बंगाल की खाड़ी के चक्रवात ‘अर्णब’ को लेकर छत्तीसगढ़ अलर्ट, कैबिनेट सचिव ने तैयारियों की समीक्षा की
28 अक्टूबर को दक्षिण बस्तर में भारी बारिश की आशंका; राज्य सरकार ने जिलों को आपदा प्रबंधन के इंतजाम तैयार रखने के निर्देश दिए
रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के संभावित असर को देखते हुए केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार सतर्क हैं। सोमवार को केंद्रीय कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ बैठक कर आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में चक्रवात से प्रभावित हो सकने वाले राज्यों के इंतजामों और राहत-बचाव व्यवस्था पर चर्चा हुई।
छत्तीसगढ़ की ओर से मंत्रालय, महानदी भवन से अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ बैठक में शामिल हुए। उन्होंने राज्य सरकार की तैयारियों की जानकारी दी। राज्य स्तर पर जिलों को सतर्क रहने और संभावित मौसम बदलाव के मद्देनजर जरूरी व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। दक्षिण बस्तर में 28 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका को देखते हुए विशेष निगरानी रखी जा रही है।
दक्षिण बस्तर में बारिश का पूर्वानुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग के 27 अक्टूबर के बुलेटिन के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। पूर्वानुमान में 28 अक्टूबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ और 29 अक्टूबर को उत्तर छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना बताई गई है।
बारिश का असर सभी जिलों में एक जैसा नहीं होगा। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में तेज वर्षा की आशंका है। प्रशासन को मौसम विभाग के अपडेट पर लगातार नजर रखने और जिलेवार स्थिति के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।
राहत और आपदा प्रबंधन पर जोर
कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक का उद्देश्य चक्रवात से संभावित नुकसान को कम करना और प्रभावित क्षेत्रों में समय पर सहायता पहुंचाना रहा। राज्यों से आपदा प्रबंधन की तैयारियों, राहत दलों की उपलब्धता और आपात स्थिति में समन्वय की जानकारी ली गई। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी जिलों को आवश्यक सेवाएं सुचारु रखने और संभावित व्यवधान से निपटने की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार की ओर से एसडीआरएफ सहित आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमों को सतर्क रखा गया है। जिला प्रशासन को स्थानीय जरूरतों के अनुसार बचाव और राहत व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है। भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव की आशंका वाले स्थानों पर निगरानी महत्वपूर्ण होगी। प्रशासनिक अमले को मौसम की स्थिति के अनुसार आम लोगों तक जरूरी सूचना पहुंचाने के लिए भी तैयार रहने को कहा गया है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच लोगों से अपील की गई है कि वे बारिश और तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहें। नदी-नालों के उफान पर होने या जलभराव की स्थिति में पानी पार करने की कोशिश न करें। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे रुकने से बचें। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोग स्थानीय प्रशासन की सूचनाओं पर ध्यान दें।
किसानों और आम नागरिकों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार जरूरी कामों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने को कहा गया है।
चक्रवात की दिशा, गति और तीव्रता के साथ मौसम का पूर्वानुमान बदल सकता है। इसलिए अगले कुछ दिनों तक मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन और जिला प्रशासन की सूचनाओं पर नजर रखना जरूरी होगा। राज्य सरकार ने जिलों को सतर्क रहकर हालात के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
