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	<title>Madhya Prad &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Madhya Prad &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>मां आशापुरी धाम में अभिषेक और शतचंडी महायज्ञ से होगा नवरात्रि का शुभारंभ</title>
		<link>https://swarajvani.com/navratri-to-begin-at-maa-ashapuri-dham-with-abhishek-and-shatchandi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 09 Oct 2026 12:42:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[khargone]]></category>
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					<description><![CDATA[मां आशापुरी धाम में अभिषेक और शतचंडी महायज्ञ से होगा नवरात्रि का शुभारंभ रिपोर्टर: गौतम साल्वे, जिला ब्यूरो चीफ महेश्वर। ग्राम आशापुर स्थित मां आशापुरी धाम में रविवार से नौ ... <a title="मां आशापुरी धाम में अभिषेक और शतचंडी महायज्ञ से होगा नवरात्रि का शुभारंभ" class="read-more" href="https://swarajvani.com/navratri-to-begin-at-maa-ashapuri-dham-with-abhishek-and-shatchandi/" aria-label="Read more about मां आशापुरी धाम में अभिषेक और शतचंडी महायज्ञ से होगा नवरात्रि का शुभारंभ">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>मां आशापुरी धाम में अभिषेक और शतचंडी महायज्ञ से होगा नवरात्रि का शुभारंभ</strong></h1>
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<p><strong>रिपोर्टर: गौतम साल्वे, जिला ब्यूरो चीफ</strong></p>
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<p><strong>महेश्वर।</strong> ग्राम आशापुर स्थित मां आशापुरी धाम में रविवार से नौ दिवसीय नवरात्रि पर्व का शुभारंभ होगा। इंदौर से करीब 80 किलोमीटर दूर विंध्याचल पर्वत श्रृंखलाओं की तलहटी में स्थित इस सिद्धपीठ पर तड़के तीन बजे विशेष अभिषेक और पूजन किया जाएगा। इसके साथ मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शतचंडी महायज्ञ में आहुतियां दी जाएंगी। नवरात्रि के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक खिचड़ी प्रसादी का वितरण होगा। धार्मिक मान्यताओं और प्राचीन परंपराओं से जुड़ा यह धाम श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।</p>
<h2><strong>तड़के तीन बजे विशेष अभिषेक और पूजन</strong></h2>
<p>नवरात्रि के प्रथम दिन मां आशापुरी का विशेष अभिषेक और पूजन तड़के तीन बजे से होगा। इसी धार्मिक अनुष्ठान के साथ धाम में शक्ति आराधना के नौ दिवसीय पर्व की शुरुआत होगी। मंदिर परिसर में शतचंडी महायज्ञ भी आयोजित किया जाएगा।</p>
<p>वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में आहुतियां दी जाएंगी। नवरात्रि के दिनों में धाम का वातावरण मां के जयकारों और यज्ञ के मंत्रों से भक्तिमय रहता है। दर्शन, पूजन और महायज्ञ इस पर्व के प्रमुख धार्मिक आयोजन रहेंगे। श्रद्धालु मां आशापुरी के दर्शन कर अपनी आस्था व्यक्त करेंगे।</p>
<h2><strong>सुबह सात से शाम पांच बजे तक खिचड़ी प्रसादी</strong></h2>
<p>धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन खिचड़ी प्रसादी वितरित की जाएगी। प्रसादी वितरण का समय सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित है। इस अवधि में निरंतर वितरण किया जाएगा।</p>
<p>मंदिर में दर्शन और पूजन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण कर सकेंगे। नौ दिवसीय पर्व के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ प्रसादी वितरण भी आयोजन का हिस्सा रहेगा। धाम में पूरे वर्ष श्रद्धालु आते हैं, जबकि नवरात्रि में मां की आराधना और महायज्ञ के कारण धार्मिक गतिविधियों का विशेष महत्व रहता है।</p>
<h2><strong>अर्जुन की तपस्या से जुड़ी पौराणिक मान्यता</strong></h2>
<p>मां आशापुरी धाम के संबंध में प्रचलित पौराणिक कथा इसे महाभारत काल से जोड़ती है। मान्यता के अनुसार, पांडुपुत्र अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण के परामर्श पर महाभारत युद्ध में विजय प्राप्त करने के उद्देश्य से इसी स्थान पर कठोर तपस्या की थी।</p>
<p>कथा के अनुसार, अर्जुन की तपस्या से प्रसन्न होकर मां आशापुरी स्वयंभू रूप में प्रकट हुई थीं। यह प्रसंग धाम से जुड़ी धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। श्रद्धालु इस मान्यता के साथ मां के दर्शन और आराधना करते हैं। अर्जुन की तपस्या का यह विवरण पौराणिक परंपरा के रूप में बताया जाता है।</p>
<h2><strong>दिन में तीन रूपों में दर्शन की मान्यता</strong></h2>
<p>धाम की विशेषताओं में मां के दिन में तीन अलग-अलग रूपों में दर्शन देने की धार्मिक मान्यता भी शामिल है। श्रद्धालु इसे मां आशापुरी की महिमा से जोड़कर देखते हैं। मुख्य प्रतिमा के साथ मंदिर में अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी विराजित हैं।</p>
<p>यहां महाकाली, महासरस्वती, महालक्ष्मी, भगवान श्री गणेश और सप्तमातृका की प्रतिमाएं स्थापित हैं। दोनों ओर भगवान शिव तथा भैरव जी की प्रतिमाएं भी विराजमान हैं। इस प्रकार मंदिर में मां आशापुरी के दर्शन के साथ श्रद्धालु अन्य देवी-देवताओं की आराधना भी करते हैं।</p>
<h2><strong>विभिन्न वंशों और गोत्रों की कुलदेवी</strong></h2>
<p>धाम से जुड़ी परंपराओं के अनुसार, मां आशापुरी मांडव के प्रसिद्ध वीर आल्हा-ऊदल तथा ओंकारेश्वर के राजा मांधाता के वंशजों की आराध्य देवी रही हैं। सम्राट पृथ्वीराज चौहान के वंशजों सहित 28 अलग-अलग गोत्रों की कुलदेवी के रूप में भी उनकी पूजा की जाती है।</p>
<p>इन परंपराओं के कारण धाम का संबंध विभिन्न परिवारों की कुलदेवी आराधना से जुड़ा है। मां आशापुरी के प्रति श्रद्धा रखने वाले परिवार यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्रि के अवसर पर शक्ति उपासना के साथ इन पारिवारिक धार्मिक परंपराओं का भी विशेष महत्व रहता है।</p>
<h2><strong>जीर्णोद्धार और मंगलवार की महाआरती</strong></h2>
<p>प्राप्त विवरण में शिलालेखों के आधार पर मंदिर का पहला जीर्णोद्धार लगभग 800 वर्ष पूर्व बताया गया है। इसके बाद वर्ष 2012 से 2014 के दौरान संत मोनीबाबा के सान्निध्य में मंदिर का द्वितीय भव्य जीर्णोद्धार कराया गया।</p>
<p>धाम में प्रत्येक मंगलवार को विशेष महाआरती होती है। पूरे वर्ष दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के बीच नवरात्रि पर्व का अलग महत्व है। इस बार भी विशेष अभिषेक, पूजन, शतचंडी महायज्ञ और खिचड़ी प्रसादी वितरण के साथ नौ दिवसीय आराधना होगी। मां आशापुरी धाम में धार्मिक परंपराओं के अनुरूप शक्ति उपासना का पर्व मनाया जाएगा।</p>
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		<title>नेत्रदान के 1001 लक्ष्य की प्राप्ति पर गीता भवन में गौरव समारोह, नेत्रदानी संस्थाओं का सम्मान</title>
		<link>https://swarajvani.com/geeta-bhavan-celebrates-1001-eye-donation-milestone-honours-contributing/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 Oct 2026 11:27:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[Badnagar News]]></category>
		<category><![CDATA[Brijesh Bohra]]></category>
