जिला पंचायत चुनाव में सदस्यों को खरीदने का किस्सा सुनाने पर विवाद, जिला पंचायत सदस्य कमलेश कुमार यादव ने 10 लाख रुपये का ऑफर देने का लगाया आरोप
सीहोर । सीहोर जिले के आष्टा विधानसभा सीट के विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर अपने एक बयान को लेकर सुर्खियों में है। दरअसल बात ये है की एक धार्मिक आयोजन के दौरान नेताजी ने पंचायत चुनाव का किस्सा सुनते हुए हॉर्स ट्रेडिंग का जिक्र जिसके बाद से उनके इस बयान को लेकर वे विवाद के घेरे में बने हुए है।
बताया जा रहा है कि विधायक ने कार्यक्रम में जिला पंचायत चुनाव के दौरान सदस्यों को अपने पक्ष में करने से जुड़ा प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने बाबा जी से आशीर्वाद मांगा, तो उन्हें बताया गया कि एक सदस्य की कमी है। इस पर विधायक ने कथित तौर पर कहा कि 18 में से 10 सदस्यों को खरीद लिया गया है। इसके बावजूद एक सदस्य की कमी कैसे रह गई, इस बात को लेकर उन्होंने आगे का प्रसंग भी सुनाया।
विधायक के इस कथन को जिला पंचायत चुनाव में खरीद-फरोख्त की स्वीकारोक्ति के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इस मामले में सामने आए आरोपों और बयान की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
भाजपा समर्थित सदस्यों ने उठाए सवाल
विधायक के बयान के बाद भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों ने ही सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। सदस्यों ने कथित तौर पर खरीदे गए लोगों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की है। इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर भी असहज स्थिति पैदा कर दी है।
मामले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। अब यह सवाल उठ रहा है कि विधायक ने जिस कथित खरीद-फरोख्त का जिक्र किया, उसमें किन लोगों की भूमिका थी और चुनाव के दौरान वास्तव में क्या घटनाक्रम हुआ था।
जिला पंचायत सदस्य ने 10 लाख रुपये के ऑफर का लगाया आरोप
इस विवाद के बीच जिला पंचायत सदस्य कमलेश कुमार यादव ने दावा किया है कि जिला पंचायत चुनाव के दौरान विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने उन्हें भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के बदले 10 लाख रुपये देने का प्रस्ताव दिया था।
यादव के इस दावे ने विवाद को और गंभीर बना दिया है। हालांकि, यह आरोप है और इसकी पुष्टि के लिए संबंधित पक्षों का जवाब तथा उपलब्ध साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
धार्मिक कार्यक्रम में सुनाए गए इस किस्से और जिला पंचायत सदस्य के आरोप के बाद मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। अब सबकी नजर विधायक की प्रतिक्रिया और मामले में आगे होने वाले घटनाक्रम पर है।
इस पूरे प्रकरण में विधायक के बयान, सदस्यों की मांग और कमलेश कुमार यादव के आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
