MP Budget 2026: मोहन सरकार आज पेश करेगी 4.70 लाख करोड़ रुपये का बजट, तीन साल का रोडमैप भी जनता के सामने
भोपाल. MP में आज वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट विधानसभा में पेश किया जाएगा। यह बजट राज्य की वित्तीय और विकास योजना की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है। मोहन सरकार के तहत वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा आज सुबह 11 बजे विधानसभा में बजट पेश करेंगे। इसके पहले कैबिनेट बैठक में बजट को मंजूरी दी जाएगी।
बजट का आकार और लक्ष्य
सूत्रों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत होने वाला बजट लगभग 4.70 लाख करोड़ रुपये का होने की संभावना है। यह पिछले साल के 4.21 लाख करोड़ रुपये के बजट से 12 से 15 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने यह लक्ष्य निर्धारित किया है कि 2028 तक राज्य का बजट 7.28 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाया जाए। इस बजट में न केवल वार्षिक व्यय और राजस्व का विवरण होगा, बल्कि आने वाले तीन साल का रोडमैप भी जनता के सामने रखा जाएगा, जिससे स्पष्ट हो सके कि सरकार किन क्षेत्रों में निवेश और विकास प्राथमिकता दे रही है।
डिजिटल और पेपरलेस बजट
इस बार MP विधानसभा का बजट पूरी तरह से पेपरलेस होगा। वित्त मंत्री टैबलेट लेकर विधानसभा पहुंचेंगे और बजट को डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह कदम राज्य सरकार के डिजिटलकरण प्रयासों और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विधानसभा में सवालों और प्रस्तावों का रिकॉर्ड
वित्तीय सत्र की अधिसूचना जारी होने के बाद विधानसभा सचिवालय को इस बार कुल 3,478 सवालों के नोटिस प्राप्त हुए हैं। इनमें से 1,750 तारांकित और 1,728 अतारांकित सवाल हैं। इन सवालों के अलावा 236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 निजी प्रस्ताव और 83 शून्यकाल के प्रस्ताव भी विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने हैं। यह संख्या दर्शाती है कि बजट सत्र के दौरान विधायकों की सक्रिय भागीदारी होगी और सरकार को अपने निर्णयों और नीतियों पर विस्तार से जवाब देना होगा।
जनता की उम्मीदें और मांगें
राज्य में बजट को लेकर जनता में उम्मीदें और उत्सुकता दोनों ही उच्च हैं। आम लोगों ने कहा कि सरकार को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सामाजिक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। किसानों ने कृषि क्षेत्र में निवेश और समर्थन बढ़ाने की मांग की है, जबकि नागरिकों ने महंगाई और रोजमर्रा की आवश्यकताओं में राहत देने की उम्मीद जताई है। महिलाओं ने किचन और घरेलू सामानों की कीमतों में कटौती की मांग की है।
लोगों का कहना है कि आज के समय में रोजमर्रा की चीजों की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। सोना-चांदी हो या बिल्डिंग मटेरियल, हर चीज महंगी होती जा रही है। आम आदमी के लिए घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है, इसलिए बजट में उनकी जरूरतों और हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
आर्थिक और राजनीतिक महत्व
MP का यह बजट राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आर्थिक रूप से यह राज्य के राजस्व, व्यय और विकास योजनाओं की दिशा तय करेगा। राजनीतिक दृष्टि से यह सरकार के अगले तीन वर्षों के विकास रोडमैप और प्राथमिकताओं को उजागर करेगा। विपक्ष और जनता दोनों ही इस बजट की नीतियों पर निगरानी रखेंगे और यह देखा जाएगा कि क्या सरकार ने सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखा है।
विशेष रूप से, इस बजट से राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण और शहरी अधोसंरचना, कृषि, महिला सशक्तिकरण और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश का अनुमान लगाया जा सकता है। बजट में इन क्षेत्रों पर मिलने वाला संसाधन और योजना का स्वरूप तय करेगा कि आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी पर कैसा प्रभाव पड़ेगा।
बजट प्रस्तुति का तरीका
इस बार के बजट की प्रस्तुति पूरी तरह डिजिटल है, जिससे यह पारदर्शिता और आधुनिकता का प्रतीक बन गया है। वित्त मंत्री टैबलेट के माध्यम से बजट पेश करेंगे, और विधायक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बजट की सामग्री को देख सकेंगे। डिजिटल बजट पेश करने से कागज की बचत होगी और बजट को रिकॉर्ड करना, साझा करना और उसका विश्लेषण करना भी आसान होगा।
तीन साल का रोडमैप
MP सरकार ने इस बजट के साथ आने वाले तीन वर्षों का रोडमैप भी जनता के सामने प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य यह दिखाना है कि सरकार किस तरह राज्य के विकास, सामाजिक कल्याण और आर्थिक स्थिरता को सुनिश्चित करने वाली नीतियां अपनाएगी। यह रोडमैप विशेष रूप से निवेश, अधोसंरचना, कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में खर्च और प्राथमिकताओं का विस्तृत विवरण देगा।
बजट से जुड़ी जनता की प्रतिक्रियाएँ
जनता की प्रतिक्रियाओं से यह स्पष्ट होता है कि लोगों की उम्मीदें व्यापक हैं। लोगों ने सरकार से मांग की है कि बजट में महंगाई, बेरोजगारी और जीवन यापन की कठिनाइयों को ध्यान में रखा जाए। किसानों और व्यापारियों ने कृषि और आर्थिक क्षेत्र में सहयोग की उम्मीद जताई है। महिलाओं और घरेलू कामकाजी लोगों ने घरेलू सामान और किचन के खर्चों को कम करने की मांग की है।
निष्कर्ष
आज प्रस्तुत होने वाला MP बजट 2026-27 न केवल वित्तीय वर्ष का वार्षिक बजट है, बल्कि यह सरकार के अगले तीन वर्षों के विकास रोडमैप का भी संकेत देगा। डिजिटल और पेपरलेस बजट प्रणाली, विधानसभा में सवालों और प्रस्तावों की संख्या, और जनता की प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि बजट पेश करना केवल एक आर्थिक दस्तावेज नहीं बल्कि जनता और सरकार के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
मोहन सरकार के लिए यह अवसर यह साबित करने का है कि वह राज्य की वित्तीय मजबूती, सामाजिक विकास और जनता की जरूरतों के प्रति संवेदनशील है। बजट की प्रस्तुति और इसके माध्यम से सरकार की नीतियों का विश्लेषण आने वाले महीनों में राज्य की राजनीति और विकास दिशा पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगा।
