संभागायुक्त और कलेक्टर ने राज्यपाल से की मुलाकात, प्रशासनिक मुद्दों पर हुआ व्यापक विचार-विमर्श
इंदौर : मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल इन दिनों इंदौर के दो दिवसीय प्रवास पर हैं। प्रवास के दौरान राज्यपाल ने इंदौर और महू में आयोजित विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में भाग लेते हुए विकास, सुशासन और जनता से संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। इसी क्रम में बुधवार की शाम रेसीडेंसी कोठी में राज्यपाल श्री पटेल से इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े और कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने सौजन्य भेंट की। इस मुलाकात में संभाग और जिले से जुड़े कई अहम प्रशासनिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
राज्यपाल और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच रचनात्मक चर्चा
मुलाकात के दौरान संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने राज्यपाल को इंदौर संभाग में चल रही प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं, जैसे—
- सड़क एवं परिवहन सुधार,
- शहरी विकास के प्रमुख कार्य,
- स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार,
- ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्य,
- जल संसाधन और सिंचाई परियोजनाएँ
- —इन सभी की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
उन्होंने बताया कि सरकार के लक्ष्य के अनुरूप प्रशासन लगातार ऐसे प्रयास कर रहा है जिससे विकास कार्यों को तेज गति मिले और जनता को सेवाएं अधिक सुलभ हों।
कलेक्टर ने जिले की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों का प्रस्तुत किया विवरण
कलेक्टर शिवम वर्मा ने राज्यपाल के समक्ष जिले की कानून-व्यवस्था,
- अपराध नियंत्रण,
- महिला सुरक्षा,
- प्रशासनिक दक्षता,
- राजस्व संबंधी कार्य,
- लोकसेवा गारंटी अधिनियम के तहत समयबद्ध सेवाएं
आदि विषयों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन पारदर्शी कार्यप्रणाली और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। राज्यपाल ने की प्रशासन की कार्यकुशलता की सराहना
राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल ने संभागायुक्त और कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत जानकारी की सराहना करते हुए कहा कि लोककल्याणकारी परियोजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए संवेदनशील, पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने अधिकारियों को जनसेवा को केंद्र में रखकर काम करने की प्रेरणा दी और कहा कि प्रशासन का अंतिम उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान और उन्हें बेहतर जीवन प्रदान करना होना चाहिए।
संवाद और नवाचार को बताया सफलता की कुंजी
राज्यपाल ने अधिकारियों को सलाह दी कि
- लगातार सतत निगरानी,
- तकनीकी नवाचार,
- समयबद्ध कार्यान्वयन,
- और जनभागीदारी
से ही योजनाओं की सफलता सुनिश्चित हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन और जनता के बीच संवाद जितना मजबूत होगा, योजनाओं का प्रभाव उतना ही बेहतर दिखाई देगा। राज्यपाल ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि लोकसेवा को सर्वोपरि रखते हुए हर अधिकारी को जमीनी स्तर पर समस्याओं को समझकर समाधानोन्मुख दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
इंदौर और महू के कार्यक्रमों में भी शामिल हुए राज्यपाल
राज्यपाल श्री पटेल दिनभर इंदौर और महू में आयोजित विभिन्न सरकारी व सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। इन कार्यक्रमों में उन्होंने विकास कार्यों की समीक्षा की और नागरिकों को संबोधित करते हुए जनहित के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुलाकात का निष्कर्ष
यह मुलाकात प्रशासनिक पारदर्शिता, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सुशासन की दिशा में सकारात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है। राज्यपाल द्वारा दी गई प्रेरणा और सुझावों से निश्चित रूप से प्रशासनिक तंत्र की कार्यक्षमता को नई ऊर्जा मिलेगी तथा विकास कार्यों की गति और तेज होगी।