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					<description><![CDATA[नेत्रदान के 1001 लक्ष्य की प्राप्ति पर गीता भवन में गौरव समारोह, नेत्रदानी संस्थाओं का सम्मान ब्रजेश बोहरा बड़नगर। नेत्रदान-महादान के 1001 ऐतिहासिक लक्ष्य की प्राप्ति के अवसर पर गीता ... <a title="नेत्रदान के 1001 लक्ष्य की प्राप्ति पर गीता भवन में गौरव समारोह, नेत्रदानी संस्थाओं का सम्मान" class="read-more" href="https://swarajvani.com/geeta-bhavan-celebrates-1001-eye-donation-milestone-honours-contributing/" aria-label="Read more about नेत्रदान के 1001 लक्ष्य की प्राप्ति पर गीता भवन में गौरव समारोह, नेत्रदानी संस्थाओं का सम्मान">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>नेत्रदान के 1001 लक्ष्य की प्राप्ति पर गीता भवन में गौरव समारोह, नेत्रदानी संस्थाओं का सम्मान</strong></h1>
<p><strong>ब्रजेश बोहरा</strong></p>
<p><strong>बड़नगर।</strong> नेत्रदान-महादान के 1001 ऐतिहासिक लक्ष्य की प्राप्ति के अवसर पर गीता भवन न्यास समिति द्वारा गौरव समारोह आयोजित किया गया। समारोह में नेत्रदान के कार्य से जुड़ी संस्थाओं का सारस्वत सम्मान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रस्टी सेठ राजेन्द्र दंगवाड़ा ने की। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों, ट्रस्टियों और सेवादारों की उपस्थिति में सेवा कार्यों के प्रति समर्पण तथा नेत्रदान के जनजागरण को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।</p>
<p>समारोह में गीता भवन न्यास समिति और डॉ. ददरवाल को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की मांग भी उठी। पत्रकार ब्रजेश बोहरा, नागदा ने यह मांग सभा के समक्ष रखी। उपस्थित सदस्यों ने तालियों के साथ इसका समर्थन किया। आयोजन में गीता भवन के भूमिदाता जगन्नाथ शास्त्री के योगदान का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।</p>
<h2><strong>नेत्रदानी संस्थाओं का सारस्वत सम्मान</strong></h2>
<p>नेत्रदान के 1001 लक्ष्य की प्राप्ति समारोह का प्रमुख आधार रही। इस उपलब्धि के अवसर पर गीता भवन न्यास समिति ने नेत्रदानी संस्थाओं का सम्मान कर उनके योगदान को मान्यता दी। आयोजन में नेत्रदान-महादान के कार्य को समाजसेवा से जोड़ते हुए जनजागरण बढ़ाने का संदेश सामने रखा गया।</p>
<p>सम्मान समारोह के माध्यम से नेत्रदान से जुड़े सेवा प्रयासों और उनमें सहयोग देने वाली संस्थाओं के योगदान को स्थान मिला। कार्यक्रम का केंद्र उपलब्धि के साथ इस कार्य को निरंतर आगे बढ़ाने की भावना रही। नेत्रदान के प्रति जागरूकता और समाज की सहभागिता बढ़ाने का संदेश भी आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।</p>
<h2><strong>राजेन्द्र दंगवाड़ा की अध्यक्षता में हुआ आयोजन</strong></h2>
<p>कार्यक्रम की अध्यक्षता गीता भवन के ट्रस्टी सेठ राजेन्द्र दंगवाड़ा ने की। समारोह में समिति अध्यक्ष हरिकिशन मेलवाणी, प्रमुख ट्रस्टी हरिश लाठी और कोषाध्यक्ष चन्द्रप्रकाश नागर सहित सभी ट्रस्टी एवं सेवादार उपस्थित रहे। पदाधिकारियों और सेवा कार्यों से जुड़े सदस्यों की उपस्थिति ने आयोजन को सामूहिक स्वरूप दिया।</p>
<p>समारोह में समिति के सेवा कार्यों का उल्लेख किया गया। नेत्रदान की उपलब्धि के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम गीता भवन से जुड़े लोगों के योगदान को सामने लाने का माध्यम भी बना। समिति के पदाधिकारियों, ट्रस्टियों और सेवादारों की सहभागिता के बीच सम्मान तथा समाजसेवा का संदेश प्रमुख रहा।</p>
<h2><strong>60 वर्ष से अधिक आयु के सेवादार भी सक्रिय</strong></h2>
<p>गीता भवन न्यास समिति से जुड़े अनेक सेवादार 60 वर्ष से अधिक आयु के होने के बावजूद प्रतिदिन निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा कार्य कर रहे हैं। उनकी निरंतर सक्रियता समिति की सेवा भावना का महत्वपूर्ण पक्ष है। समारोह के विवरण में इन सेवादारों के दैनिक योगदान का विशेष उल्लेख किया गया।</p>
<p>उम्र के इस पड़ाव पर भी सेवा कार्यों में नियमित सहभागिता उनके समर्पण को दर्शाती है। समिति के कार्यों में पदाधिकारियों के साथ सेवादारों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। नेत्रदान की उपलब्धि के अवसर पर उनकी सक्रियता का उल्लेख सेवा कार्यों के पीछे मौजूद निरंतर प्रयास और सहयोग को सामने लाता है।</p>
<h2><strong>करीब 40 सेवा प्रकल्पों का संचालन</strong></h2>
<p>गीता भवन न्यास समिति द्वारा वर्तमान में करीब 40 सेवा प्रकल्प संचालित किए जा रहे हैं। यह जानकारी संस्था की सेवा गतिविधियों के व्यापक स्वरूप को दर्शाती है। नेत्रदान के लक्ष्य की प्राप्ति का समारोह इन्हीं सेवा प्रयासों के संदर्भ में आयोजित किया गया।</p>
<p>समिति से जुड़े ट्रस्टी और सेवादार इन कार्यों में अपना योगदान दे रहे हैं। कार्यक्रम में समाजसेवा को निरंतर आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। करीब 40 प्रकल्पों का संचालन और दैनिक सेवा में सदस्यों की सहभागिता गीता भवन की गतिविधियों के महत्वपूर्ण पहलू के रूप में सामने आए।</p>
<h2><strong>राष्ट्रपति पुरस्कार देने की उठी मांग</strong></h2>
<p>पत्रकार ब्रजेश बोहरा, नागदा ने सभा में गीता भवन न्यास समिति एवं डॉ. ददरवाल को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की मांग रखी। उपस्थित सदस्यों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस प्रस्ताव का समर्थन किया।</p>
<p>यह मांग समारोह में संस्था और डॉ. ददरवाल के सम्मान के पक्ष में रखी गई। कार्यक्रम के दौरान मिले समर्थन ने सभा की भावना को व्यक्त किया। राष्ट्रपति पुरस्कार देने की बात आयोजन में उठी मांग है; किसी पुरस्कार की घोषणा का उल्लेख नहीं किया गया।</p>
<h2><strong>भूमिदाता जगन्नाथ शास्त्री का स्मरण</strong></h2>
<p>समारोह में गीता भवन के भूमिदाता जगन्नाथ शास्त्री को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। समाजसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान का स्मरण करते हुए आयोजन में उन्हें सम्मानपूर्वक स्थान दिया गया।</p>
<p>कार्यक्रम का संचालन प्रेमनारायण पोरवाल ने किया। नेत्रदानी संस्थाओं के सम्मान, सेवादारों के योगदान और भूमिदाता के स्मरण के साथ समारोह में नेत्रदान-महादान के प्रति जनजागरण बढ़ाने तथा समाजसेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>नागौद के वार्ड-2 में नाला खोदकर छोड़े जाने से परेशानी, अमन त्रिपाठी ने निर्माण पूरा कराने की मांग की</title>
		<link>https://swarajvani.com/unfinished-drain-causes-inconvenience-in-nagod-ward-2-aman-tripathi-urges/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 05 Oct 2026 12:55:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[Aman Tripathi]]></category>
		<category><![CDATA[Civic Issues]]></category>
		<category><![CDATA[Drain Construction]]></category>
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					<description><![CDATA[नागौद के वार्ड-2 में नाला खोदकर छोड़े जाने से परेशानी, अमन त्रिपाठी ने निर्माण पूरा कराने की मांग की नागौद। नगर के वार्ड क्रमांक 2 स्थित हरदुआ मोहल्ले में नाला ... <a title="नागौद के वार्ड-2 में नाला खोदकर छोड़े जाने से परेशानी, अमन त्रिपाठी ने निर्माण पूरा कराने की मांग की" class="read-more" href="https://swarajvani.com/unfinished-drain-causes-inconvenience-in-nagod-ward-2-aman-tripathi-urges/" aria-label="Read more about नागौद के वार्ड-2 में नाला खोदकर छोड़े जाने से परेशानी, अमन त्रिपाठी ने निर्माण पूरा कराने की मांग की">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>नागौद के वार्ड-2 में नाला खोदकर छोड़े जाने से परेशानी, अमन त्रिपाठी ने निर्माण पूरा कराने की मांग की</strong></h1>
<p><strong>नागौद।</strong> नगर के वार्ड क्रमांक 2 स्थित हरदुआ मोहल्ले में नाला खोदकर छोड़ दिए जाने से स्थानीय रहवासियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों का कहना है कि नाले के निर्माण के लिए खुदाई तो कर दी गई, लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया। कई दिनों से नाला खुला और अधूरा पड़ा होने के कारण आने-जाने में दिक्कत बनी हुई है। मामले को लेकर अमन त्रिपाठी ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर परिषद नागौद को पत्र सौंपकर निर्माण जल्द शुरू कराने और अधूरा काम पूरा करने की मांग की है।</p>
<h2><strong>खुदाई के बाद निर्माण शुरू नहीं होने की शिकायत</strong></h2>
<p>हरदुआ मोहल्ले के रहवासियों के अनुसार, नाला निर्माण के नाम पर संबंधित स्थान पर खुदाई की गई थी। इसके बाद नगर परिषद की ओर से निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया। खुदाई के बाद नाला उसी स्थिति में छोड़े जाने से स्थानीय लोगों की परेशानी बनी हुई है। उनकी शिकायत है कि काम शुरू होने की प्रतीक्षा में कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अधूरे नाले की समस्या का समाधान नहीं हुआ है।</p>
<p>रहवासियों ने खुदाई और निर्माण के बीच बने इस अंतराल को अपनी परेशानी का कारण बताया है। उनका कहना है कि नाला खोदे जाने के बाद निर्माण आगे बढ़ना चाहिए था। इसके बजाय काम अधूरा रहने से मोहल्ले में आने-जाने वालों को कठिनाई हो रही है। स्थानीय लोगों की मांग है कि नगर परिषद निर्माण कार्य शुरू कराकर इस स्थिति का समाधान करे।</p>
<h2><strong>खुले नाले से आवागमन में दिक्कत</strong></h2>
<p>स्थानीय शिकायत के मुताबिक, नाला खुला होने के कारण हरदुआ मोहल्ले में आवागमन प्रभावित हो रहा है। रहवासियों को संबंधित स्थान से आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाले का निर्माण पूरा नहीं होने से यह दिक्कत लगातार बनी हुई है। लोगों का कहना है कि खुदाई के बाद काम अधूरा छोड़ देने से उन्हें असुविधा झेलनी पड़ रही है।</p>
<p>मामले में रहवासियों की मुख्य आपत्ति निर्माण कार्य की अधूरी स्थिति को लेकर है। उन्होंने बताया कि नाला खोदने के बाद आगे का काम नहीं होने से समस्या समाप्त होने के बजाय बनी हुई है। इसी कारण वे नगर परिषद से निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग कर रहे हैं। उनकी अपेक्षा है कि अधूरे कार्य को पूरा किया जाए, जिससे संबंधित स्थान पर आने-जाने की परेशानी दूर हो सके।</p>
<h2><strong>अमन त्रिपाठी ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को सौंपा पत्र</strong></h2>
<p>हरदुआ मोहल्ले की इस समस्या को लेकर अमन त्रिपाठी ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर परिषद नागौद को पत्र सौंपा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने वार्ड क्रमांक 2 में नाला खोदकर छोड़े जाने और निर्माण कार्य शुरू नहीं होने का मामला उठाया। उन्होंने मांग की कि नगर परिषद इस विषय को गंभीरता से ले और नाले का निर्माण जल्द शुरू कराए।</p>
<p>अमन त्रिपाठी ने अधूरे पड़े नाले का काम शीघ्र पूरा कराने का आग्रह किया है। उनकी मांग का केंद्र स्थानीय रहवासियों को हो रही आवागमन की परेशानी है। उन्होंने नगर परिषद का ध्यान इस ओर दिलाया कि खुदाई के बाद निर्माण नहीं होने से लोगों की दिक्कत बनी हुई है। पत्र सौंपकर उन्होंने संबंधित कार्य को आगे बढ़ाने और पूरा कराने की मांग रखी है।</p>
<h2><strong>अधूरा काम पूरा कराने की मांग</strong></h2>
<p>रहवासियों की शिकायत और अमन त्रिपाठी के पत्र में नाला निर्माण की अधूरी स्थिति को प्रमुखता से उठाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के लिए खोदे गए नाले को लंबे समय तक खुला छोड़ने से आने-जाने की परेशानी बनी रहती है। इसलिए खुदाई के बाद शेष निर्माण कार्य भी पूरा कराया जाना चाहिए।</p>
<p>वार्ड क्रमांक 2 के हरदुआ मोहल्ले का यह मामला अब मुख्य नगर पालिका अधिकारी के समक्ष रखा गया है। अमन त्रिपाठी ने नगर परिषद से शीघ्र निर्माण शुरू कराने का आग्रह दोहराया है। स्थानीय रहवासियों की मांग भी यही है कि अधूरा नाला पूरा कराया जाए और आवागमन में हो रही असुविधा का समाधान किया जाए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चंडीगढ़ से उज्जैन, ओंकारेश्वर और महेश्वर की यात्रा: IRCTC का पांच दिवसीय एयर टूर पैकेज</title>
		<link>https://swarajvani.com/irctcs-5-day-air-tour-from-chandigarh-covers-ujjain-omkareshwar-and/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Sep 2026 11:05:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[New Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Chandigarh to Ujjain]]></category>
		<category><![CDATA[Jyotirlinga Heritage Tour]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Prad]]></category>
		<category><![CDATA[Mahakaleshwar Darshan]]></category>
		<category><![CDATA[Maheshwar]]></category>
		<category><![CDATA[Omkareshwar]]></category>
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					<description><![CDATA[चंडीगढ़ से उज्जैन, ओंकारेश्वर और महेश्वर की यात्रा: IRCTC का पांच दिवसीय एयर टूर पैकेज 16 से 20 नवंबर 2026 तक प्रस्तावित यात्रा; किराया, भस्म आरती और अन्य सुविधाएं बुकिंग ... <a title="चंडीगढ़ से उज्जैन, ओंकारेश्वर और महेश्वर की यात्रा: IRCTC का पांच दिवसीय एयर टूर पैकेज" class="read-more" href="https://swarajvani.com/irctcs-5-day-air-tour-from-chandigarh-covers-ujjain-omkareshwar-and/" aria-label="Read more about चंडीगढ़ से उज्जैन, ओंकारेश्वर और महेश्वर की यात्रा: IRCTC का पांच दिवसीय एयर टूर पैकेज">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>चंडीगढ़ से उज्जैन, ओंकारेश्वर और महेश्वर की यात्रा: IRCTC का पांच दिवसीय एयर टूर पैकेज</strong></h1>
<p><strong>16 से 20 नवंबर 2026 तक प्रस्तावित यात्रा; किराया, भस्म आरती और अन्य सुविधाएं बुकिंग से पहले पैकेज विवरण में जांचें</strong></p>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> मध्य प्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा की योजना बना रहे लोगों के लिए आईआरसीटीसी ने ‘ज्योतिर्लिंग हेरिटेज एक्स चंडीगढ़’ एयर टूर पैकेज पेश किया है। उपलब्ध यात्रा सूचना के अनुसार, पांच दिन और चार रात की यह यात्रा <strong>16 से 20 नवंबर 2026</strong> तक प्रस्तावित है। चंडीगढ़ से शुरू होने वाले इस टूर में उज्जैन के महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर और महेश्वर को शामिल किया गया है। आईआरसीटीसी की पर्यटन वेबसाइट पर यह पैकेज <strong>NCA23</strong> कोड से दर्ज है।</p>
<h2><strong>एक यात्रा में दो ज्योतिर्लिंगों के दर्शन</strong></h2>
<p>पैकेज का प्रमुख आकर्षण उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर और नर्मदा तट पर स्थित ओंकारेश्वर है। ये दोनों स्थल शिवभक्तों के लिए महत्वपूर्ण ज्योतिर्लिंग हैं। इसके अलावा यात्रा में महेश्वर भी शामिल है, जो अपने नर्मदा घाटों और ऐतिहासिक धरोहर के लिए जाना जाता है।</p>
<p>चंडीगढ़ से हवाई यात्रा के बाद मध्य प्रदेश के इन शहरों को एक निर्धारित कार्यक्रम में देखने का विकल्प उन यात्रियों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो अलग-अलग उड़ानें, होटल और स्थानीय वाहन की व्यवस्था स्वयं नहीं करना चाहते। हालांकि, किस दिन किस स्थल पर दर्शन होंगे, ठहरने का स्थान क्या होगा और स्थानीय यात्रा का क्रम कैसा रहेगा, इसकी पुष्टि पैकेज की विस्तृत यात्रा सूची से करनी चाहिए।</p>
<h2><strong>₹35 हजार का किराया सभी के लिए तय नहीं मानें</strong></h2>
<p>खबरों में इस यात्रा का किराया लगभग <strong>₹35 हजार प्रति व्यक्ति</strong> बताया गया है। आईआरसीटीसी के प्रचार में इसी पैकेज के लिए <strong>₹33,320 से शुरू</strong> होने वाला किराया भी दर्शाया गया है। शुरुआती कीमत और बुकिंग के समय देय राशि में अंतर हो सकता है। यात्रा की तारीख, उपलब्धता और कमरे में एक, दो या तीन यात्रियों के ठहरने के विकल्प के अनुसार अंतिम भुगतान जांचना जरूरी है।</p>
<p>बुकिंग से पहले यात्री यह भी देखें कि घोषित राशि में हवाई किराया, होटल, स्थानीय वाहन, भोजन और करों में से क्या-क्या शामिल है। किसी भी ऐसे खर्च को पैकेज में शामिल मानकर न चलें, जिसका स्पष्ट उल्लेख आधिकारिक विवरण में न हो।</p>
<h2><strong>भस्म आरती के बारे में पहले करें पुष्टि</strong></h2>
<p>महाकालेश्वर यात्रा में कई श्रद्धालु भस्म आरती में शामिल होना चाहते हैं। लेकिन <strong>महाकाल दर्शन और भस्म आरती में प्रवेश अलग व्यवस्थाएं हैं</strong>। केवल टूर पैकेज में उज्जैन या महाकालेश्वर का नाम होने से भस्म आरती में स्थान सुनिश्चित नहीं माना जा सकता।</p>
<p>यदि भस्म आरती इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है, तो भुगतान करने से पहले आईआरसीटीसी से लिखित पैकेज विवरण में जांचें कि उसका प्रवेश शामिल है या नहीं। यदि शामिल है, तो उससे जुड़ी शर्तें और उपलब्धता क्या हैं। इसी तरह विशेष दर्शन, मंदिर में अतिरिक्त शुल्क और अन्य व्यक्तिगत खर्चों की जानकारी भी पहले लेना बेहतर रहेगा।</p>
<h2><strong>पैकेज कोड से जांचें पूरी जानकारी</strong></h2>
<p>यात्रा की जानकारी देखने के लिए  पर <strong>NCA23</strong> पैकेज कोड खोजा जा सकता है। वहां यात्रा कार्यक्रम, उपलब्ध सीटें, उस समय लागू किराया, शामिल सेवाएं और रद्द करने की शर्तें जांचकर ही बुकिंग का निर्णय लें। यह सावधानी इसलिए भी जरूरी है क्योंकि एक ही नाम से अलग अवधि और प्रस्थान तिथि वाले टूर उपलब्ध हो सकते हैं।</p>
<p>उज्जैन, ओंकारेश्वर और महेश्वर को जोड़ने वाला यह पैकेज श्रद्धालुओं को एक निर्धारित कार्यक्रम में यात्रा करने का विकल्प देता है। यात्रियों के लिए सबसे उपयोगी कदम बुकिंग से ठीक पहले आधिकारिक पैकेज पृष्ठ पर <strong>16 नवंबर का प्रस्थान और अंतिम देय किराया</strong> मिलाना होगा।</p>
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		<title>काजी कैंप और ‘मिसाइल’ वाले बयान पर ओवैसी-रामेश्वर शर्मा आमने-सामने, भोपाल की राजनीति गरमाई</title>
		<link>https://swarajvani.com/owaisi-bjp-mla-rameshwar-sharma-over-missile-remark-political-row-erupts-in-bhopal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Sep 2026 09:30:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bhopal]]></category>
		<category><![CDATA[AIMIM Chief Owaisi]]></category>
		<category><![CDATA[Bhopal Political News]]></category>
		<category><![CDATA[BJP MLA Rameshwar Sharma]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Prad]]></category>
		<category><![CDATA[Missile Remark Controversy]]></category>
		<category><![CDATA[Owaisi vs Rameshwar Sharma]]></category>
		<category><![CDATA[Qazi Camp Controversy]]></category>
		<category><![CDATA[UCC Protest Bhopal]]></category>
		<category><![CDATA[Uniform Civil Code]]></category>
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					<description><![CDATA[काजी कैंप और ‘मिसाइल’ वाले बयान पर ओवैसी-रामेश्वर शर्मा आमने-सामने, भोपाल की राजनीति गरमाई ओवैसी ने जनसभा से भाजपा विधायक को दी चुनौती, रामेश्वर शर्मा बोले—भारत-विरोधी आतंकी ठिकानों के खिलाफ ... <a title="काजी कैंप और ‘मिसाइल’ वाले बयान पर ओवैसी-रामेश्वर शर्मा आमने-सामने, भोपाल की राजनीति गरमाई" class="read-more" href="https://swarajvani.com/owaisi-bjp-mla-rameshwar-sharma-over-missile-remark-political-row-erupts-in-bhopal/" aria-label="Read more about काजी कैंप और ‘मिसाइल’ वाले बयान पर ओवैसी-रामेश्वर शर्मा आमने-सामने, भोपाल की राजनीति गरमाई">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>काजी कैंप और ‘मिसाइल’ वाले बयान पर ओवैसी-रामेश्वर शर्मा आमने-सामने, भोपाल की राजनीति गरमाई</strong></h1>
<h2><strong>ओवैसी ने जनसभा से भाजपा विधायक को दी चुनौती, रामेश्वर शर्मा बोले—भारत-विरोधी आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी</strong></h2>
<p><strong>भोपाल।</strong> राजधानी भोपाल में समान नागरिक संहिता के विरोध में आयोजित जनसभा के दौरान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के कथित ‘काजी कैंप पर मिसाइल’ वाले बयान पर तीखा पलटवार किया। ओवैसी ने शर्मा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें साहस है तो वे बताएं कि मिसाइल कब चलाएंगे। इसके बाद रामेश्वर शर्मा ने भी जवाब देते हुए कहा कि उनका बयान भोपाल के किसी क्षेत्र या समुदाय के लिए नहीं, बल्कि देश-विरोधी आतंकी ठिकानों के संदर्भ में था।</p>
<p>दोनों नेताओं के बीच हुई इस तीखी बयानबाजी के बाद मध्य प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विवाद के केंद्र में भोपाल का काजी कैंप इलाका, UCC और भाजपा विधायक के पुराने बयान की व्याख्या है। हालांकि किसी आवासीय क्षेत्र या समुदाय को ‘भारत-विरोधी’ कहना तथ्यात्मक प्रमाण के बिना उचित नहीं है। दोनों पक्षों के कथनों को राजनीतिक बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।</p>
<h2><strong>भोपाल की सभा में ओवैसी ने दी चुनौती</strong></h2>
<p>असदुद्दीन ओवैसी ने भोपाल में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए रामेश्वर शर्मा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा विधायक वास्तव में अपने बयान पर कायम हैं तो बताएं कि काजी कैंप में मिसाइल कब चलाएंगे। ओवैसी ने यह भी कहा कि वह वहां अकेले खड़े होने के लिए तैयार हैं और डरकर पीछे नहीं हटेंगे।</p>
<p>ओवैसी ने काजी कैंप के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां रहने वाले नागरिकों को किसी नेता की धमकी से डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अपने समर्थकों से संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की।</p>
<p>AIMIM प्रमुख ने भाजपा पर धार्मिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए किसी मोहल्ले या समुदाय को निशाना बनाना उचित नहीं है।</p>
<h2><strong>रामेश्वर शर्मा ने कहा—भोपाल के काजी कैंप की बात नहीं की</strong></h2>
<p>ओवैसी की चुनौती के बाद हुजूर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके पुराने बयान को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया जा रहा है। शर्मा के अनुसार उन्होंने भोपाल स्थित काजी कैंप पर हमला करने की बात नहीं कही थी।</p>
<p>भाजपा विधायक ने दावा किया कि उनका संदर्भ देश के बाहर सक्रिय कथित आतंकी शिविरों और भारत-विरोधी ठिकानों से था। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए ऐसे ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहनी चाहिए।</p>
<p>शर्मा ने ओवैसी की भाषा को अमर्यादित बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपनी बात लोकतांत्रिक और संयमित भाषा में रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि AIMIM प्रमुख उनके बयान को भोपाल के एक इलाके से जोड़कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
<h2><strong>क्या था रामेश्वर शर्मा का पुराना बयान?</strong></h2>
<p>विवाद सितंबर के पहले सप्ताह में रामेश्वर शर्मा के एक बयान के बाद शुरू हुआ था। उनके भाषण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिसमें ‘काजी कैंप’ और ‘मिसाइल’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल सुनाई दिया। वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक ने भोपाल के मुस्लिम बहुल काजी कैंप इलाके को निशाना बनाया है।</p>
<p>विवाद बढ़ने पर शर्मा ने स्पष्टीकरण दिया कि उनके बयान में भोपाल के काजी कैंप का उल्लेख नहीं था। उनका कहना था कि वह भारत के विरुद्ध गतिविधियों में शामिल सीमा पार के आतंकी शिविरों की बात कर रहे थे।</p>
<p>वायरल वीडियो के संपूर्ण संदर्भ और मूल भाषण को देखे बिना उसके किसी छोटे हिस्से के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे संवेदनशील विषयों पर स्पष्ट और जिम्मेदार भाषा का प्रयोग करें, ताकि उनके बयान से सामाजिक तनाव पैदा न हो।</p>
<h2><strong>UCC विरोधी सभा में उठा मामला</strong></h2>
<p>ओवैसी भोपाल में समान नागरिक संहिता के विरोध में आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने UCC को धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के व्यक्तिगत कानूनों से जोड़ते हुए केंद्र सरकार की नीति पर प्रश्न उठाए।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि समान नागरिक संहिता के नाम पर गैर-हिंदू समुदायों पर एक विशेष प्रकार की व्यवस्था लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। ओवैसी ने संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का उल्लेख करते हुए कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा आवश्यक है।</p>
<p>उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि यदि प्रस्तावित व्यवस्था सभी नागरिकों के लिए समान है तो आदिवासी समुदायों को संभावित रूप से इससे अलग रखने की चर्चा क्यों हो रही है। ओवैसी ने NDA में शामिल अन्य राजनीतिक दलों से भी UCC पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।</p>
<h2><strong>शर्मा ने ओवैसी को चुनाव लड़ने की चुनौती दी</strong></h2>
<p>रामेश्वर शर्मा ने पलटवार करते हुए ओवैसी को मध्य प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि AIMIM को जनता के बीच जाकर अपने विचारों के लिए समर्थन मांगना चाहिए।</p>
<p>शर्मा ने ओवैसी पर समाज को बांटने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को धार्मिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत की सेना और सुरक्षा एजेंसियां देश-विरोधी आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई करती रहेंगी।</p>
<p>उन्होंने यह भी दोहराया कि उनकी टिप्पणी का भोपाल के किसी नागरिक, मोहल्ले या धार्मिक समुदाय से संबंध नहीं था। हालांकि ओवैसी और AIMIM का कहना है कि विधायक की भाषा से काजी कैंप के लोगों के बीच गलत संदेश गया।</p>
<h2><strong>राजनीतिक विवाद में बदल गया बयान</strong></h2>
<p>दोनों नेताओं की बयानबाजी अब UCC से आगे बढ़कर राष्ट्रवाद, धार्मिक पहचान और भोपाल की स्थानीय राजनीति से जुड़ गई है। भाजपा समान नागरिक संहिता को समान अधिकारों और महिला न्याय का विषय बताती है, जबकि AIMIM सहित कई विपक्षी दल इसे धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप के रूप में देखते हैं।</p>
<p>रामेश्वर शर्मा और ओवैसी दोनों अपने आक्रामक राजनीतिक बयानों के लिए पहचाने जाते हैं। इस विवाद में भी दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इससे समर्थकों के बीच राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ने की आशंका है।</p>
<h2><strong>संवेदनशील बयानबाजी से बचने की जरूरत</strong></h2>
<p>काजी कैंप भोपाल का एक आवासीय क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में आम नागरिक रहते हैं। किसी राजनीतिक बयान के कारण वहां के सभी निवासियों को किसी आरोप से जोड़ना उचित नहीं होगा। यदि किसी व्यक्ति या संगठन के विरुद्ध गैरकानूनी गतिविधि का प्रमाण है तो कार्रवाई जांच एजेंसियों और कानून के माध्यम से होनी चाहिए।</p>
<p>लोकतांत्रिक व्यवस्था में नेताओं को एक-दूसरे की नीतियों और विचारों की आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन हिंसक प्रतीकों और धमकी जैसी भाषा का प्रयोग सामाजिक तनाव बढ़ा सकता है। राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने बयानों में संवैधानिक मर्यादा और सामाजिक सद्भाव का ध्यान रखें।</p>
<p>फिलहाल इस विवाद पर दोनों नेताओं ने अपना-अपना पक्ष रख दिया है। ओवैसी ने शर्मा के कथन को काजी कैंप के निवासियों के खिलाफ धमकी बताया है, जबकि शर्मा ने इसे खारिज कर कहा कि उनका निशाना केवल सीमा पार के भारत-विरोधी आतंकी शिविर थे।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 90 हजार करोड़ के विकास कार्यों को 2031 तक विस्तार, किसानों और शिक्षकों को राहत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Sep 2026 11:12:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bhopal]]></category>
		<category><![CDATA[Bhopal News]]></category>
		<category><![CDATA[Farmers]]></category>
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		<category><![CDATA[Madhya Prad]]></category>
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					<description><![CDATA[एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 90 हजार करोड़ के विकास कार्यों को 2031 तक विस्तार, किसानों और शिक्षकों को राहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में ... <a title="एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 90 हजार करोड़ के विकास कार्यों को 2031 तक विस्तार, किसानों और शिक्षकों को राहत" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-cabinet-extends-rs-90000-crore-development-projects-till-2031-approves-major-benefits-for-farmers-and/" aria-label="Read more about एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 90 हजार करोड़ के विकास कार्यों को 2031 तक विस्तार, किसानों और शिक्षकों को राहत">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 90 हजार करोड़ के विकास कार्यों को 2031 तक विस्तार, किसानों और शिक्षकों को राहत</strong></h1>
<h2><strong>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में सिंचाई, शिक्षा, कृषि और न्याय क्षेत्र से जुड़े प्रस्ताव मंजूर</strong></h2>
<p><strong>भोपाल।</strong> मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के किसानों, शिक्षकों और आम नागरिकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में विकास और बुनियादी ढांचे से संबंधित लगभग 90 हजार करोड़ रुपये के कार्यों को वर्ष 2031 तक जारी रखने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में सिंचाई, शिक्षा, कृषि और न्याय व्यवस्था से जुड़े प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई।</p>
<p>कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में चल रही महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को निर्धारित अवधि में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से लगभग 90 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं और विकास कार्यों की अवधि वर्ष 2031 तक बढ़ाने का फैसला किया गया है। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश में जारी विभिन्न परियोजनाओं को निरंतरता मिलेगी और अधूरे निर्माण एवं बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को पूरा किया जा सकेगा।</p>
<h2><strong>13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सिंचाई परियोजनाएं मंजूर</strong></h2>
<p>कैबिनेट बैठक में किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण निर्णय सिंचाई परियोजनाओं को लेकर लिया गया। मंत्रिमंडल ने 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है।</p>
<p>मध्य प्रदेश की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। कई क्षेत्रों में खेती आज भी मानसूनी बारिश पर आधारित है। बारिश कम होने अथवा समय पर नहीं होने के कारण किसानों को फसलों में नुकसान उठाना पड़ता है। नई सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से किसानों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराने, कृषि उत्पादन बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास किया जाएगा।</p>
<p>सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों को एक से अधिक फसल लेने का अवसर भी मिल सकता है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। सरकार का मानना है कि जल संसाधनों के बेहतर उपयोग से खेती की लागत और जोखिम को कम करने में सहायता मिलेगी।</p>
<h2><strong>जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों को नियमित वेतनमान</strong></h2>
<p>कैबिनेट ने जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों के हित में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल ने संबंधित शिक्षकों को नियमित वेतनमान प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस फैसले से लंबे समय से नियमित वेतनमान की प्रतीक्षा कर रहे पात्र शिक्षकों को लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।</p>
<p>शिक्षकों के वेतनमान से जुड़ा विषय लंबे समय से चर्चा में था। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद संबंधित विभाग द्वारा नियमों और पात्रता के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सरकार के इस निर्णय से जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों का मनोबल बढ़ने और शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
<p>प्रदेश के दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में इन शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। नियमित वेतनमान मिलने से उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्राप्त होगी और सेवा से जुड़ी अनिश्चितताओं में कमी आने की संभावना है।</p>
<h2><strong>विकास परियोजनाओं को मिलेगी निरंतरता</strong></h2>
<p>लगभग 90 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों को वर्ष 2031 तक जारी रखने की अनुमति मिलने से विभिन्न विभागों की योजनाओं को आवश्यक समय और वित्तीय निरंतरता प्राप्त होगी। बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भूमि अधिग्रहण, तकनीकी स्वीकृति, निर्माण प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक कारणों से समय लग सकता है। अवधि बढ़ाए जाने से ऐसी परियोजनाओं को बीच में रुकने से बचाने में सहायता मिलेगी।</p>
<p>इन विकास कार्यों में प्रदेश की आधारभूत संरचना को मजबूत करने वाली योजनाएं शामिल हैं। परियोजनाओं के पूरा होने पर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार होने के साथ रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की भी संभावना है। सरकार ने संबंधित विभागों को कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समय में परियोजनाएं पूरी करने पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।</p>
<h2><strong>शिक्षा, न्याय और कृषि क्षेत्र के प्रस्तावों पर भी मुहर</strong></h2>
<p>मंत्रिमंडल की बैठक में सिंचाई और शिक्षकों के वेतनमान के अतिरिक्त शिक्षा, न्याय और कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इन फैसलों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाना और जनता तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना बताया गया है।</p>
<p>सरकार का कहना है कि किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने, शिक्षकों के हितों की रक्षा करने और विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। कैबिनेट के ताजा निर्णयों को राज्य की विकास योजनाओं को दीर्घकालीन गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>मंगल कॉलोनी में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, भजनों पर देर रात तक झूमे श्रद्धालु</title>
		<link>https://swarajvani.com/shri-krishna-janmotsav-celebrated-with-devotion-and-enthusiasm-at-mangal-colony-in-manawar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 05 Sep 2026 11:04:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Manawar]]></category>
		<category><![CDATA[Devotional Programme]]></category>
		<category><![CDATA[Dhar News]]></category>
		<category><![CDATA[Janmashtami Celebration]]></category>
		<category><![CDATA[Kaushik Pandit]]></category>
		<category><![CDATA[Krishna Bhajan Sandhya]]></category>
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		<category><![CDATA[rishna Janmotsav]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Krishna Puja]]></category>
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					<description><![CDATA[मंगल कॉलोनी में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, भजनों पर देर रात तक झूमे श्रद्धालु रिपोर्टर: कौशिक पण्डित मनावर। नगर की मंगल कॉलोनी में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा, ... <a title="मंगल कॉलोनी में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, भजनों पर देर रात तक झूमे श्रद्धालु" class="read-more" href="https://swarajvani.com/shri-krishna-janmotsav-celebrated-with-devotion-and-enthusiasm-at-mangal-colony-in-manawar/" aria-label="Read more about मंगल कॉलोनी में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, भजनों पर देर रात तक झूमे श्रद्धालु">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>मंगल कॉलोनी में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, भजनों पर देर रात तक झूमे श्रद्धालु</strong></h1>
