श्री चैतन्य आश्रम मेनपुरिया में 22 जुलाई से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव, कथा व्यास महंत स्वामी मणि महेश चैतन्य जी महाराज स्वयं पहुंचे बछोड़िया, ग्रामीणों को दिया सपरिवार आमंत्रण
संवाददाता अर्जुन कुमावत पिपलोदा
पिपलोदा/मंदसौर। मंदसौर जिले की सुप्रसिद्ध सिद्ध तपोस्थली श्री चैतन्य आश्रम, मेनपुरिया में आगामी 22 जुलाई 2026 से प्रारंभ होने वाले सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बनने लगा है। आयोजन की विशेषता यह रही कि कथा व्यास परम पूज्य महंत स्वामी मणि महेश चैतन्य जी महाराज स्वयं रतलाम जिले के पिपलोदा क्षेत्र के ग्राम बछोड़िया पहुंचे और ग्रामीणों से भेंट कर उन्हें सपरिवार इस आध्यात्मिक महोत्सव में शामिल होने का स्नेहपूर्ण निमंत्रण दिया।
संत का सान्निध्य प्राप्त कर ग्रामवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने पुष्पमालाओं एवं पारंपरिक सम्मान के साथ महाराज श्री का स्वागत किया और आगामी कथा एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव में बड़ी संख्या में शामिल होने का संकल्प लिया। पूरे गांव में आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला तथा श्रद्धालुओं ने संतों का आशीर्वाद प्राप्त कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
संत स्वयं पहुंचे श्रद्धालुओं के द्वार, दिया धर्म और संस्कार का संदेश

आमतौर पर धार्मिक आयोजनों के निमंत्रण पत्र समिति के सदस्यों द्वारा वितरित किए जाते हैं, लेकिन इस बार कथा व्यास महंत स्वामी मणि महेश चैतन्य जी महाराज स्वयं ग्रामीणों के बीच पहुंचे। उन्होंने प्रत्येक परिवार से आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें धर्म, सेवा, सत्संग और संस्कारों के महत्व से अवगत कराया।
महाराज श्री ने कहा कि धार्मिक आयोजन केवल कथा श्रवण तक सीमित नहीं होते, बल्कि यह व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता का संचार करते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे परिवार सहित कथा में उपस्थित होकर श्रीमद्भागवत के दिव्य संदेशों का लाभ प्राप्त करें।
बछोड़िया में श्रद्धालुओं ने किया भव्य स्वागत
महंत स्वामी मणि महेश चैतन्य जी महाराज के ग्राम बछोड़िया पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक भारतीय संस्कृति के अनुरूप उनका आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं ने मंगल गीत गाए, युवाओं ने पुष्पवर्षा की तथा वरिष्ठजनों ने संतों का अभिनंदन किया।
ग्रामवासियों ने कहा कि संतों का गांव में आगमन स्वयं भगवान की कृपा का प्रतीक होता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री चैतन्य आश्रम में आयोजित होने वाला यह धार्मिक महोत्सव क्षेत्र की धार्मिक चेतना को नई दिशा देगा।
श्री चैतन्य आश्रम मेनपुरिया: आस्था और तपस्या का प्रमुख केंद्र
मंदसौर जिले का श्री चैतन्य आश्रम, मेनपुरिया मालवा अंचल की प्रसिद्ध आध्यात्मिक तपोस्थलियों में से एक माना जाता है। यहां प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन, सत्संग और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने पहुंचते हैं।
यह पावन स्थल भूतभावन भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव के प्रतिष्ठाता परम पूज्य ब्रह्मलीन स्वामी श्री प्रत्यक्षानंद जी महाराज तथा उनके पूज्य गुरुदेव श्री चैतन्यदेव जी महाराज की तपोभूमि है। वर्षों से यह आश्रम आध्यात्मिक साधना, धार्मिक शिक्षा और सामाजिक सेवा का केंद्र बना हुआ है।
पूज्य स्वामी धीरेशानंद जी महाराज के सान्निध्य में होगा आयोजन
इस वर्ष आयोजित होने वाला श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव परम पूज्य स्वामी धीरेशानंद जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न होगा।
समिति के अनुसार आयोजन के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से अनेक संत, महात्मा, विद्वान एवं धर्माचार्य भी उपस्थित रहेंगे। श्रद्धालुओं को उनके प्रवचनों एवं सत्संग का लाभ प्राप्त होगा।
22 जुलाई से प्रारंभ होगी सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा
