थाना प्रभारी लहार को आदेशानुसार कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी है। अधिकारियों को विवादित भूमि का निरीक्षण कर स्थिति पर नजर रखने और फसल कटाई के संबंध में दिए गए निर्देशों का पालन कराने को कहा गया है।

आदेश में संबंधित अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई का प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। थाना प्रभारी को पक्षों के बीच तनाव बढ़ने की स्थिति में बीएनएसएस की धारा 126 और 135 के तहत नियमानुसार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई पर विचार करने को कहा गया है। धारा 126 शांति बनाए रखने के लिए बंधपत्र की प्रक्रिया से संबंधित है, जबकि धारा 135 में मिली सूचना की सत्यता की जांच का प्रावधान है।

अंतिम निराकरण न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद

भूमि के कब्जे और फसल को लेकर विवाद ग्रामीण क्षेत्रों में तनाव की स्थिति पैदा कर सकते हैं। ऐसे में प्रशासन का अंतरिम हस्तक्षेप दोनों पक्षों के बीच शांति बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है। अब राजस्व और पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे मौके की स्थिति की जानकारी लेकर आदेश का पालन कराएं और किसी पक्ष को विवाद बढ़ाने का अवसर न मिले।

बीएनएसएस की धारा 164 भूमि या पानी से जुड़े ऐसे विवादों की प्रक्रिया बताती है जिनसे शांति भंग होने की आशंका हो। धारा 165 विवादित संपत्ति को कुर्क करने और रिसीवर नियुक्त करने की शक्ति से संबंधित है। फिलहाल एसडीएम न्यायालय का आदेश अंतरिम है। भूमि के स्वामित्व, वास्तविक कब्जे और पक्षों के दावों पर अंतिम स्थिति आगे की सुनवाई और सक्षम न्यायालय की प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।

 

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp