श्री रविदास व्यायामशाला में विजयादशमी पर शस्त्र पूजन समारोह आयोजित
शस्त्रों और खेल उपकरणों का विधि-विधान से पूजन, युवाओं को परंपरा, अनुशासन और आत्मरक्षा के महत्व का संदेश
विजयादशमी के शुभ अवसर पर श्री रविदास व्यायामशाला में शस्त्र पूजन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में व्यायामशाला की परंपराओं और भारतीय संस्कृति के अनुरूप शस्त्रों एवं खेल उपकरणों का पूजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने परंपरा के संरक्षण और युवाओं को शारीरिक प्रशिक्षण के प्रति प्रेरित करने का संदेश दिया।
समारोह में उस्ताद श्री कमल राम पाल तथा लाठी संघ के अध्यक्ष एवं अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो कोच श्री मिथिलेश कैमरे ने शस्त्रों और शास्त्रों का पूजन किया। पूजन के माध्यम से भारतीय संस्कृति में शस्त्र और शास्त्र दोनों के महत्व को रेखांकित किया गया। जहां शास्त्र व्यक्ति को ज्ञान, विवेक और सदाचार की प्रेरणा देते हैं, वहीं शस्त्र आत्मरक्षा, साहस और अनुशासन का प्रतीक माने जाते हैं।
कार्यक्रम में खलीफा आनंद लाखरे, गंगाराम रोशन, रमन केरो, राकेश खलीफा, व्यायामशाला के उपाध्यक्ष विजेंद्र पाल, सचिव अनिल जाटव, प्रभारी लक्ष्मण जाटव, अकबर पटेल, मंत्री राहुल छापे, राज नानेरिया और गुलशन मोहोबिया सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन में सहभागिता कर व्यायामशाला की परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

समारोह का उद्देश्य केवल धार्मिक परंपरा का निर्वहन करना नहीं, बल्कि युवाओं को भारतीय संस्कृति, शारीरिक व्यायाम, आत्मरक्षा और अनुशासित जीवनशैली के प्रति जागरूक करना भी रहा। व्यायामशालाएं लंबे समय से शारीरिक क्षमता के विकास के साथ-साथ साहस, एकता और सामाजिक सद्भाव की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं।
विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इस अवसर पर शस्त्र पूजन के माध्यम से शक्ति के सदुपयोग, आत्मसंयम और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को भी महत्व दिया गया। आयोजन ने व्यायामशाला की सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी को उनसे जोड़ने का संदेश दिया।
श्री रविदास व्यायामशाला में आयोजित यह समारोह परंपरा, संस्कृति, अनुशासन और आत्मरक्षा के महत्व को रेखांकित करने वाला आयोजन रहा।