आयोजन समिति द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 22 जुलाई 2026 (बुधवार) से 28 जुलाई 2026 (मंगलवार) तक प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जाएगा।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र, भक्तों की महिमा, धर्म, भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, सेवा और मानव जीवन के आदर्शों पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किए जाएंगे।
श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण के आध्यात्मिक संदेशों के माध्यम से जीवन को सकारात्मक दिशा देने की प्रेरणा मिलेगी।
29 जुलाई को मनाया जाएगा गुरु पूर्णिमा महोत्सव
सात दिवसीय कथा के समापन के पश्चात 29 जुलाई 2026 (बुधवार) को गुरु पूर्णिमा महोत्सव बड़े ही श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा।
कार्यक्रम प्रातः 9:30 बजे प्रारंभ होगा। इस अवसर पर संतों के दिव्य प्रवचन, गुरु पूजन, आशीर्वचन तथा विशाल प्रसादी भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का सर्वोच्च पर्व माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने गुरुओं का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
धार्मिक आयोजन में शामिल होंगे हजारों श्रद्धालु
समिति को उम्मीद है कि कथा एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव में मंदसौर, रतलाम, नीमच, उज्जैन तथा आसपास के अनेक जिलों से हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कथा पंडाल, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, वाहन पार्किंग, चिकित्सा सहायता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
कथा के माध्यम से मिलेगा आध्यात्मिक मार्गदर्शन
आयोजन समिति का कहना है कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला सिखाने वाला आध्यात्मिक महाग्रंथ है।
कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को सत्य, प्रेम, करुणा, सेवा, त्याग, भक्ति और मानवता जैसे जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। विशेष रूप से युवाओं और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
गुरु-शिष्य परंपरा का मिलेगा संदेश
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर भी विशेष प्रकाश डाला जाएगा।
संतों का कहना है कि गुरु ही वह शक्ति हैं जो व्यक्ति को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। इसलिए गुरु पूर्णिमा केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और जीवन के मार्गदर्शन का भी महत्वपूर्ण अवसर है।
आयोजन समिति ने की अधिक से अधिक सहभागिता की अपील
श्री चैतन्य आश्रम लोक न्यास के अध्यक्ष प्रहलाद काबरा, उपाध्यक्ष डॉ. घनश्याम बटवाल, सचिव रूपनारायण जोशी, कोषाध्यक्ष महेश गर्ग सहित समस्त न्यासीगण एवं उत्सव कार्यकारिणी के सदस्यों ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से इस भव्य आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालु अपने परिवार, मित्रों और परिचितों सहित आयोजन में उपस्थित होकर कथा श्रवण, संतों के दर्शन, गुरु पूर्णिमा महोत्सव तथा प्रसादी भंडारे का लाभ प्राप्त करें।
धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का बनेगा केंद्र
आयोजन समिति का मानना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन केवल आध्यात्मिक उन्नति तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज में भाईचारा, सहयोग, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं को भी मजबूत करते हैं।
श्री चैतन्य आश्रम मेनपुरिया में आयोजित यह सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करेगा, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच, सद्भाव और संस्कारों के प्रसार का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
समिति ने विश्वास व्यक्त किया है कि इस वर्ष का आयोजन पूर्व वर्षों की तुलना में अधिक भव्य, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं की व्यापक सहभागिता वाला होगा। क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु इस पुण्य अवसर पर उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करेंगे तथा संतों के दिव्य सान्निध्य से अपने जीवन को आध्यात्मिक दिशा प्रदान करेंगे।
