इंदौर जू में बढ़ा शेरों का कुनबा, शेरनी सुंदरी ने दो शावकों को दिया जन्म; अब 14 हुई शेरों की संख्या
आठ महीने पहले शेरनी मेघा ने दिया था तीन शावकों को जन्म, अब सुंदरी के दो नन्हे मेहमानों से प्राणी संग्रहालय में उत्साह; मां और शावकों की सेहत पर लगातार नजर रख रहा जू प्रशासन
इंदौर। इंदौर के प्राणी संग्रहालय में वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशखबरी सामने आई है। यहां शेरनी सुंदरी ने दो शावकों को जन्म दिया है। इन दोनों नए मेहमानों के आने के बाद इंदौर जू में शेरों की कुल संख्या बढ़कर 14 हो गई है। इससे पहले प्राणी संग्रहालय में 12 शेर मौजूद थे। शेरों के परिवार में हुई इस नई वृद्धि से जू प्रशासन और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है।
सफेद टाइगर के लिए अपनी अलग पहचान रखने वाला इंदौर का प्राणी संग्रहालय अब शेरों के बढ़ते कुनबे को लेकर भी चर्चा में है। पिछले कुछ महीनों के दौरान यहां शेरों के परिवार में लगातार वृद्धि देखने को मिली है। करीब आठ महीने पहले शेरनी मेघा ने तीन शावकों को जन्म दिया था और अब शेरनी सुंदरी के दो शावकों के जन्म से जू में शेरों की संख्या 14 तक पहुंच गई है।
फिलहाल जू प्रशासन की प्राथमिकता शेरनी सुंदरी और उसके दोनों नवजात शावकों की देखभाल है। कर्मचारियों द्वारा उनकी गतिविधियों और स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।
तीन दिन पहले सुंदरी ने दिया दो शावकों को जन्म
प्राणी संग्रहालय में शेरनी सुंदरी ने करीब तीन दिन पहले दो शावकों को जन्म दिया। नवजात शावकों के शुरुआती दिन काफी महत्वपूर्ण होने के कारण जू प्रशासन उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है।
शेरनी के व्यवहार पर भी लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह अपने बच्चों की सामान्य रूप से देखभाल कर रही है। जू कर्मचारी भी शावकों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
वन्यजीवों के नवजात बच्चों के मामले में शुरुआती समय संवेदनशील माना जाता है। इसी कारण जू प्रशासन अनावश्यक हस्तक्षेप से बचते हुए निगरानी और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रहा है।
12 से बढ़कर 14 हुई शेरों की संख्या
सुंदरी के दो शावकों के जन्म से पहले इंदौर प्राणी संग्रहालय में कुल 12 शेर थे। अब दो नए शावकों के आने के बाद यह संख्या बढ़कर 14 हो गई है।
शेरों की संख्या में यह वृद्धि प्राणी संग्रहालय के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इंदौर जू में अलग-अलग वन्यजीवों को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय नागरिक पहुंचते हैं। ऐसे में शेरों का बढ़ता परिवार आने वाले समय में यहां आने वाले वन्यजीव प्रेमियों के आकर्षण का एक और कारण बन सकता है।
हालांकि फिलहाल नवजात शावकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा रही है और उन्हें लेकर जू प्रशासन विशेष सावधानी बरत रहा है।
आठ महीने पहले मेघा ने दिए थे तीन शावक
इंदौर जू में शेरों के कुनबे में यह पहली हालिया बढ़ोतरी नहीं है। करीब आठ महीने पहले शेरनी मेघा ने भी तीन शावकों को जन्म दिया था। इसके बाद अब सुंदरी के दो शावकों के जन्म ने जू के शेर परिवार को और बड़ा कर दिया है।
कुछ ही महीनों के अंतराल में शावकों के जन्म से प्राणी संग्रहालय के कर्मचारियों में भी खुशी है। नए शावकों के स्वस्थ विकास और उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मेघा के तीन शावकों के बाद सुंदरी के दो बच्चों का जन्म होने से इंदौर जू एक बार फिर वन्यजीव प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
सुंदरी के व्यवहार पर रखी जा रही लगातार नजर
नवजात शावकों के जन्म के बाद जू प्रशासन शेरनी सुंदरी के व्यवहार की लगातार निगरानी कर रहा है। मां का व्यवहार नवजात शावकों के स्वास्थ्य और विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।
कर्मचारी यह देख रहे हैं कि सुंदरी अपने बच्चों के साथ किस तरह व्यवहार कर रही है और शावकों की गतिविधियां सामान्य हैं या नहीं। इसके साथ ही उनकी सुरक्षा को लेकर भी विशेष व्यवस्था रखी गई है।
नवजात वन्यजीवों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। जू प्रशासन की कोशिश है कि शेरनी और उसके बच्चों को ऐसा वातावरण मिले, जिसमें वे सुरक्षित और सहज रह सकें।
शावकों की गतिविधियों पर भी कर्मचारियों की नजर
सुंदरी के दोनों शावकों की गतिविधियों की निगरानी जू कर्मचारियों द्वारा की जा रही है। जन्म के शुरुआती दिनों में उनकी सेहत और व्यवहार में आने वाले बदलावों पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है।
प्राणी संग्रहालय प्रशासन मां और दोनों शावकों के स्वास्थ्य तथा सुरक्षा को लेकर सतर्क है। फिलहाल उनके आसपास की गतिविधियों को नियंत्रित रखते हुए आवश्यक निगरानी की जा रही है।
जू के कर्मचारियों के लिए भी नए शावकों का जन्म उत्साह का अवसर है। शेरों के परिवार में हुई इस वृद्धि को लेकर स्टाफ में खुशी देखी जा रही है।
सफेद टाइगर के लिए भी प्रसिद्ध है इंदौर जू
इंदौर का प्राणी संग्रहालय लंबे समय से सफेद टाइगर सहित विभिन्न वन्यजीवों के कारण पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल यह जू बच्चों और परिवारों के साथ ही वन्यजीव प्रेमियों के बीच खासा लोकप्रिय है।
अब शेरों की संख्या 14 तक पहुंचने के बाद प्राणी संग्रहालय की वन्यजीव विविधता में शेरों की मौजूदगी और मजबूत हुई है। विशेष रूप से पिछले आठ महीनों में पांच शावकों के जन्म ने यहां शेरों के कुनबे को तेजी से बढ़ाया है।
वन्यजीव प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी
इंदौर जू में दो शावकों का जन्म शहर के वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी खुशी की खबर है। हालांकि नवजात होने के कारण अभी उनका स्वास्थ्य और सुरक्षित विकास जू प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
आने वाले दिनों में शावकों की स्थिति और उनके विकास को देखते हुए प्रशासन आगे की व्यवस्था तय करेगा। फिलहाल सुंदरी और दोनों शावकों की निगरानी लगातार जारी है।
इंदौर प्राणी संग्रहालय में शेरों के कुनबे का बढ़ना जू के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। आठ महीने पहले मेघा के तीन शावकों और अब सुंदरी के दो शावकों के जन्म के साथ शेरों का परिवार बढ़कर 14 सदस्यों का हो गया है। नए मेहमानों के आने से जू कर्मचारियों में उत्साह है, वहीं वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी यह खबर खास बन गई है।
