—Advertisement—

,

“इंदौर के तीन दल-बदलू पार्षदों की कुर्सी पर संकट, हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को 2 महीने में फैसला लेने के दिए निर्देश”

Author Picture
Published On: 28 August 2025
08 07 2025 indore khandpith mp court

—Advertisement—

इंदौर के तीन दल बदलू पार्षदों की कुर्सी खतरे में, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिए दो माह में अयोग्यता पर फैसला लेने के निर्देश

इंदौर, 28 अगस्त 2025: इंदौर नगर निगम के तीन पार्षद, जिन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा, अब अपनी कुर्सी खोने की स्थिति में हैं। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह दो माह के भीतर इन पार्षदों की अयोग्यता पर फैसला ले।

तीनों पार्षदों में शामिल हैं:

  • शिवम यादव (वार्ड क्रमांक 17)

  • ममता सुभाष सुनेर (वार्ड क्रमांक 15)

  • विनीता धर्मेंद्र मौर्य (वार्ड क्रमांक 23)

ये तीनों पार्षद 2022 में हुए इंदौर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतकर निगम में पहुंचे थे। लेकिन बाद में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा में शामिल होने की सदस्यता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गी की मौजूदगी में सार्वजनिक कार्यक्रम में दिलवाई गई थी।

इस पर कांग्रेस पार्षद (वार्ड क्रमांक 45) और महिला कांग्रेस की इंदौर जिला अध्यक्ष सोनिला मिमरोट ने 20 मई 2024 को राज्य सरकार को अभ्यावेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने मांग की कि इन तीनों पार्षदों को मध्यप्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1956 की धारा 17 (2) के तहत अयोग्य घोषित किया जाए और उनके स्थान पर पुनः चुनाव कराया जाए।

कांग्रेस और महिला कांग्रेस की ओर से यह आरोप था कि तीनों पार्षदों ने दल बदलकर नियमों का उल्लंघन किया है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।

इसके बाद, सोनिला मिमरोट ने अधिवक्ता जयेश गुरनानी के माध्यम से मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर की।

हाईकोर्ट ने 26 अगस्त 2025 को आदेश दिया कि राज्य शासन दो माह के भीतर याचिकाकार द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर सुनवाई करे और सभी पक्षों को मौका देते हुए निर्णय ले। याचिकाकार की ओर से अधिवक्ता जयेश गुरनानी ने पैरवी की, जबकि राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता डॉ. अमित भाटिया ने बहस की।

विशेष ध्यान दें: अगर हाईकोर्ट या राज्य सरकार की कार्रवाई में देरी होती है, तो इन तीनों पार्षदों की कुर्सी खतरे में आ सकती है और पुनः चुनाव की संभावना बन सकती है। यह मामला इंदौर नगर निगम में राजनीतिक समीकरणों और दल बदल कानून पर भी ध्यान आकर्षित करता है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp