इंदौर: इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव की कथित करतूतें लगातार उजागर हो रही हैं। शिकायतों के अनुसार श्रीवास्तव बिना सेवा शुल्क किसी भी कार्य को पूरा नहीं करते हैं। हाल ही में अजय मानसिंगा नामक फरियादी ने IDA अध्यक्ष डॉक्टर सुदामा खाड़े को लिखित शिकायत भेजी, जिसमें श्रीवास्तव पर लाखों रुपए की मांग करने और फरियादी को परेशान करने का आरोप लगाया गया।
शिकायत में बताया गया कि अजय मानसिंगा को IDA द्वारा आवंटित भूखंड पर अन्य व्यक्ति ने अवैध कब्जा कर लिया था। कब्जा हटाने और लीज डीड जारी करने के लिए मनीष श्रीवास्तव बार-बार चक्कर लगवाते रहे और अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर फरियादी को परेशान किया। 2 जुलाई 2025 को श्रीवास्तव ने मल्हारगंज SDM और नगर निगम रिमूवल उपायुक्त को पत्र भेजकर कब्जा हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन अवैध कब्जाधारी ने कोर्ट का रुख किया। इस मामले में श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी पीछे हट गए, जबकि फरियादी को कोर्ट का आदेश मिलने के बावजूद भी लीज डीड जारी नहीं की गई।

शिकायतकर्ता अजय मानसिंगा ने यह भी आरोप लगाया कि श्रीवास्तव ने स्टांप ड्यूटी के नाम पर मामले को और टालने की कोशिश की, लेकिन DRM ने स्पष्ट किया कि स्टांप ड्यूटी का मसला पंजीयन विभाग का है और IDA को लीज डीड जारी करनी चाहिए। शिकायतकर्ता ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों का भी पालन नहीं किया गया और उन्होंने लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू और आयकर विभाग तक शिकायत करने की बात कही।
