सेक्टर पड़ाना के आंगनवाड़ी केंद्र में लगी पोषण प्रदर्शनी, महिलाओं को दिया सुपोषण का संदेश
हरी सब्जियों, मौसमी फलों, दालों और मोटे अनाज के सेवन की दी सलाह, पर्यावरण संरक्षण के लिए किया पौधरोपण
रिपोर्टर: मनोज कुमार पुष्पद
दैनिक स्वराज वाणी | पड़ाना। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुक्रवार को सेक्टर पड़ाना के आंगनवाड़ी केंद्र में राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत पोषण प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं, बच्चों और किशोरियों को संतुलित एवं पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम स्थल पर स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध हरी पत्तेदार सब्जियों, मौसमी फलों, मोटे अनाज, मिलेट्स, दालों और अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी के माध्यम से महिलाओं को अलग-अलग खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले पोषक तत्वों और उनके स्वास्थ्य लाभ के बारे में जानकारी दी गई।
स्थानीय खाद्य सामग्री से तैयार करें पौष्टिक भोजन
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने महिलाओं को बताया कि घर में आसानी से उपलब्ध सामग्री का उपयोग करके भी स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन तैयार किया जा सकता है। इसके लिए महंगे खाद्य पदार्थ खरीदना आवश्यक नहीं है। स्थानीय अनाज, दालें, सब्जियां और मौसमी फल परिवार की पोषण संबंधी जरूरतें पूरी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महिलाओं को बाजार में मिलने वाले डिब्बाबंद और अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के बजाय घर पर तैयार पारंपरिक व्यंजनों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई। बताया गया कि बच्चों के भोजन में नियमित रूप से पौष्टिक सामग्री शामिल करने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और शारीरिक एवं मानसिक विकास में सहायता मिलती है।
कुपोषण की रोकथाम के लिए संतुलित आहार जरूरी
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को सुपोषण का महत्व विस्तार से समझाया गया। बताया गया कि संतुलित आहार बच्चों के स्वस्थ विकास के साथ किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के लिए भी आवश्यक है।
कुपोषण की रोकथाम के लिए भोजन में हरी सब्जियां, फल, दालें और मोटे अनाज नियमित रूप से शामिल करने पर जोर दिया गया। महिलाओं से बच्चों के खान-पान और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने तथा आवश्यकता पड़ने पर आंगनवाड़ी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से सलाह लेने की अपील की गई।
पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
पोषण जागरूकता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से सुपरवाइजर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और उपस्थित महिलाओं द्वारा केंद्र परिसर में पौधरोपण भी किया गया। महिलाओं ने उत्साहपूर्वक गतिविधि में भाग लिया और लगाए गए पौधों की देखभाल करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ शरीर के लिए पौष्टिक भोजन और स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण, दोनों आवश्यक हैं।
