महिदपुर रोड में पहली बार भव्य त्रिशतावधान, 300 विषयों का स्मरण कर साध्वीश्री निरागरसा ने किया अद्भुत प्रदर्शन
चार घंटे चले आयोजन में श्रद्धालु हुए मंत्रमुग्ध
महिदपुर रोड। दादा गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेंद्र सूरीश्वरजी महाराजा के जन्म द्विशताब्दी महोत्सव के अवसर पर नगर में त्रिस्तुतिक परंपरा का पहला भव्य ‘त्रिशतावधान’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। 21 अक्टूबर 2026 को गोविंदम् वाटिका, नागदा तिराहा स्थित परिसर में हुए इस आयोजन में साध्वीश्री निरागरसा श्रीजी ने एक साथ 300 विषयों को स्मरण रखने की विलक्षण क्षमता का प्रदर्शन किया। करीब चार घंटे चले कार्यक्रम को देखकर श्रद्धालु और समाजजन मंत्रमुग्ध हो गए।
इस आयोजन का संयोजन सौधर्म बृहत्तपोगच्छीय त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ चातुर्मास समिति तथा अखिल भारतीय श्री राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद परिवार, महिदपुर रोड ने किया। कार्यक्रम परम पूज्य साध्वीश्री डॉ. अमृतरसा श्रीजी महाराज साहब की पावन निश्रा में संपन्न हुआ। साध्वीश्री निरागरसा श्रीजी, श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीश्वरजी महाराजा के समुदायवर्ती महिदपुर रोड में चातुर्मास के लिए विराजमान हैं।
दीप प्रज्वलन और गुरु वंदना से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद महिलाओं ने साध्वीश्रीजी का गुरु वंदन किया। मंगलाचरण के साथ आयोजन आगे बढ़ा और पूरे परिसर में भक्तिमय एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
त्रिशतावधान के दौरान साध्वीश्री निरागरसा श्रीजी ने अलग-अलग विषयों को सुनकर उन्हें स्मरण रखा और निर्धारित क्रम में उनका प्रत्युत्तर दिया। एक साथ 300 विषयों पर ध्यान रखने और उन्हें याद रखने की उनकी क्षमता ने उपस्थित लोगों को आश्चर्यचकित किया। आयोजन के माध्यम से स्मरण शक्ति, एकाग्रता और जैन धर्म की आध्यात्मिक साधना परंपरा का परिचय मिला।
साधना, एकाग्रता और स्मरण शक्ति का संगम
साध्वीश्री डॉ. अमृतरसा श्रीजी महाराज साहब और त्रिशतावधानी साध्वीश्री निरागरसा श्रीजी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए त्रिशतावधान की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि यह साधना, एकाग्रता और असाधारण स्मरण शक्ति का अद्भुत संगम है। ऐसी अवधान साधना जैन धर्म की गौरवशाली आध्यात्मिक परंपरा को उजागर करती है और समाज को प्रेरित करती है।
इस अवसर पर साध्वीश्री जिनांशरसाश्रीजी महाराज साहब का भी सहयोग रहा। स्थानीय विधायक दिनेश जैन ‘बोस’, विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रीसंघों के प्रतिनिधि, अखिल भारतीय श्री राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद, महिला परिषद और तरुण परिषद के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारी, सदस्य तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री संजय कोठारी, उज्जैन और उपाध्यक्ष सुधीर लोढ़ा ने निभाई। वरिष्ठ पत्रकार जवाहर डोसी, स्थानीय पत्रकार एवं समाजसेवी तथा नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी बृजेश बोहरा, नागदा भी मौजूद रहे।
साध्वीश्री को ‘त्रिशतावधानी’ की उपाधि
कार्यक्रम के दौरान महिदपुर रोड श्रीसंघ की ओर से साध्वीश्री निरागरसा श्रीजी को ‘त्रिशतावधानी’ की उपाधि से अलंकृत किया गया। जोबट श्रीसंघ ने उन्हें अभिनंदन पत्र भेंट किया। साध्वीश्री के वधामणे का लाभ गुरु भक्त परिवार ने लिया।
मंगलमय आयोजन में नवकासी और स्वामीवात्सल्य का लाभ पंकज शिवनारायण मंडोरा तथा पीयूष प्रकाशचंद चत्तर परिवार ने लिया। कार्यक्रम का संचालन भारतवर्ष की प्रथम महिला शतावधानी श्रीमती निलीशा और अभिषेक सेठिया, उज्जैन ने किया। स्थानीय श्रीसंघ अध्यक्ष अजय चोरड़िया तथा चातुर्मास अध्यक्ष परेश चत्तर ने आभार व्यक्त किया।
इस आयोजन में जावरा, रतलाम, नामली, भाटपचलाना, खाचरौद, नागदा, इंदौर, उज्जैन, मेघनगर, झाबुआ, मंदसौर और महिदपुर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रीसंघों के प्रतिनिधि और श्रद्धालु शामिल हुए। त्रिस्तुतिक परंपरा में नगर में पहली बार हुए इस चार घंटे के कार्यक्रम ने समाज में उत्साह और आध्यात्मिक प्रेरणा का संचार किया। उपस्थित जनों ने इसे महिदपुर रोड और जैन समाज के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताया।
