ई-टोकन के बावजूद किसानों को यूरिया देने से इनकार, विधायक ऋषि अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद मिली पूरी खाद
बागेरी खाद वितरण केंद्र पर 40 बोरी की सीमा बताकर रोका वितरण, किसानों ने उठाया सवाल- पोर्टल से 54 बोरी का टोकन जारी हुआ तो केंद्र पर क्यों रोका? विधायक ने अधिकारियों से मांगा आदेश
संवाददाता: अरुण लोधा
बमोरी। किसानों को खाद वितरण में पारदर्शिता और सुविधा देने के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था के बावजूद बमोरी क्षेत्र में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार को बागेरी स्थित खाद वितरण केंद्र पर ई-टोकन लेकर पहुंचे कुछ किसानों को कथित तौर पर टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार यूरिया देने से मना कर दिया गया। केंद्र पर मौजूद कर्मचारी ने किसानों को बताया कि एक किसान को अधिकतम 40 बोरी यूरिया देने के निर्देश हैं।
इस पर किसानों ने सवाल उठाया कि यदि अधिकतम 40 बोरी यूरिया देने का नियम है तो सरकारी पोर्टल से 40 से अधिक बोरियों के लिए ई-टोकन कैसे जारी हो रहे हैं। इसी दौरान क्षेत्र से गुजर रहे विधायक ऋषि अग्रवाल को किसानों ने रोककर अपनी समस्या बताई। विधायक ने वितरण केंद्र के कर्मचारी और संबंधित अधिकारियों से बात की। इसके बाद किसानों को ई-टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार यूरिया उपलब्ध कराई गई।
42 और 54 बोरी के ई-टोकन लेकर पहुंचे थे किसान
जानकारी के अनुसार बागेरी खाद वितरण केंद्र पहुंचे किसानों में दो किसानों के ई-टोकन पर क्रमशः 42 और 54 बोरी यूरिया की मात्रा दर्ज थी।
किसानों का कहना है कि केंद्र पर पहुंचने के बाद वहां मौजूद कर्मचारी ने 40 बोरी से अधिक यूरिया देने से इनकार कर दिया। कर्मचारियों की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि उन्हें निर्देश प्राप्त हुए हैं कि किसी भी किसान को 40 बोरी से ज्यादा यूरिया नहीं दी जाए।
इस पर किसानों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उनके नाम पर निर्धारित मात्रा में खाद आवंटित कर ई-टोकन जारी किया गया है तो वितरण केंद्र पर उसकी मात्रा कम कैसे की जा सकती है।
किसानों से दोबारा दस्तावेज लाने को कहा
किसानों के मुताबिक उन्होंने जब कर्मचारी से ई-टोकन के अनुसार पूरी खाद देने की मांग की तो उनसे संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। किसानों को बताया गया कि दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही निर्धारित मात्रा में खाद दी जा सकेगी।
इस प्रक्रिया को लेकर किसानों ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि ई-टोकन जारी करने से पहले ही पोर्टल पर आवश्यक जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर प्रक्रिया पूरी होती है। ऐसे में वितरण केंद्र पर दोबारा सत्यापन की आवश्यकता क्यों पड़ रही है, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
रास्ते से गुजर रहे विधायक को किसानों ने रोका
खाद वितरण को लेकर किसानों और केंद्र के कर्मचारियों के बीच बातचीत चल ही रही थी कि इसी दौरान क्षेत्र से विधायक ऋषि अग्रवाल गुजर रहे थे।
किसानों ने विधायक को रोककर पूरी स्थिति से अवगत कराया। किसानों ने उन्हें अपने ई-टोकन दिखाते हुए बताया कि पोर्टल पर 40 बोरी से अधिक यूरिया आवंटित होने के बावजूद वितरण केंद्र से पूरी मात्रा में खाद नहीं दी जा रही है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद विधायक खाद वितरण केंद्र पहुंचे और वहां मौजूद कर्मचारी से नियम और निर्देशों के संबंध में जानकारी मांगी।
कर्मचारी ने डीएमओ के निर्देश का दिया हवाला
विधायक द्वारा सवाल किए जाने पर केंद्र पर मौजूद कर्मचारी ने कथित तौर पर बताया कि विपणन संघ के डीएमओ की ओर से 40 बोरी से अधिक यूरिया नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके बाद विधायक ऋषि अग्रवाल ने संबंधित डीएमओ से फोन पर बात कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा। बताया गया कि अधिकारी की ओर से दस्तावेजों के सत्यापन के बाद खाद देने की बात कही गई।
इस पर विधायक ने सवाल उठाया कि यदि संबंधित प्रक्रिया और दस्तावेजों के आधार पर पोर्टल से ई-टोकन जारी किया जा चुका है तो वितरण केंद्र पर दोबारा सत्यापन किस आदेश के तहत किया जा रहा है।
विधायक ने मांगा लिखित आदेश
विधायक ऋषि अग्रवाल ने संबंधित अधिकारी से कहा कि यदि 40 बोरी की अधिकतम सीमा अथवा दोबारा दस्तावेज सत्यापन को लेकर कोई आदेश जारी हुआ है तो उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाए।
बताया जा रहा है कि मौके पर ऐसा कोई लिखित आदेश प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद किसानों को उनके ई-टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार यूरिया देने की प्रक्रिया शुरू की गई।
ई-टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार मिली यूरिया
विधायक के हस्तक्षेप और अधिकारियों से बातचीत के बाद संबंधित किसानों को ई-टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार यूरिया उपलब्ध कराई गई। इससे किसानों को तत्काल राहत मिली।
किसानों का कहना है कि खाद वितरण के लिए यदि सरकार ने ऑनलाइन ई-टोकन व्यवस्था बनाई है तो वितरण केंद्रों पर भी उसी के अनुरूप स्पष्ट और एकसमान व्यवस्था होनी चाहिए। अलग-अलग स्तर पर मौखिक निर्देश दिए जाने से किसानों में भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
खाद वितरण के नियम स्पष्ट करने की मांग
इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र के किसानों ने खाद वितरण से जुड़े नियमों को सार्वजनिक और स्पष्ट करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि प्रति किसान खाद की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित है तो उसकी जानकारी पोर्टल पर ही होनी चाहिए, ताकि निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा का ई-टोकन जारी न हो।
वहीं यदि ई-टोकन में दर्ज मात्रा ही अंतिम आवंटन है तो वितरण केंद्रों पर किसानों को उसी के अनुरूप खाद उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
बागेरी वितरण केंद्र का यह मामला ई-टोकन व्यवस्था और जमीनी स्तर पर खाद वितरण की प्रक्रिया के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े करता है। हालांकि विधायक ऋषि अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद मौके पर किसानों को टोकन के अनुसार यूरिया मिलने से विवाद का तत्काल समाधान हो गया।
