रायसेन जिला जेल में रक्षाबंधन पर्व पर खास कार्यक्रम आयोजित हुआ। बंदियों के परिजनों ने उन्हें राखी बांधी, जबकि बंदियों ने अपनी बहनों और परिजनों को पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
जिला जेल रायसेन में रक्षाबंधन का भावुक आयोजन, बंदियों ने बहनों को पौधे भेंट कर दिया अनोखा संदेश
ब्यूरो चीफ रायसेन – उमेश चौबे
लोकेशन – रायसेन
रायसेन। जिला जेल रायसेन में रक्षाबंधन कार्यक्रम 28 अगस्त 2026 को भावनात्मक और सकारात्मक माहौल में आयोजित किया गया। माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायसेन अनिल कुमार सोहाने के मार्गदर्शन एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायसेन श्रीमती हर्षिणी यादव के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बंदियों और उनके परिजनों के बीच भाई-बहन के प्रेम और पारिवारिक जुड़ाव की भावपूर्ण तस्वीर देखने को मिली।
जिला जेल रायसेन में रक्षाबंधन कार्यक्रम का उद्देश्य
रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंदियों को परिवार एवं समाज से जोड़ना तथा उनमें सकारात्मक सोच और मानवीय संवेदनाओं को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान बंदियों के परिजनों ने जेल पहुंचकर उन्हें राखी बांधी।
लंबे समय बाद अपने परिजनों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाने का अवसर मिलने से बंदियों और उनके परिवारों के बीच भावनात्मक माहौल बना। भाई-बहन के स्नेह के इस पर्व ने पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक जुड़ाव के महत्व का संदेश दिया।
बंदियों ने बहनों और परिजनों को भेंट किए पौधे
जिला जेल रायसेन में रक्षाबंधन कार्यक्रम की खास बात यह रही कि बंदियों द्वारा अपनी बहनों एवं उपस्थित परिजनों को भेंट स्वरूप पौधे प्रदान किए गए। पौधों के माध्यम से बंदियों ने पर्यावरण संरक्षण और हरित जीवन का संदेश दिया।
रक्षाबंधन के अवसर पर पौधों की यह अनूठी भेंट पारिवारिक प्रेम के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को भी दर्शाती नजर आई। पौधों को संरक्षित और विकसित करने का संदेश देकर कार्यक्रम को सामाजिक सरोकार से भी जोड़ा गया।
जेल अधीक्षक आर.के. चौरे के मार्गदर्शन में आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन जिला जेल अधीक्षक श्री आर.के. चौरे के मार्गदर्शन में किया गया। जिला जेल प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समन्वय से पूरे कार्यक्रम को आयोजित किया गया।
इस दौरान जेल प्रशासन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों में पारिवारिक जुड़ाव, सद्भावना और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी
जिला जेल रायसेन में रक्षाबंधन कार्यक्रम केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं रहा। कार्यक्रम के दौरान बंदियों एवं उनके परिजनों को निःशुल्क विधिक सहायता तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न विधिक सेवाओं की जानकारी भी दी गई।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि जरूरतमंद बंदियों एवं उनके परिवारों को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध विधिक सहायता के संबंध में आवश्यक जानकारी मिल सके।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जरूरतमंद व्यक्तियों को उपलब्ध कराई जाने वाली विधिक सहायता के संबंध में जानकारी देकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
पारिवारिक जुड़ाव और सामाजिक पुनर्वास का संदेश
जिला जेल प्रशासन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त समन्वय से आयोजित कार्यक्रम ने बंदियों को परिवार और समाज से जोड़ने का संदेश दिया। रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक पर्व के माध्यम से बंदियों में सकारात्मक सोच, सद्भावना, मानवीय संवेदना और सामाजिक पुनर्वास की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम के दौरान एक ओर बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर पारंपरिक रिश्ते को मजबूत किया, वहीं दूसरी ओर बंदियों द्वारा पौधे भेंट किए जाने से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी सामने आया।
जिला जेल रायसेन में रक्षाबंधन कार्यक्रम पारिवारिक प्रेम, सामाजिक जिम्मेदारी, विधिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई महत्वपूर्ण संदेशों के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जेल प्रशासन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
