Indore : भागीरथपुरा में दूषित पानी का कहर, एक और मौत से इलाके में मातम
Indore, 21 जनवरी 2026: स्वच्छता के क्षेत्र में देश के नंबर-1 शहर इंदौर का भागीरथपुरा इलाका इन दिनों एक गंभीर मानवीय संकट का सामना कर रहा है। पाइपलाइन में सीवेज का गंदा पानी मिलने के कारण इलाके में फैल रहे संक्रमण ने कई परिवारों को प्रभावित किया है। ताजा जानकारी के अनुसार, कल रात अरविंदो हास्पिटल में इलाज के दौरान हेमंत गायकवाड़ (Hemant Gaikwad) नामक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की उम्र 51 वर्ष थी।
घटना का क्रम
Indore भागीरथपुरा निवासी हेमंत गायकवाड़, जिन्हें उनके जानकार प्यार से ‘बाला’ कहते थे, पिता गोविंद गायकवाड़ के सुपुत्र थे। जानकारी के अनुसार, हेमंत को दूषित पानी पीने के बाद स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएँ होने लगीं। प्रारंभ में उन्हें 22 दिसंबर को परदेशीपुरा स्थित वर्मा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था, लेकिन 7 जनवरी को उनकी स्थिति बिगड़ने के कारण उन्हें अरविंदो हास्पिटल में रेफर किया गया।
कल रात उपचार के दौरान, हेमंत की तबीयत और बिगड़ गई और चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के प्रयास किए, लेकिन संक्रमण और पानी से संबंधित जटिलताओं के चलते उनका निधन हो गया। हेमंत की मौत ने भागीरथपुरा में परिवार और समुदाय में शोक की लहर दौड़ा दी।
इलाके में फैलता संकट
भागीरथपुरा क्षेत्र में पिछले कुछ हफ्तों से पानी की समस्या लगातार गंभीर रूप ले रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि घरों तक जो पानी पहुंच रहा है, उसमें सीवेज मिलने के कारण गंदगी और संक्रमण फैल रहा है। कई परिवारों में दस्त, उल्टी, पेट में दर्द और बुखार जैसी बीमारियाँ देखी जा रही हैं।
स्थानीय लोग बताते हैं कि यह समस्या नई नहीं है, लेकिन हाल के दिनों में इसकी गंभीरता बढ़ गई है। कई लोग बताते हैं कि उन्होंने नगर निगम को बार-बार शिकायत की, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
प्रशासनिक पहल और स्वास्थ्य चेतावनी
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने मौके पर टीम भेजकर पानी की जांच की है। प्रारंभिक रिपोर्ट में पाइपलाइन में सीवेज मिलने की पुष्टि हुई है। अधिकारियों ने निवासियों को चेतावनी दी है कि दूषित पानी पीने से गंभीर संक्रमण हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से कहा है कि किसी भी तरह का नल का पानी पीने से बचें और केवल उबालकर या बॉटल्ड पानी का ही उपयोग करें। इसके साथ ही, बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
Indore भागीरथपुरा के निवासियों ने प्रशासन पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि वर्षों से यह समस्या लगातार बनी हुई है और कई परिवारों के लिए यह जीवन और मृत्यु का प्रश्न बन गया है। हेमंत गायकवाड़ की मौत ने लोगों में गुस्सा और हताशा दोनों बढ़ा दी है।
स्थानीय निवासी रेखा पांडेय ने कहा, “हमने कई बार नगर निगम और स्थानीय अधिकारियों को बताया, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। लोग मर रहे हैं, और प्रशासन केवल जांच करने तक ही सीमित है।”
अन्य निवासी रवि चौहान का कहना है, “बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। हर घर में कोई न कोई बीमार है। हम चाहते हैं कि तुरंत पानी की पाइपलाइन बदली जाए और सफाई की जाए।”
विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पाइपलाइन में सीवेज का मिलना गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर सकता है। दूषित पानी पीने से डायरिया, हैजा, वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण फैल सकते हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का तुरंत समाधान नहीं किया गया, तो इलाके में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
विशेषज्ञों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि क्षेत्र में तुरंत आपातकालीन पानी की व्यवस्था, पाइपलाइन की मरम्मत और सफाई अभियान शुरू किया जाए। इसके अलावा, स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर संक्रमित लोगों का उपचार किया जाना चाहिए।
नगर निगम और प्रशासन की प्रतिक्रिया
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि भागीरथपुरा में पानी की जांच के लिए टीम भेजी गई है और पाइपलाइन में गड़बड़ी की पुष्टि की गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पानी की सफाई और पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।
नगर निगम ने निवासियों से अपील की है कि वे दूषित पानी का उपयोग न करें और किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।
सामाजिक और मानवतावादी पहल
Indore भागीरथपुरा में कई सामाजिक संगठनों ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए कदम बढ़ाया है। उन्होंने पानी की बोतलें, प्राथमिक स्वास्थ्य सामग्री और स्वच्छता किट वितरित करना शुरू किया है। स्थानीय युवा और सामाजिक कार्यकर्ता क्षेत्र में जागरूकता फैलाने और लोगों को दूषित पानी से बचाने में लगे हुए हैं।
सामुदायिक प्रयासों में बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल के लिए विशेष टीम बनाई गई है। इन टीमों का उद्देश्य है कि दूषित पानी के कारण होने वाले संक्रमण को नियंत्रित किया जा सके और इलाके में स्वास्थ्य संकट को कम किया जा सके।
निष्कर्ष
Indore भागीरथपुरा की पानी की समस्या ने स्थानीय निवासियों और प्रशासन दोनों के लिए चुनौती पेश की है। हेमंत गायकवाड़ की मौत ने इस संकट की गंभीरता को उजागर किया है। प्रशासन और नगर निगम को तुरंत प्रभावी कदम उठाने होंगे ताकि पानी की सफाई और पाइपलाइन की मरम्मत कर इलाके में स्वास्थ्य संकट को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों की मदद से ही इस संकट को कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जल, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर ध्यान न दिया गया तो इलाके में और भी मौतों की आशंका बनी रहेगी।
भागीरथपुरा की जनता और प्रशासन दोनों के लिए यह चेतावनी है कि जल संरक्षण, पाइपलाइन की सुरक्षा और स्वच्छता पर तत्काल ध्यान देना जरूरी है।
