सारणी में नौवें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ, जागरूकता के लिए निकाली सुपोषण रैली
महिलाओं को स्थानीय सुपरफूड और संतुलित आहार का बताया महत्व, बच्चों एवं माताओं को दिलाई सुपोषण की शपथ
रिपोर्टर: संदीप तायड़े, स्वराज वाणी, सारणी-घोड़ाडोंगरी
दैनिक स्वराज वाणी | सारणी। महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना सारणी के अंतर्गत नौवें राष्ट्रीय पोषण माह का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर परियोजना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक तीन स्थित बुधवार बाजार क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 03-I और 03-II में पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
आंगनवाड़ी केंद्र परिसर को आकर्षक रंगोली और प्राकृतिक फूलों से सजाया गया। उत्सवपूर्ण वातावरण में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और आंगनवाड़ी कर्मचारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक उचित पोषण और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश पहुंचाना था।
सुपोषण के संदेश के साथ निकाली रैली
कार्यक्रम के अंतर्गत वार्ड क्रमांक तीन में सुपोषण जन-जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से क्षेत्र के नागरिकों को दैनिक भोजन में स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने का संदेश दिया गया।
रैली में शामिल महिलाओं, बच्चों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने लोगों को संतुलित आहार, साफ-सफाई और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया। नागरिकों से राष्ट्रीय पोषण माह को केवल विभागीय अभियान न मानकर जन-आंदोलन बनाने की अपील की गई।
स्थानीय खाद्य सामग्री को बताया सुपरफूड
आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित कार्यशाला में सुपरवाइजर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने महिलाओं को पोषण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पौष्टिक भोजन के लिए हमेशा महंगे खाद्य पदार्थों की आवश्यकता नहीं होती। स्थानीय और मौसमी सब्जियां तथा घर में उपलब्ध पारंपरिक खाद्य सामग्री भी पोषण के अच्छे स्रोत हो सकते हैं।
महिलाओं को अपने दैनिक आहार में गुड़, चना, कढ़ी पत्ता, टमाटर, भिंडी, शकरकंद, चावल, मूंग दाल, ककड़ी और लौकी जैसी पौष्टिक एवं सुपाच्य सामग्री शामिल करने की सलाह दी गई।
पैकेटबंद पेय पदार्थों से बचने की सलाह
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से अत्यधिक चाय-कॉफी और बाजार में उपलब्ध पैकेटबंद पेय पदार्थों के सेवन से बचने की अपील की गई। उन्हें ताजा एवं घर का बना भोजन समय पर करने, पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल पीने और व्यक्तिगत व आसपास के वातावरण की स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया गया।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि संतुलित भोजन के साथ स्वच्छता का ध्यान रखना भी जरूरी है। भोजन तैयार करने और परोसने से पहले हाथ धोना, स्वच्छ पानी का उपयोग करना और खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखना परिवार के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
गर्भवती और धात्री महिलाओं को दी समझाइश
सुपरवाइजर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए विटामिन और प्रोटीन युक्त भोजन का महत्व बताया। साथ ही गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, किशोरी बालिकाओं और बुजुर्गों को उनकी आयु एवं शारीरिक आवश्यकता के अनुसार संतुलित आहार लेने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में बताया गया कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद महिलाओं को अपने भोजन में पौष्टिक सामग्री की पर्याप्त मात्रा शामिल करनी चाहिए। बच्चों को उम्र के अनुसार उचित और विविधतापूर्ण भोजन देने से कुपोषण की रोकथाम तथा स्वस्थ विकास में मदद मिल सकती है।
अभियान को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प
महिला एवं बाल विकास परियोजना सारणी के अंतर्गत आने वाले सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर पूरे माह विभिन्न पोषण जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अभियान को घर-घर पहुंचाकर इसे जन-आंदोलन का रूप देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं, बच्चों और कर्मचारियों को संतुलित भोजन अपनाने, स्वच्छता बनाए रखने और स्वयं के साथ परिवार को भी सुपोषित रखने की शपथ दिलाई गई।
