प्रधानमंत्री मोदी के सामने विक्रम पहाड़े ने दिखाई प्रतिभा, बैतूल का नाम किया रोशन
राकेश सिंह
बैतूल। जिले के युवा कलाकार विक्रम पहाड़े ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन कर बैतूल को गौरवान्वित किया। गुजरात के एकतानगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में 31 अक्टूबर को आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्तुति दी। समारोह में विक्रम को ‘विविधता में एकता’ विषय पर आधारित झांकी का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी मिली।
राष्ट्रीय एकता दिवस के आयोजन में देश के अलग-अलग राज्यों से चुने गए युवाओं ने सात झांकियों के माध्यम से भारत की संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्रीय एकता का संदेश प्रस्तुत किया। विक्रम के नेतृत्व वाली झांकी में महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और राजस्थान के युवाओं ने हिस्सा लिया। झांकी की कोरियोग्राफी गुजरात के कलाकार और कोरियोग्राफर मित्तल कुमार ने की।
चार राज्यों के युवाओं ने झांकी में लिया हिस्सा
‘विविधता में एकता’ की थीम पर तैयार झांकी में विभिन्न राज्यों के युवाओं की सहभागिता ने देश की सांस्कृतिक विविधता को मंच पर प्रस्तुत किया। विक्रम को इस समूह का नेतृत्व सौंपा गया था। समारोह में झांकियों के जरिए भारतीय संस्कृति और परंपराओं के अलग-अलग रंगों को दर्शाया गया तथा राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर हुआ। इस मंच पर देश के अलग-अलग हिस्सों से आए युवाओं के साथ बैतूल के विक्रम की उपस्थिति जिले के लिए गौरव का विषय बनी। उनकी भूमिका केवल झांकी में सहभागिता तक सीमित नहीं रही; उन्हें चार राज्यों के युवाओं वाली प्रस्तुति का नेतृत्व भी करना था।
कर्तव्य पथ की परेड में भी कर चुके हैं सहभागिता
विक्रम की यह पहली राष्ट्रीय उपलब्धि नहीं है। इससे पहले उनका चयन कल्चरल रिपब्लिक डे कैंप (Culture RDC) के लिए हुआ था। 26 जनवरी 2026 को उन्होंने नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में गुजरात की झांकी में सहभागिता की थी।
गणतंत्र दिवस समारोह के बाद भी विक्रम को अपनी कला प्रस्तुत करने के अवसर मिले। 27 जनवरी को उन्होंने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के समक्ष नृत्य प्रस्तुति दी। इसके अगले दिन, 28 जनवरी को, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में मिली जिम्मेदारी उनकी इन उपलब्धियों की कड़ी में एक और अहम पड़ाव है।
परिवार और जिले में खुशी का माहौल
विक्रम पहाड़े, सुमरन पहाड़े और माया पहाड़े के पुत्र हैं। उनकी राष्ट्रीय स्तर की प्रस्तुतियों और अलग-अलग आयोजनों में मिली जिम्मेदारियों से परिवार और बैतूल जिले में खुशी का माहौल है। छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना युवा कलाकारों के लिए प्रेरक उदाहरण माना जा रहा है।
विक्रम की उपलब्धियां मेहनत, अनुशासन और कला के प्रति समर्पण को दर्शाती हैं। राष्ट्रीय समारोहों में चयनित होना और वहां प्रस्तुति देना कलाकार के लिए विशेष अवसर होता है। इसके साथ ही झांकी का नेतृत्व करना समूह के साथ समन्वय और प्रस्तुति की जिम्मेदारी भी लेकर आता है। विक्रम ने अलग-अलग राज्यों के युवाओं के साथ मिलकर इस भूमिका को निभाया।
युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा
बैतूल के विक्रम पहाड़े की यात्रा जिले की युवा प्रतिभाओं को बड़े मंचों पर अपनी कला दिखाने के लिए प्रेरित कर सकती है। उनकी उपलब्धियों ने यह दिखाया है कि छोटे शहरों से जुड़े कलाकार भी राष्ट्रीय आयोजनों में जगह बना सकते हैं और अपनी प्रतिभा से पहचान हासिल कर सकते हैं।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के दौरान प्रधानमंत्री के समक्ष प्रदर्शन और ‘विविधता में एकता’ झांकी का नेतृत्व विक्रम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कर्तव्य पथ से राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री के मंच तक उनकी प्रस्तुतियों ने बैतूल का गौरव बढ़ाया है। स्थानीय स्तर पर भी उनकी इस सफलता पर हर्ष और गर्व व्यक्त किया जा रहा है।
