इंदौर: सराफा चौपाटी के आयोजन को व्यवस्थित करने के लिए नगर निगम ने दुकानों की संख्या सीमित कर दी है। शुक्रवार को चौपाटी में केवल 69 दुकानें लग सकीं। नगर निगम ने दुकानों का क्रम तय किया और दुकानदारों को नंबरों की तख्तियां प्रदान कीं। अब केवल तख्तियां दिखाने पर ही दुकानदार अपनी दुकान लगा सकेंगे।
सूची पर आपत्ति
डेढ़ सौ से अधिक दुकानों को चौपाटी से हटाया गया। जिन दुकानदारों को जगह नहीं मिली, उन्होंने सूची पर सवाल उठाए हैं। कुछ दुकानदार कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। इसे देखते हुए नगर निगम ने कोर्ट में कैविएट दायर की है ताकि यदि मामला कोर्ट में जाता है तो निगम भी अपना पक्ष रख सके।

दुकानदारों के आरोप
दुकानदारों का आरोप है कि चौपाटी की सूची तैयार करते समय कुछ पदाधिकारी एक से अधिक दुकानें ले गए। इस पर सराफा के लिए बनाई गई कमेटी ने कहा कि सूची अभी अंतिम नहीं है और जांच के बाद उसमें बदलाव किया जा सकता है।

चौपाटी का आकार और व्यवस्था
नगर निगम ने चौपाटी का आकार छोटा किया है, जिससे चौपाटी में अधिक खुलापन नजर आया। शुक्रवार को चौपाटी केवल साढ़े 9 बजे के बाद लगाई गई। निगम ने पहले सूची में 100 दुकानदारों को शामिल करने की बात कही थी, लेकिन अंतिम सूची में संख्या घटाकर 69 कर दी गई। दुकानदारों का कहना है कि सूची तैयार करने में पारदर्शिता नहीं बरती गई और किस आधार पर चयन हुआ, इसकी जानकारी नहीं दी गई।
