मंगल कॉलोनी में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, भजनों पर देर रात तक झूमे श्रद्धालु
रिपोर्टर: कौशिक पण्डित
मनावर। नगर की मंगल कॉलोनी में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित भजन संध्या में स्थानीय गायक कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से ओतप्रोत एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए। कलाकारों की मधुर प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। भजनों, जयकारों और धार्मिक अनुष्ठानों के कारण पूरा क्षेत्र कृष्णमय नजर आया।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर मंगल कॉलोनी के श्रद्धालुओं में सुबह से ही विशेष उत्साह दिखाई दिया। मंदिर परिसर को फूलों की लड़ियों, रंग-बिरंगे गुब्बारों और आकर्षक सजावटी सामग्री से सजाया गया था। भगवान श्रीकृष्ण के दरबार की विशेष सजावट ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। शाम होते ही बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे।
विधिवत पूजन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत गायक कलाकारों और परिवार के सदस्यों ने भगवान श्रीकृष्ण का विधिवत पूजन कर की। दीप प्रज्ज्वलित करने और भगवान को पुष्प अर्पित करने के बाद भजन संध्या का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
गायक दीपक ने ‘सुनो जरा राधा रानी, कृष्ण की बात रे’ भजन प्रस्तुत कर भजन संध्या की शुरुआत की। उनकी मधुर प्रस्तुति ने कार्यक्रम के प्रारंभ से ही श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर कलाकार का उत्साहवर्धन किया।
‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी’ पर झूमे श्रद्धालु
गायक कौशिक पण्डित ने ‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी’ भजन की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। भजन शुरू होते ही श्रद्धालु भगवान की भक्ति में लीन हो गए और कई भक्त अपने स्थान पर खड़े होकर झूमने लगे। उनकी प्रस्तुति ने आयोजन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर दिया।
इसके बाद विशाल शर्मा और मनोज पाटीदार ने लोकप्रिय भजन ‘यशोमती मैया से बोले नंदलाला’ प्रस्तुत किया। दोनों कलाकारों की संयुक्त प्रस्तुति को श्रोताओं ने खूब सराहा। भजन पूरा होते ही कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
महिला कलाकारों ने भी दी शानदार प्रस्तुतियां
भजन संध्या में महिला कलाकारों ने भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। ललिता वर्मा ने ‘एक बार तो राधा बनकर देखो मेरे सांवरिया’ भजन की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान उपस्थित महिलाएं भी भक्ति में झूमती नजर आईं।
उभरती गायिका राधा जोशी ने ‘आरंभ है प्रचंड’ गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में उत्साह और जोश भर दिया। उनकी दमदार प्रस्तुति को श्रोताओं ने विशेष रूप से पसंद किया। सरिता सोलंकी ने ‘मानो तो मैं गंगा मां हूं’ गीत प्रस्तुत कर माहौल को भावनात्मक बना दिया।
मनोज पाटीदार ने ‘सांवली सूरत पर मोहन दिल दीवाना हो गया’ सहित भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित कई लोकप्रिय भजन सुनाए। उनकी प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भक्ति और आनंद से भर दिया। प्रत्येक भजन के बाद श्रद्धालुओं ने तालियों और जयकारों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप रहा आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण की वेशभूषा धारण किए हुए बाल स्वरूप ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कान्हा के रूप में सजे बच्चे को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। लोगों ने बाल स्वरूप के साथ तस्वीरें लीं और भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर परिसर में की गई विशेष सजावट भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। फूलों की लड़ियों, गुब्बारों और रंगीन रोशनी से सजा परिसर उत्सव की भव्यता को और बढ़ा रहा था। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने और पूजा-अर्चना करने के लिए भी व्यवस्था की गई थी।
संचालन के दौरान बताया श्रीकृष्ण का जीवन दर्शन
कार्यक्रम का संचालन दीपू सविता, रिशू सविता और विशाल शर्मा ने किया। संचालन के दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन, उनके आदर्शों और भगवद्गीता में दिए गए संदेशों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन मनुष्य को धर्म, कर्म, प्रेम, मित्रता और कर्तव्य पालन की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में आरती सविता, ज्योति सविता तथा परिवार के अन्य सदस्यों ने सभी गायक कलाकारों का स्वागत किया। आयोजन के सफल संचालन में परिवार और मंगल कॉलोनी के नागरिकों ने सक्रिय सहयोग दिया। कार्यक्रम के समापन पर विशाल शर्मा ने कलाकारों, श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मध्यरात्रि में गूंजे ‘नंद के आनंद भयो’ के जयकारे
रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। कान्हा के जन्म की घोषणा होते ही पूरा परिसर ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ और ‘हाथी-घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की महाआरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने देर रात तक भजनों का आनंद लेते हुए श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया।
