नीमच में एसपी राजेश व्यास ने 59 आवेदकों की सुनी समस्याएं, त्वरित कार्रवाई के निर्देश
सीएम हेल्पलाइन की 14 शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण, भूमि विवाद और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान
रिपोर्टर: प्रियंका गुजराती
नीमच। आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी और निष्पक्ष निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम नीमच के सभाकक्ष में जिला स्तरीय जनसुनवाई, शिकायत निवारण एवं सीएम हेल्पलाइन शिविर आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने शिविर में पहुंचे करीब 59 आवेदकों की समस्याएं स्वयं सुनीं और संबंधित राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से नागरिक अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। पुलिस अधीक्षक ने आवेदकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा और आवेदन से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी ली। शिकायतों को उनके विषय और क्षेत्र के आधार पर संबंधित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को जांच तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया।
पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाए। जिन मामलों का तत्काल निराकरण संभव है, उनमें मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई की जाए। विस्तृत जांच वाले प्रकरणों में निर्धारित समय के भीतर प्रक्रिया पूरी कर शिकायतकर्ता को परिणाम की जानकारी दी जाए।
उज्जैन जोन के निर्देश पर आयोजित हुआ शिविर
जिला स्तरीय जनसुनवाई एवं शिकायत निवारण शिविर का आयोजन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, उज्जैन जोन के निर्देशों के पालन में किया गया। निर्देशों के तहत उज्जैन जोन के सभी जिलों में मंगलवार को जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन शिकायत निवारण शिविर आयोजित करने पर जोर दिया गया है।
इस पहल का उद्देश्य लंबित शिकायतों की संख्या कम करना और आमजन को जिला स्तर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने का अवसर प्रदान करना है। शिविर में नए आवेदनों को दर्ज करने के साथ पूर्व से लंबित शिकायतों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों से शिकायतों पर अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली गई। जिन प्रकरणों का निराकरण लंबित था, उनके संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सीएम हेल्पलाइन की 14 शिकायतें बंद
जनसुनवाई के साथ आयोजित सीएम हेल्पलाइन शिकायत निवारण शिविर में लेवल-1, लेवल-2 और लेवल-3 पर लंबित शिकायतों की समीक्षा की गई। पुलिस के अनुसार कुल 14 शिकायतों का संबंधित आवेदकों की संतुष्टि के आधार पर निराकरण कर उन्हें बंद कराया गया।
पुलिस अधीक्षक ने सीएम हेल्पलाइन से संबंधित शिकायतों के निराकरण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी शिकायत को केवल तकनीकी रूप से बंद करने के बजाय उसकी वास्तविक समस्या का समाधान होना आवश्यक है। शिकायतकर्ता से संवाद कर उसे की गई कार्रवाई की जानकारी दी जाए और उसकी संतुष्टि सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाए।
अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन के अलग-अलग स्तरों पर लंबित शिकायतों की नियमित निगरानी करने के लिए भी निर्देशित किया गया। अनावश्यक रूप से लंबित मामलों को प्राथमिकता के साथ निपटाने पर जोर दिया गया।
भूमि विवाद और पुलिस कार्रवाई से जुड़े आवेदन
जनसुनवाई में पहुंचे करीब 59 आवेदकों ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष विभिन्न प्रकार की समस्याएं रखीं। इनमें भूमि विवाद, पुलिस कार्रवाई से संबंधित मामले और अन्य शिकायतें शामिल रहीं। कुछ आवेदकों ने अपने प्रकरणों में कार्रवाई की गति को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के सामने पक्ष रखा।
पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने भूमि संबंधी शिकायतों में पुलिस के अधिकार क्षेत्र के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिन मामलों में राजस्व विभाग अथवा अन्य विभागों की भूमिका आवश्यक है, उनमें संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित करने की बात कही गई।
पुलिस कार्रवाई से संबंधित शिकायतों में संबंधित थाना प्रभारी से प्रकरण की वर्तमान स्थिति और अब तक की गई जांच की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए। एसपी ने स्पष्ट किया कि शिकायत की जांच निष्पक्ष एवं विधिसम्मत होनी चाहिए और सभी संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना चाहिए।
शिकायतों को औपचारिकता न मानें अधिकारी
एसपी राजेश व्यास ने राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिकता के रूप में न लिया जाए। प्रत्येक आवेदन की प्रकृति के अनुसार जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के पास पहुंचते हैं। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि उनकी शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुना जाए और संवेदनशीलता के साथ समाधान की दिशा में काम किया जाए।
शिकायतों पर की गई कार्रवाई की जानकारी आवेदकों को देने के निर्देश भी दिए गए। इससे शिकायतकर्ता को अपने मामले की वर्तमान स्थिति पता चल सकेगी और शिकायत निवारण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।
थाना स्तर पर भी आयोजित होंगे शिकायत निवारण शिविर
पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में समय-समय पर जन शिकायत निवारण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। थाना स्तर पर शिविर आयोजित होने से स्थानीय नागरिकों को अपनी समस्याएं रखने के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं आना पड़ेगा।
थाना प्रभारियों से क्षेत्र में प्राप्त शिकायतों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने और उनके निराकरण की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। गंभीर एवं संवेदनशील शिकायतों की जानकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को देने के निर्देश भी जारी किए गए।
शिविर में नगर पुलिस अधीक्षक किरण चौहान, प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक दिव्या चन्द्रवंशी, जिले के समस्त थाना प्रभारी, प्रभारी इंचार्ज और संबंधित शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में फरियादियों और आवेदकों ने शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।
