बेंगलुरु में लॉन्च हुआ विश्वस्तरीय RISM विश्वविद्यालय:
बेंगलुरु, 29 अप्रैल 2026: शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और भविष्य-उन्मुख कदम उठाते हुए गोकुल एजुकेशन फाउंडेशन (मेडिकल) ने एक नए विश्वस्तरीय स्टेम और मैनेजमेंट विश्वविद्यालय ‘रामैया इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट (RISM)’ की शुरुआत की है। यह विश्वविद्यालय यूनिवर्सिटी एट अल्बानी, स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क के साथ साझेदारी में स्थापित किया गया है, जो इसे वैश्विक शिक्षा मानकों से जोड़ता है।
यह नई पहल भारत में उच्च शिक्षा को एक नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत करती है, जहां तकनीक, उद्योग और अकादमिक शिक्षा का समन्वय कर छात्रों को भविष्य के लिए तैयार किया जाएगा।
शिक्षा का नया वैश्विक मॉडल
RISM को एक ‘डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी’ के रूप में विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से आगे बढ़कर व्यावहारिक और उद्योग-आधारित शिक्षा प्रदान करना है।
गोकुल एजुकेशन फाउंडेशन पहले से ही रामैया यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज, रामैया मेडिकल कॉलेज और रामैया मेमोरियल हॉस्पिटल का संचालन करता है। अब RISM के माध्यम से संस्था ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत की है।
विश्वविद्यालय का पहला शैक्षणिक सत्र अगस्त 2026 से शुरू होगा।
एआई, एयरोस्पेस और स्टेम शिक्षा पर विशेष फोकस
RISM का मुख्य फोकस विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, गणित (STEM) और मैनेजमेंट शिक्षा पर रहेगा।
शुरुआती चरण में निम्नलिखित कोर्स शुरू किए जाएंगे—
- कंप्यूटर साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (B.Tech)
- एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
- इलेक्ट्रिकल साइंसेज
- बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA)
- मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA)
इन सभी कोर्सेज को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छात्र केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने की क्षमता भी विकसित कर सकें।

उद्योग-आधारित शिक्षा मॉडल
RISM का सबसे बड़ा आकर्षण इसका इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड शिक्षा मॉडल है।
यहां पाठ्यक्रम उद्योग विशेषज्ञों और अकादमिक संस्थानों के सहयोग से तैयार किए गए हैं। इसमें शामिल होंगे—
- लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स
- इंटर्नशिप प्रोग्राम
- कैपस्टोन असाइनमेंट
- कॉर्पोरेट-प्रायोजित उत्कृष्टता केंद्र
इसके अलावा छात्रों को “मेंटोर प्रोफेसर” और “प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस” के मार्गदर्शन में पढ़ाया जाएगा, जो उद्योग जगत के अनुभवी विशेषज्ञ होंगे।
ट्रांसलेशनल रिसर्च पर जोर
RISM में शिक्षा के साथ-साथ रिसर्च को भी केंद्र में रखा गया है।
विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां—
- अनुसंधान सीधे उद्योग में लागू हो सके
- नवाचार को बढ़ावा मिले
- छात्रों को वास्तविक समस्याओं पर काम करने का अवसर मिले
यह मॉडल शिक्षा को केवल नौकरी पाने का साधन नहीं बल्कि समाधान विकसित करने की प्रक्रिया बनाता है।
ग्लोबल पार्टनरशिप से मजबूत आधार
यूनिवर्सिटी एट अल्बानी के साथ साझेदारी RISM को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाती है।
SUNY Albany के साथ यह सहयोग कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग, बिजनेस और नैनोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देगा।
छात्रों को विदेश में अध्ययन, वैश्विक अनुभव और इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स में भागीदारी के अवसर भी मिलेंगे।
देवनहल्ली में आधुनिक कैंपस
RISM का मुख्य आवासीय कैंपस बेंगलुरु के देवनहल्ली स्थित ITIR क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है।
यह स्थान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह—
- एयरोस्पेस पार्क
- स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन
- ग्लोबल फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट
- और फॉक्सकॉन जैसी बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं के करीब है
इससे छात्रों को सीधे उद्योगों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
येलहंका से अस्थायी शुरुआत
विश्वविद्यालय का शैक्षणिक संचालन सितंबर 2027 तक पूर्ण रूप से विकसित कैंपस में स्थानांतरित किया जाएगा।
इससे पहले अगस्त 2026 से कक्षाएं येलहंका स्थित ट्रांजिट कैंपस से शुरू होंगी।
छात्रों के लिए समग्र विकास मॉडल
RISM केवल अकादमिक शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा।
यहां छात्रों के समग्र विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिसमें शामिल होगा—
- खेलकूद गतिविधियां
- सांस्कृतिक कार्यक्रम
- नेतृत्व विकास
- उद्यमशीलता प्रशिक्षण
- वेलनेस और मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम
इस मॉडल का उद्देश्य छात्रों को केवल डिग्रीधारी नहीं बल्कि संपूर्ण व्यक्तित्व वाला पेशेवर बनाना है।
गोकुल एजुकेशन फाउंडेशन की दृष्टि
गोकुल एजुकेशन फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक और मुख्य रणनीति अधिकारी गुरुचरण गोलरकेरी ने कहा कि आज की दुनिया तेजी से बदल रही है और शिक्षा प्रणाली को भी उसी गति से बदलने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि RISM का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करना है, जहां लगातार सीखना और अनुकूलन सबसे महत्वपूर्ण होगा।
वैश्विक नागरिक बनाने का लक्ष्य
यूनिवर्सिटी एट अल्बानी के प्रेसिडेंट ने भी इस साझेदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह पहल वैश्विक नागरिक तैयार करने में मदद करेगी।
यह विश्वविद्यालय छात्रों को न केवल तकनीकी रूप से मजबूत बनाएगा, बल्कि उन्हें वैश्विक दृष्टिकोण और नेतृत्व क्षमता भी प्रदान करेगा।
निष्कर्ष
RISM विश्वविद्यालय भारत में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत का संकेत है।
एआई, एयरोस्पेस, मैनेजमेंट और स्टेम शिक्षा को उद्योग से जोड़ते हुए यह संस्थान छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।
यह पहल न केवल भारतीय शिक्षा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाएगी, बल्कि आने वाले समय में नवाचार, अनुसंधान और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
