इंदौर: सत्यसाईं चौराहा फ्लायओवर निर्माण में 18 महीने बाद भी सिर्फ 10% काम, जाम और हादसों से परेशान शहरवासी
सत्यसाईं चौराहे पर फ्लायओवर निर्माण का काम शुरू हुए डेढ़ साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक केवल 10 प्रतिशत ही काम पूरा हो सका है। कुल 13 पियर बनाए जाने हैं, जिनमें से सिर्फ 6 पियर के फाउंडेशन पर आंशिक कार्य हुआ है। हैरानी की बात यह है कि अभी तक पूरा फाउंडेशन भी तैयार नहीं हो पाया।
जानकारी के अनुसार, निर्माण एजेंसी इस प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में नाकाम रही है, जिसके चलते काम की रफ्तार बेहद धीमी है।
रोजाना जाम और हादसे
शहर का मुख्य चौराहा होने की वजह से यहां रोज ट्रैफिक जाम लगता है। बरसात के मौसम में कीचड़ और फिसलन के कारण हादसों की संख्या बढ़ गई है। इसके अलावा, सर्विस रोड पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से वाहनों के निकलने की जगह नहीं बचती, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य की गति नहीं बढ़ाई गई, तो आने वाले महीनों में यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
कम स्टाफ और मशीनों की कमी से रुका निर्माण, प्रोजेक्ट प्रगति नगण्य
इंदौर और पीथमपुर के तीन बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स पर कुल मिलाकर केवल 20 श्रमिक काम कर रहे हैं, जबकि प्रत्येक साइट पर कम से कम 70-80 श्रमिकों की आवश्यकता है। मशीनों और निर्माण सामग्री की आपूर्ति में भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। हैरानी की बात यह है कि 75% समय बीत जाने के बावजूद 10% काम भी पूरा नहीं हुआ। स्थिति यह है कि साइट पर मजदूरों से ज्यादा संख्या में सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। अब तक तीन बार प्रोजेक्ट हेड बदले जा चुके हैं, लेकिन काम की रफ्तार में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
एप्रोच रोड पर आंशिक काम, गर्डर लॉन्चिंग अब भी दूर
निर्माण एजेंसी ने देवास नाका की ओर की भुजा पर पूरी सड़क डायवर्ट कर एप्रोच रोड बनाने का कार्य शुरू किया है, लेकिन अब तक पियर के ऊपर बनने वाली पियर कैप भी नहीं डाली गई है। वहीं विजय नगर की ओर अब भी फाउंडेशन का काम जमीन के भीतर चल रहा है। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि साल के अंत तक भी गर्डर लॉन्चिंग संभव नहीं है।
सत्यसाईं फ्लायओवर निर्माण में गलत आंकड़ों का खुलासा, डेडलाइन मार्च 2026 – 90% काम अभी बाकी
फरवरी में लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह की रेसीडेंसी में हुई समीक्षा बैठक के दौरान, एमपीआरडीसी ने सत्यसाईं और आईटी पार्क चौराहे के निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट में भ्रामक आंकड़े पेश किए। रिपोर्ट में सत्यसाईं फ्लायओवर की प्रगति 36% बताई गई थी, जबकि हकीकत में यह महज 8% के आसपास थी। इसी तरह वित्तीय प्रगति को 31% दर्शाया गया, जो वास्तविक स्थिति से काफी दूर थी।
62 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह छह लेन का फ्लायओवर 15 मार्च 2024 को जारी वर्क ऑर्डर के तहत मार्च 2026 तक पूरा होना अनिवार्य है। हालांकि, फिलहाल 90% कार्य अधूरा है और डेडलाइन तक महज 7 महीने शेष हैं। इस स्थिति ने समय पर परियोजना पूर्ण होने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
