Simhastha 2028 के लिए बड़ी तैयारी: 1000 पर्यटक मित्रों की योजना
मध्य प्रदेश सरकार आगामी Simhastha 2028 को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए एक बड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत लगभग 1000 “पर्यटक मित्र” तैयार किए जाएंगे, जो आने वाले विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सहायता करेंगे और उन्हें बेहतर अनुभव प्रदान करेंगे।
योजना का उद्देश्य
इस पहल का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित सेवाएं उपलब्ध कराना है। पर्यटक मित्र न केवल मार्गदर्शन करेंगे बल्कि आपात स्थिति में सहायता, संवाद और सेवा की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।
सरकार का लक्ष्य है कि पर्यटन और धार्मिक आयोजनों के दौरान स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार हो, जिससे भीड़ प्रबंधन और सहायता प्रणाली मजबूत हो सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत
इस योजना के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत अगस्त माह से प्रस्तावित है। पहले चरण में करीब 1000 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इनमें शामिल होंगे—
- वाहन चालक
- पंडे और पुजारी
- पर्यटन में रुचि रखने वाले बेरोजगार युवा
यह प्रशिक्षण 3 से 7 दिनों तक चलेगा और इसे विशेष रूप से डिजाइन किया गया है ताकि प्रतिभागियों को कम समय में अधिक प्रभावी कौशल दिए जा सकें।
प्रशिक्षण का स्थान और व्यवस्था
यह पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (आईआईटीटीएम), ग्वालियर में आयोजित किया जाएगा।
संस्थान में प्रतिभागियों के लिए निम्न सुविधाएं उपलब्ध होंगी—
- स्मार्ट ऑडियो-वीडियो क्लासरूम
- आधुनिक प्रशिक्षण सामग्री
- आवास और भोजन व्यवस्था
- फील्ड विजिट की सुविधा
प्रशिक्षण में क्या सिखाया जाएगा
इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को केवल पर्यटन जानकारी ही नहीं बल्कि व्यवहारिक और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
प्रमुख प्रशिक्षण विषय
- सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात नियम
- पर्यटकों के साथ शालीन व्यवहार
- प्रभावी संवाद कौशल
- अतिथि सत्कार (हॉस्पिटैलिटी)
- पुलिस और प्रशासन से संपर्क प्रक्रिया
- अस्पताल और आपात सेवाओं की जानकारी
- भीड़ प्रबंधन और मार्गदर्शन
- प्राथमिक उपचार (First Aid)
- आपदा प्रबंधन
फील्ड विजिट और व्यवहारिक प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को फील्ड विजिट भी कराई जाएगी। इसका उद्देश्य उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में काम करने के लिए तैयार करना है।
इस दौरान वे सीखेंगे कि:
- श्रद्धालुओं को सही मार्ग कैसे दिखाना है
- भीड़भाड़ में कैसे सहायता करनी है
- आपात स्थिति में तुरंत निर्णय कैसे लेना है
स्टाइपेंड और आर्थिक सहायता
प्रशिक्षण में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को प्रतिदिन 400 से 500 रुपये का स्टाइपेंड देने का प्रस्ताव है। यह राशि इसलिए दी जाएगी ताकि प्रशिक्षण के दौरान उनकी दैनिक आय की क्षति की भरपाई हो सके।
इससे अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे और आर्थिक बोझ के बिना प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।
रोजगार और पंजीकरण की व्यवस्था
यह योजना केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी प्रतिभागियों का पंजीकरण किया जाएगा।
इसके बाद—
- आवश्यकता अनुसार उन्हें सेवाओं के लिए बुलाया जाएगा
- उन्हें निर्धारित मानदेय दिया जाएगा
- वे पर्यटन मित्र के रूप में आधिकारिक रूप से कार्य करेंगे
इससे यह योजना रोजगार सृजन का भी माध्यम बनेगी।
बेरोजगार युवाओं को मिलेगा अवसर
इस कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें केवल पेशेवर ही नहीं बल्कि बेरोजगार युवाओं को भी शामिल किया जाएगा।
इससे उन्हें—
- रोजगार का अवसर मिलेगा
- पर्यटन क्षेत्र में अनुभव मिलेगा
- भविष्य में स्थायी काम के अवसर बढ़ेंगे
प्रशासनिक तैयारी और प्रस्ताव
अधिकारियों के अनुसार यह प्रस्ताव पहले ही मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड को भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलने के बाद इसे औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा।
कार्यक्रम के समन्वयक और नोडल अधिकारियों का मानना है कि यह योजना सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
निष्कर्ष
Simhastha 2028 के लिए बनाई गई यह “पर्यटक मित्र” योजना न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा को बढ़ाएगी बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास का मजबूत माध्यम भी बनेगी। इससे सिंहस्थ 2028 जैसे विशाल आयोजन को और अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
