सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोया, समाज को भी एकजुट रहने की जरूरत
151वीं जयंती पर मंडलेश्वर के उत्सव गार्डन में जुटे पाटीदार समाजजन; संगठन, आपसी सहयोग और जरूरतमंदों की मदद का लिया संकल्प
मंडलेश्वर। देश की एकता और अखंडता के प्रतीक लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती शनिवार को मंडलेश्वर के उत्सव गार्डन में मनाई गई। पाटीदार समाज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। वक्ताओं ने सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने और समाज को संगठित तथा सशक्त बनाने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में उपस्थित समाजजनों ने सरदार पटेल के जीवन और कार्यों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और संगठन क्षमता ने देश को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जयंती के अवसर पर समाज के लोगों ने आपसी सहयोग बढ़ाने और जरूरत के समय एक-दूसरे के साथ खड़े रहने का संकल्प भी लिया।
रियासतों को जोड़कर देश को एक सूत्र में पिरोया
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनिल पाटीदार ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की विभिन्न रियासतों को एकजुट कर पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया। उनका जीवन संगठन, एकता और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का योगदान केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आज भी समाज और राष्ट्र के लिए मार्गदर्शन है।
अनिल पाटीदार ने कहा कि संगठन में शक्ति होती है और एकजुट होकर काम करने वाला समाज कठिन चुनौतियों का सामना कर सकता है। उनके अनुसार, समाज के लोगों को सरदार पटेल के बताए मार्ग पर चलकर सामाजिक एकता बनाए रखने के साथ राष्ट्र की उन्नति में भी योगदान देना चाहिए। उन्होंने समाजजनों से आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर साझा उद्देश्य के लिए संगठित रहने का आह्वान किया।
अंतिम पंक्ति के जरूरतमंद तक पहुंचे सहयोग
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विष्णु पाटीदार ने कहा कि समाज की वास्तविक ताकत उसकी एकजुटता में होती है। यदि समाज का कोई व्यक्ति या परिवार संकट में हो, तो समाजजनों को मिलकर उसकी मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ देना सामाजिक संगठन को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण आधार है।
विष्णु पाटीदार ने सक्षम लोगों की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि समाज की प्रथम पंक्ति में खड़े लोगों को अंतिम पंक्ति में मौजूद जरूरतमंद व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति एक-दूसरे की चिंता करेगा और जरूरत के समय सहभागी बनेगा, तभी मजबूत और संगठित समाज का निर्माण हो सकेगा। उन्होंने सहयोग को केवल आर्थिक मदद तक सीमित न रखते हुए, एक-दूसरे के सुख-दुख में उपस्थित रहने की भावना से भी जोड़कर देखा।
सामाजिक एकता और संगठन को मजबूत बनाने पर जोर
जयंती कार्यक्रम में समाजजनों ने सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि देश की एकता के लिए उनके प्रयास समाज को भी संगठन और सहयोग का महत्व समझाते हैं। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि समाज के लोगों को आपसी संपर्क बनाए रखना चाहिए तथा जरूरत के समय सहायता के लिए तत्पर रहना चाहिए।
समाजजनों ने एकता, परस्पर सहयोग और संगठन को मजबूत बनाने की बात कही। आयोजन का उद्देश्य सरदार पटेल के विचारों को स्मरण करने के साथ सामाजिक जीवन में एकजुटता की भावना को आगे बढ़ाना रहा। उत्सव गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न पीढ़ियों के समाजजन उपस्थित रहे।
बड़ी संख्या में पाटीदार समाजजन हुए शामिल
कार्यक्रम में नितिन पाटीदार, गोलू मामा पाटीदार, अनिल पाटीदार, विजय पाटीदार, विष्णु पाटीदार, सचिन पाटीदार, संजय पाटीदार, प्रकाश पाटीदार, शंकर पाटीदार, वीरेंद्र पाटीदार, जेपी पाटीदार, जुगल सर, नरू पाटीदार, गिरजेश पाटीदार और सुनील पाटीदार सहित बड़ी संख्या में पाटीदार समाजजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन पर समाजजनों ने सरदार पटेल के आदर्शों को जीवन में अपनाने और समाज को संगठित एवं सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्र और समाज की प्रगति के लिए एकता, दृढ़ संकल्प तथा जरूरतमंदों के प्रति सहयोग की भावना को निरंतर बनाए रखना आवश्यक है।
