सागर जहरीली शराब कांड: मृतकों के परिजनों को मिलेंगे 4-4 लाख रुपये, डिप्टी सीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
अवैध शराब से प्रभावित मरीजों का हाल जानने बंडा पहुंचे उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, दोषियों और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का दिया भरोसा
सागर। जिले के बंडा क्षेत्र में कथित जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रत्येक मृतक के परिजन को चार लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया। उन्होंने बंडा पहुंचकर घटना से प्रभावित लोगों और उपचाररत मरीजों का हाल जाना तथा अधिकारियों को अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि इस गंभीर मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों से घटना की विस्तृत जानकारी लेते हुए क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने को कहा।
मृतकों के परिवारों को चार लाख रुपये की सहायता
डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने घोषणा की कि शराब कांड में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को राज्य सरकार की ओर से चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस घटना से प्रभावित परिवारों के सामने अचानक गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट उत्पन्न हो गया है। कई परिवारों ने अपने कमाऊ सदस्यों को खोया है। ऐसे में सरकार द्वारा घोषित सहायता राशि से पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सहायता राशि शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बंडा पहुंचकर मरीजों का जाना हाल
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बंडा पहुंचकर अवैध शराब के सेवन से बीमार हुए लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने मरीजों के उपचार की स्थिति की जानकारी लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और चिकित्सकों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। गंभीर मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर उच्च चिकित्सा संस्थान भेजने और उनके उपचार की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए। मरीजों के परिजनों को प्रशासन की ओर से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने को कहा गया है।
अवैध शराब के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान
जगदीश देवड़ा ने पुलिस और आबकारी विभाग को निर्देश दिया कि जिले में अवैध शराब बनाने, बेचने और उसका परिवहन करने वाले लोगों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने अवैध शराब के संभावित ठिकानों की पहचान कर नियमित दबिश देने और इस कारोबार से जुड़े लोगों के नेटवर्क का पता लगाने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल छोटे स्तर पर शराब बेचने वालों के विरुद्ध कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। अवैध शराब की आपूर्ति करने वाले मुख्य आरोपियों और इस पूरे कारोबार को संचालित करने वालों तक पहुंचना आवश्यक है। अधिकारियों को शराब के निर्माण से लेकर उसकी बिक्री तक की पूरी शृंखला की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही मिलने पर अधिकारियों पर भी कार्रवाई
डिप्टी सीएम ने कहा कि घटना की जांच के दौरान किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों से यह जानकारी मांगी कि क्षेत्र में अवैध शराब की गतिविधियों को रोकने के लिए पहले क्या कदम उठाए गए थे और निगरानी व्यवस्था में कहां कमी रह गई।
घटना के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में ऐसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। सरकार ने अधिकारियों को निगरानी तंत्र मजबूत करने तथा ग्रामीणों से मिलने वाली सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
शराब के नमूनों की जांच पर टिकी निगाह
मामले में जब्त शराब और अन्य संदिग्ध सामग्री की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि शराब में कौन-सा जहरीला पदार्थ मौजूद था और उसका निर्माण कहां किया गया था। प्रशासन द्वारा घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रभावित लोगों ने शराब कहां से खरीदी थी, उसे किसने तैयार किया और क्षेत्र में उसकी आपूर्ति किन लोगों द्वारा की गई। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए स्थानीय स्तर पर पूछताछ तथा संभावित ठिकानों पर कार्रवाई की जा रही है।
ग्रामीणों से सूचना देने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अवैध या संदिग्ध शराब का सेवन न करें। गांव अथवा आसपास के क्षेत्र में अवैध शराब बनाने या बेचने की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस या आबकारी विभाग को सूचित करें। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
सागर का यह शराब कांड अवैध शराब के कारोबार और विभागीय निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने के साथ ही सरकार के सामने दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने, जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की चुनौती है। डिप्टी सीएम ने दावा किया है कि अवैध शराब के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाएगी और मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा।
