बालाकोट रोड पर अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग से जाम के हालात, कार्रवाई की मांग
निजी अस्पतालों, बाइक एजेंसियों और भारत मार्बल के सामने वाहन खड़े होने से सड़क संकरी होने का आरोप
कोमल अहिरवार (जिला ब्यूरो चीफ )
दमोह। बालाकोट रोड पर कथित अतिक्रमण और सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि मार्ग पर स्थित निजी अस्पतालों, मोटरसाइकिल एजेंसियों और भारत मार्बल के सामने वाहनों की कतार लगी रहती है। शाम के समय यहां जाम की स्थिति बनती है और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होती है। नागरिकों ने जिला प्रशासन और यातायात पुलिस से व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मार्ग पर निजी अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में मरीजों तथा उनके परिजनों का लगातार आना-जाना रहता है। अस्पतालों के सामने दोपहिया और चारपहिया वाहन खड़े किए जाने से सड़क का हिस्सा घिर जाता है। लोगों का दावा है कि इससे मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है और कई बार यातायात धीमा पड़ जाता है। इस मार्ग पर पितृछाया मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, अथर्व क्लीनिक सहित अन्य चिकित्सा केंद्र और नर्सिंग होम संचालित हैं।
अस्पतालों के सामने पार्किंग से घटती है सड़क की जगह
नागरिकों का आरोप है कि कुछ अस्पतालों के बाहर मरीजों और उनके परिजनों के वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं। व्यस्त समय में इन वाहनों के कारण रास्ता और संकरा हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की चौड़ाई लगभग 20 फीट है, लेकिन पार्किंग और कथित अतिक्रमण के कारण कई जगह आवागमन के लिए बहुत कम जगह बचती है। हालांकि, सड़क की वास्तविक चौड़ाई और अतिक्रमण की स्थिति का निर्धारण संबंधित विभाग के सर्वे के बाद ही हो सकता है।
लोगों का कहना है कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था होना जरूरी है, ताकि उनके वाहन मुख्य सड़क पर खड़े न हों। सड़क पर वाहनों की कतार लगने से सामान्य आवागमन के साथ-साथ आसपास के प्रतिष्ठानों और मार्ग से गुजरने वाले लोगों को भी परेशानी होती है।
भारत मार्बल के सामने भारी वाहनों से परेशानी का दावा
स्थानीय नागरिकों ने भारत मार्बल के सामने भी यातायात प्रभावित होने की शिकायत की है। उनका कहना है कि दुकान पर मार्बल उतारने के लिए बड़े वाहन सड़क किनारे या सड़क के हिस्से में खड़े रहते हैं। माल उतारने के दौरान वाहनों की आवाजाही बाधित होने और जाम लगने की स्थिति बनती है। नागरिकों के मुताबिक, यदि माल उतारने का काम निर्धारित जगह और समय पर हो तथा सड़क पर वाहन खड़े न किए जाएं, तो यातायात का दबाव कम हो सकता है।
क्षेत्र के लोगों ने मोटरसाइकिल एजेंसियों के सामने भी ग्राहकों और अन्य वाहनों की पार्किंग को समस्या का कारण बताया है। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर सड़क किनारे वाहन खड़े रहने से मार्ग की उपलब्ध जगह कम हो जाती है। इन शिकायतों की जांच कर संबंधित प्रतिष्ठानों के सामने पार्किंग और माल उतारने की व्यवस्था का निरीक्षण किए जाने की मांग की गई है।
एम्बुलेंस के रास्ते को लेकर चिंता
बालाकोट रोड पर अस्पताल और चिकित्सा केंद्र होने के कारण यहां एम्बुलेंस का आवागमन भी महत्वपूर्ण है। नागरिकों का कहना है कि यदि अस्पतालों के बाहर वाहन बेतरतीब खड़े रहते हैं, तो आपात स्थिति में एम्बुलेंस को रास्ता मिलने में दिक्कत हो सकती है। ऐसी स्थिति मरीजों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है। लोगों ने मांग की है कि अस्पतालों के आसपास यातायात व्यवस्था ऐसी हो, जिससे आपातकालीन वाहनों का रास्ता बाधित न हो।
यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग
नागरिकों ने यातायात पुलिस और नगर पालिका प्रशासन से बालाकोट रोड का निरीक्षण कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क पर अवैध पार्किंग की पुष्टि होने पर नियमों के अनुसार चालानी कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़ने पर यातायात में बाधा बन रहे वाहनों को हटाया जाए। साथ ही अस्पतालों, एजेंसियों और दुकानों के संचालकों को पार्किंग तथा माल उतारने की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएं।
लोगों ने यह भी मांग की है कि संबंधित विभाग अस्पतालों के आसपास उपलब्ध पार्किंग व्यवस्था और सड़क पर हो रहे कथित अतिक्रमण की जांच करें। नागरिकों का सवाल है कि लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान क्यों नहीं हो पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से स्थिति का मौके पर आकलन कर नियमों के तहत कार्रवाई करने और बालाकोट रोड पर यातायात सुचारु रखने की अपील की है।
