इंदौर: शराब ठेकेदार भूपेंद्र रघुवंशी ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में हनी ट्रैप का जिक्र
इंदौर में शराब ठेकेदार और पब संचालक भूपेंद्र रघुवंशी (धार वाले) ने मंगलवार सुबह ज़हर खाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव उनके घर से बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में पुलिस को घटना स्थल से पांच पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने ब्लैकमेलिंग और हनी ट्रैप की वजह से यह कदम उठाने की बात लिखी है।
3 साल पहले क्लब में हुई थी महिला से मुलाकात
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि करीब तीन साल पहले भूपेंद्र की मुलाकात इति तिवारी नामक महिला से एक क्लब में हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नज़दीकियां बढ़ीं और इसके बाद कथित तौर पर महिला ने उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। सुसाइड नोट में भी इति तिवारी का नाम सामने आया है।
बताया जा रहा है कि महिला इंदौर आती-जाती रहती थी और इसी दौरान उसने भूपेंद्र को केस में फंसाने और सामाजिक रूप से बदनाम करने की धमकियां दीं। लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना और दबाव के कारण भूपेंद्र बीते कुछ समय से तनाव में थे।
परिजनों के बयान
भूपेंद्र के परिजनों का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से चुपचाप और उदास रहते थे। कारोबार और व्यक्तिगत जीवन में बढ़ते तनाव से वे बेहद परेशान थे। परिजनों ने आशंका जताई है कि ब्लैकमेलिंग के चलते ही उन्होंने यह कठोर कदम उठाया।
कारोबार और पहचान
भूपेंद्र रघुवंशी लंबे समय से शराब ठेकेदारी और क्लब व्यवसाय से जुड़े हुए थे। उन्होंने शहर में दो पब भी संचालित किए थे और इंदौर के बिजनेस जगत में उन्हें “धार वाले” नाम से जाना जाता था।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की तह तक जाकर ही असल वजह सामने आएगी। फिलहाल महिला पर ब्लैकमेलिंग और हनी ट्रैप के आरोपों की जांच की जा रही है।
बढ़ते हनी ट्रैप केस पर सवाल
यह मामला इंदौर में तेजी से बढ़ रहे हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग के मामलों पर एक बार फिर सवाल खड़े करता है। हाल के वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कारोबारी और प्रभावशाली लोग जाल में फंसकर आर्थिक व सामाजिक दबाव का शिकार हुए हैं।