<p><strong>रिपोर्टर: कौशिक पण्डित</strong></p>
<p><strong>मनावर।</strong> नगर की मंगल कॉलोनी में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित भजन संध्या में स्थानीय गायक कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से ओतप्रोत एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए। कलाकारों की मधुर प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। भजनों, जयकारों और धार्मिक अनुष्ठानों के कारण पूरा क्षेत्र कृष्णमय नजर आया।</p>
<p>श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर मंगल कॉलोनी के श्रद्धालुओं में सुबह से ही विशेष उत्साह दिखाई दिया। मंदिर परिसर को फूलों की लड़ियों, रंग-बिरंगे गुब्बारों और आकर्षक सजावटी सामग्री से सजाया गया था। भगवान श्रीकृष्ण के दरबार की विशेष सजावट ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। शाम होते ही बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे।</p>
<h2><strong>विधिवत पूजन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ</strong></h2>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत गायक कलाकारों और परिवार के सदस्यों ने भगवान श्रीकृष्ण का विधिवत पूजन कर की। दीप प्रज्ज्वलित करने और भगवान को पुष्प अर्पित करने के बाद भजन संध्या का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।</p>
<p>गायक दीपक ने ‘सुनो जरा राधा रानी, कृष्ण की बात रे’ भजन प्रस्तुत कर भजन संध्या की शुरुआत की। उनकी मधुर प्रस्तुति ने कार्यक्रम के प्रारंभ से ही श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर कलाकार का उत्साहवर्धन किया।</p>
<h2><strong>‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी’ पर झूमे श्रद्धालु</strong></h2>
<p>गायक कौशिक पण्डित ने ‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी’ भजन की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। भजन शुरू होते ही श्रद्धालु भगवान की भक्ति में लीन हो गए और कई भक्त अपने स्थान पर खड़े होकर झूमने लगे। उनकी प्रस्तुति ने आयोजन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर दिया।</p>
<p>इसके बाद विशाल शर्मा और मनोज पाटीदार ने लोकप्रिय भजन ‘यशोमती मैया से बोले नंदलाला’ प्रस्तुत किया। दोनों कलाकारों की संयुक्त प्रस्तुति को श्रोताओं ने खूब सराहा। भजन पूरा होते ही कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।</p>
<h2><strong>महिला कलाकारों ने भी दी शानदार प्रस्तुतियां</strong></h2>
<p>भजन संध्या में महिला कलाकारों ने भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। ललिता वर्मा ने ‘एक बार तो राधा बनकर देखो मेरे सांवरिया’ भजन की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान उपस्थित महिलाएं भी भक्ति में झूमती नजर आईं।</p>
<p>उभरती गायिका राधा जोशी ने ‘आरंभ है प्रचंड’ गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में उत्साह और जोश भर दिया। उनकी दमदार प्रस्तुति को श्रोताओं ने विशेष रूप से पसंद किया। सरिता सोलंकी ने ‘मानो तो मैं गंगा मां हूं’ गीत प्रस्तुत कर माहौल को भावनात्मक बना दिया।</p>
<p>मनोज पाटीदार ने ‘सांवली सूरत पर मोहन दिल दीवाना हो गया’ सहित भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित कई लोकप्रिय भजन सुनाए। उनकी प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भक्ति और आनंद से भर दिया। प्रत्येक भजन के बाद श्रद्धालुओं ने तालियों और जयकारों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।</p>
<h2><strong>श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप रहा आकर्षण का केंद्र</strong></h2>
<div style="width: 478px;" class="wp-video"><video class="wp-video-shortcode" id="video-354020-1" width="478" height="850" preload="metadata" controls="controls"><source type="video/mp4" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/ytutyu.mp4?_=1" /><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/ytutyu.mp4">https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/ytutyu.mp4</a></video></div>
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<p>कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण की वेशभूषा धारण किए हुए बाल स्वरूप ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कान्हा के रूप में सजे बच्चे को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। लोगों ने बाल स्वरूप के साथ तस्वीरें लीं और भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
<p>मंदिर परिसर में की गई विशेष सजावट भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। फूलों की लड़ियों, गुब्बारों और रंगीन रोशनी से सजा परिसर उत्सव की भव्यता को और बढ़ा रहा था। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने और पूजा-अर्चना करने के लिए भी व्यवस्था की गई थी।</p>
<h2><strong>संचालन के दौरान बताया श्रीकृष्ण का जीवन दर्शन</strong></h2>
<p>कार्यक्रम का संचालन दीपू सविता, रिशू सविता और विशाल शर्मा ने किया। संचालन के दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन, उनके आदर्शों और भगवद्गीता में दिए गए संदेशों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन मनुष्य को धर्म, कर्म, प्रेम, मित्रता और कर्तव्य पालन की प्रेरणा देता है।</p>
<p>कार्यक्रम के प्रारंभ में आरती सविता, ज्योति सविता तथा परिवार के अन्य सदस्यों ने सभी गायक कलाकारों का स्वागत किया। आयोजन के सफल संचालन में परिवार और मंगल कॉलोनी के नागरिकों ने सक्रिय सहयोग दिया। कार्यक्रम के समापन पर विशाल शर्मा ने कलाकारों, श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।</p>
<h2><strong>मध्यरात्रि में गूंजे ‘नंद के आनंद भयो’ के जयकारे</strong></h2>
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<p>रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। कान्हा के जन्म की घोषणा होते ही पूरा परिसर ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ और ‘हाथी-घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।</p>
<p>इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की महाआरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने देर रात तक भजनों का आनंद लेते हुए श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया।</p>
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		<title>ई-टोकन के बावजूद किसानों को यूरिया देने से इनकार, विधायक ऋषि अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद मिली पूरी खाद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 12:10:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[MADHAY PRADESH NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture News]]></category>
