AIM Congress 2026: मध्य प्रदेश में स्कूल खोलेगी GEMS Education, AI और कोडिंग पर तैयार होंगे फ्यूचर-रेडी प्रोग्राम
दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने GEMS Education के चेयरमैन सनी वर्की से की मुलाकात, शिक्षा क्षेत्र में निवेश और आधुनिक पाठ्यक्रम पर हुई चर्चा
दुबई/भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और वैश्विक शिक्षण अनुभव से जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 (Annual Investment Meeting) के तीसरे दिन GEMS Education के संस्थापक एवं चेयरमैन सनी वर्की से मुलाकात की। बैठक में मध्य प्रदेश में नए स्कूल खोलने और विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग तथा आधुनिक तकनीक पर आधारित फ्यूचर-रेडी शैक्षणिक कार्यक्रम तैयार करने पर चर्चा हुई।
इस मुलाकात को मध्य प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में निजी निवेश आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रस्तावित पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
मध्य प्रदेश में स्कूल खोलने की योजना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सनी वर्की के बीच हुई बैठक में GEMS Education द्वारा मध्य प्रदेश में शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। कंपनी प्रदेश में आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्कूल खोलने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।
इन स्कूलों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ डिजिटल तकनीक, नवाचार, समस्या समाधान, रचनात्मक सोच और व्यावहारिक कौशल से जोड़ने की योजना पर काम किया जाएगा। इससे प्रदेश के विद्यार्थियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप शिक्षा प्राप्त करने के नए अवसर मिल सकते हैं।
हालांकि स्कूलों की संख्या, निवेश राशि, स्थान और परियोजना प्रारंभ होने की समय-सीमा से संबंधित विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इन विषयों पर आगे की बातचीत और औपचारिक प्रक्रिया के बाद स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।
AI और कोडिंग पर रहेगा विशेष जोर
नई शिक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग को विशेष महत्व दिए जाने की बात कही गई है। वर्तमान समय में तकनीक तेजी से बदल रही है और भविष्य के रोजगार के लिए विद्यार्थियों को कम उम्र से डिजिटल कौशल उपलब्ध कराना आवश्यक माना जा रहा है।
प्रस्तावित फ्यूचर-रेडी कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल तकनीक का उपयोग करना ही नहीं, बल्कि तकनीकी समस्याओं को समझने और उनके समाधान विकसित करने के लिए भी तैयार किया जा सकता है। कोडिंग से विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, रचनात्मकता और समस्या समाधान कौशल को विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को बदलते तकनीकी वातावरण से परिचित कराएंगे। इससे वे भविष्य में डेटा, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, सॉफ्टवेयर और अन्य उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करना उद्देश्य
इस पहल का प्रमुख उद्देश्य मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा उपलब्ध कराना है, जो उन्हें भविष्य की चुनौतियों और रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के लिए तैयार कर सके। तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में केवल पाठ्यपुस्तकों पर आधारित शिक्षा पर्याप्त नहीं मानी जा रही है।
फ्यूचर-रेडी कार्यक्रमों में तकनीकी ज्ञान के साथ संवाद कौशल, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, नवाचार और उद्यमिता जैसे विषयों को भी महत्व दिया जा सकता है। इससे विद्यार्थी पढ़ाई के दौरान ही अपने कौशल और रुचि के अनुसार भविष्य की दिशा तय कर पाएंगे।
शिक्षा विशेषज्ञ लंबे समय से इस बात पर जोर देते रहे हैं कि विद्यार्थियों को शुरुआती कक्षाओं से ही व्यावहारिक एवं कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ा जाना चाहिए। GEMS Education के साथ संभावित सहयोग इस दिशा में प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बन सकता है।
शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी रहेगा ध्यान
आधुनिक पाठ्यक्रमों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण भी आवश्यक होगा। AI, कोडिंग और डिजिटल शिक्षा जैसे विषयों को विद्यार्थियों तक सरल एवं रोचक तरीके से पहुंचाने के लिए शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों से परिचित कराना पड़ेगा।
संभावित सहयोग के अंतर्गत शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षण सामग्री, स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक मूल्यांकन प्रणाली जैसे क्षेत्रों में भी काम किया जा सकता है। प्रशिक्षित शिक्षक विद्यार्थियों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझते हुए तकनीक आधारित शिक्षा को प्रभावी बना सकेंगे।
इसके अतिरिक्त स्कूलों में ऐसा वातावरण विकसित करने की आवश्यकता होगी, जहां विद्यार्थी प्रयोग, शोध, नवाचार और प्रोजेक्ट आधारित गतिविधियों के माध्यम से सीख सकें।
शिक्षा क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने का प्रयास
एआईएम कांग्रेस-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भागीदारी का उद्देश्य मध्य प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों के लिए निवेश आकर्षित करना है। शिक्षा क्षेत्र में निवेश से प्रदेश में नए संस्थान स्थापित होने के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
नए स्कूलों के संचालन के लिए शिक्षकों, प्रशिक्षकों, तकनीकी विशेषज्ञों और प्रशासनिक कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। इसके अलावा डिजिटल शिक्षा से संबंधित कंपनियों, उपकरण आपूर्तिकर्ताओं और प्रशिक्षण संस्थाओं को भी अवसर मिल सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों के सामने मध्य प्रदेश की संभावनाओं, उपलब्ध संसाधनों और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण की जानकारी रखी। GEMS Education के साथ हुई बैठक को इसी निवेश अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है।
सनी वर्की के साथ शिक्षा मॉडल पर चर्चा
GEMS Education के चेयरमैन एवं संस्थापक सनी वर्की के साथ बैठक में वैश्विक स्तर पर अपनाए जा रहे आधुनिक शिक्षा मॉडल और उन्हें मध्य प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप लागू करने की संभावनाओं पर बातचीत हुई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के विद्यार्थियों को बेहतर और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षा में तकनीक और नवाचार का समावेश युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
औपचारिक कार्ययोजना का इंतजार
GEMS Education द्वारा मध्य प्रदेश में स्कूल खोलने और फ्यूचर-रेडी कार्यक्रम शुरू करने की योजना शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हालांकि परियोजना के स्थान, निवेश, शुल्क व्यवस्था, स्कूलों की संख्या और संचालन शुरू होने की तारीख से संबंधित औपचारिक विवरण की प्रतीक्षा है।
आगामी चरण में राज्य सरकार और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। औपचारिक समझौते और कार्ययोजना सामने आने के बाद ही परियोजना के वास्तविक स्वरूप और उससे विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभ की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