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					<description><![CDATA[ई-टोकन के बावजूद किसानों को यूरिया देने से इनकार, विधायक ऋषि अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद मिली पूरी खाद बागेरी खाद वितरण केंद्र पर 40 बोरी की सीमा बताकर रोका ... <a title="ई-टोकन के बावजूद किसानों को यूरिया देने से इनकार, विधायक ऋषि अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद मिली पूरी खाद" class="read-more" href="https://swarajvani.com/bamori-fertilizer-distribution-farmers-denied-urea-despite-e-tokens-get-full-quota-after-mla-rishi-agrawals-intervention/" aria-label="Read more about ई-टोकन के बावजूद किसानों को यूरिया देने से इनकार, विधायक ऋषि अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद मिली पूरी खाद">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>ई-टोकन के बावजूद किसानों को यूरिया देने से इनकार, विधायक ऋषि अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद मिली पूरी खाद</strong></h1>
<h2><strong>बागेरी खाद वितरण केंद्र पर 40 बोरी की सीमा बताकर रोका वितरण, किसानों ने उठाया सवाल- पोर्टल से 54 बोरी का टोकन जारी हुआ तो केंद्र पर क्यों रोका? विधायक ने अधिकारियों से मांगा आदेश</strong></h2>
<p><strong>संवाददाता: अरुण लोधा</strong></p>
<p><strong>बमोरी।</strong> किसानों को खाद वितरण में पारदर्शिता और सुविधा देने के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था के बावजूद बमोरी क्षेत्र में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार को बागेरी स्थित खाद वितरण केंद्र पर ई-टोकन लेकर पहुंचे कुछ किसानों को कथित तौर पर टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार यूरिया देने से मना कर दिया गया। केंद्र पर मौजूद कर्मचारी ने किसानों को बताया कि एक किसान को अधिकतम 40 बोरी यूरिया देने के निर्देश हैं।</p>
<p>इस पर किसानों ने सवाल उठाया कि यदि अधिकतम 40 बोरी यूरिया देने का नियम है तो सरकारी पोर्टल से 40 से अधिक बोरियों के लिए ई-टोकन कैसे जारी हो रहे हैं। इसी दौरान क्षेत्र से गुजर रहे विधायक ऋषि अग्रवाल को किसानों ने रोककर अपनी समस्या बताई। विधायक ने वितरण केंद्र के कर्मचारी और संबंधित अधिकारियों से बात की। इसके बाद किसानों को ई-टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार यूरिया उपलब्ध कराई गई।</p>
<h3><strong>42 और 54 बोरी के ई-टोकन लेकर पहुंचे थे किसान</strong></h3>
<p>जानकारी के अनुसार बागेरी खाद वितरण केंद्र पहुंचे किसानों में दो किसानों के ई-टोकन पर क्रमशः 42 और 54 बोरी यूरिया की मात्रा दर्ज थी।</p>
<p>किसानों का कहना है कि केंद्र पर पहुंचने के बाद वहां मौजूद कर्मचारी ने 40 बोरी से अधिक यूरिया देने से इनकार कर दिया। कर्मचारियों की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि उन्हें निर्देश प्राप्त हुए हैं कि किसी भी किसान को 40 बोरी से ज्यादा यूरिया नहीं दी जाए।</p>
<p>इस पर किसानों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उनके नाम पर निर्धारित मात्रा में खाद आवंटित कर ई-टोकन जारी किया गया है तो वितरण केंद्र पर उसकी मात्रा कम कैसे की जा सकती है।</p>
<h3><strong>किसानों से दोबारा दस्तावेज लाने को कहा</strong></h3>
<p>किसानों के मुताबिक उन्होंने जब कर्मचारी से ई-टोकन के अनुसार पूरी खाद देने की मांग की तो उनसे संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। किसानों को बताया गया कि दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही निर्धारित मात्रा में खाद दी जा सकेगी।</p>
<p>इस प्रक्रिया को लेकर किसानों ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि ई-टोकन जारी करने से पहले ही पोर्टल पर आवश्यक जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर प्रक्रिया पूरी होती है। ऐसे में वितरण केंद्र पर दोबारा सत्यापन की आवश्यकता क्यों पड़ रही है, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।</p>
<h3><strong>रास्ते से गुजर रहे विधायक को किसानों ने रोका</strong></h3>
<p>खाद वितरण को लेकर किसानों और केंद्र के कर्मचारियों के बीच बातचीत चल ही रही थी कि इसी दौरान क्षेत्र से विधायक <strong>ऋषि अग्रवाल</strong> गुजर रहे थे।</p>
<p>किसानों ने विधायक को रोककर पूरी स्थिति से अवगत कराया। किसानों ने उन्हें अपने ई-टोकन दिखाते हुए बताया कि पोर्टल पर 40 बोरी से अधिक यूरिया आवंटित होने के बावजूद वितरण केंद्र से पूरी मात्रा में खाद नहीं दी जा रही है।</p>
<p>मामले की जानकारी मिलने के बाद विधायक खाद वितरण केंद्र पहुंचे और वहां मौजूद कर्मचारी से नियम और निर्देशों के संबंध में जानकारी मांगी।</p>
<h3><strong>कर्मचारी ने डीएमओ के निर्देश का दिया हवाला</strong></h3>
<p>विधायक द्वारा सवाल किए जाने पर केंद्र पर मौजूद कर्मचारी ने कथित तौर पर बताया कि विपणन संघ के डीएमओ की ओर से 40 बोरी से अधिक यूरिया नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>इसके बाद विधायक ऋषि अग्रवाल ने संबंधित डीएमओ से फोन पर बात कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा। बताया गया कि अधिकारी की ओर से दस्तावेजों के सत्यापन के बाद खाद देने की बात कही गई।</p>
<p>इस पर विधायक ने सवाल उठाया कि यदि संबंधित प्रक्रिया और दस्तावेजों के आधार पर पोर्टल से ई-टोकन जारी किया जा चुका है तो वितरण केंद्र पर दोबारा सत्यापन किस आदेश के तहत किया जा रहा है।</p>
<h3><strong>विधायक ने मांगा लिखित आदेश</strong></h3>
<p>विधायक ऋषि अग्रवाल ने संबंधित अधिकारी से कहा कि यदि 40 बोरी की अधिकतम सीमा अथवा दोबारा दस्तावेज सत्यापन को लेकर कोई आदेश जारी हुआ है तो उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाए।</p>
<p>बताया जा रहा है कि मौके पर ऐसा कोई लिखित आदेश प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद किसानों को उनके ई-टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार यूरिया देने की प्रक्रिया शुरू की गई।</p>
<h3><strong>ई-टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार मिली यूरिया</strong></h3>
<p>विधायक के हस्तक्षेप और अधिकारियों से बातचीत के बाद संबंधित किसानों को ई-टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार यूरिया उपलब्ध कराई गई। इससे किसानों को तत्काल राहत मिली।</p>
<p>किसानों का कहना है कि खाद वितरण के लिए यदि सरकार ने ऑनलाइन ई-टोकन व्यवस्था बनाई है तो वितरण केंद्रों पर भी उसी के अनुरूप स्पष्ट और एकसमान व्यवस्था होनी चाहिए। अलग-अलग स्तर पर मौखिक निर्देश दिए जाने से किसानों में भ्रम की स्थिति पैदा होती है।</p>
<h3><strong>खाद वितरण के नियम स्पष्ट करने की मांग</strong></h3>
<p>इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र के किसानों ने खाद वितरण से जुड़े नियमों को सार्वजनिक और स्पष्ट करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि प्रति किसान खाद की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित है तो उसकी जानकारी पोर्टल पर ही होनी चाहिए, ताकि निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा का ई-टोकन जारी न हो।</p>
<p>वहीं यदि ई-टोकन में दर्ज मात्रा ही अंतिम आवंटन है तो वितरण केंद्रों पर किसानों को उसी के अनुरूप खाद उपलब्ध कराई जानी चाहिए।</p>
<p>बागेरी वितरण केंद्र का यह मामला ई-टोकन व्यवस्था और जमीनी स्तर पर खाद वितरण की प्रक्रिया के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े करता है। हालांकि विधायक ऋषि अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद मौके पर किसानों को टोकन के अनुसार यूरिया मिलने से विवाद का तत्काल समाधान हो गया।</p>
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